Advertisement

UP के मजदूरों के लिए नई सरकारी योजना, श्रमिकों को मिलेगी खास ट्रेनिंग और खाते में आएंगे सीधे पैसे

CM Yogi: यह योजना उन श्रमिकों के लिए एक नई शुरुआत है, जो सालों से मेहनत तो करते हैं लेकिन आगे बढ़ने के मौके नहीं मिलते. अब सरकार उनके साथ खड़ी है. सीख भी मिलेगी, कमाई की भरपाई भी होगी और भविष्य सुरक्षित बनेगा.

Author
02 Jan 2026
( Updated: 02 Jan 2026
08:53 AM )
UP के मजदूरों के लिए नई सरकारी योजना, श्रमिकों को मिलेगी खास ट्रेनिंग और खाते में आएंगे सीधे पैसे
Image Source: Social Media

Government Scheme for Laborers in UP: ईंट, पत्थर, रेत और सीमेंट के बीच दिन-रात मेहनत करने वाले निर्माण श्रमिक अब सिर्फ मजदूर नहीं रहेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके लिए एक ऐसी योजना शुरू की है, जिससे वे सीखेंगे भी, आगे बढ़ेंगे भी और सुरक्षित भविष्य भी बना पाएंगे. इस योजना का मकसद है कि श्रमिकों को काम के साथ-साथ हुनर की ट्रेनिंग, आर्थिक सहारा और रोजगार की गारंटी मिले. अब उनके हाथों में केवल औजार नहीं होंगे, बल्कि हुनर और पहचान भी होगी.

योजना क्या है और किसके लिए है?

उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पास प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 89 लाख निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं. सरकार चाहती है कि इन सभी श्रमिकों को इस योजना से जोड़ा जाए. इसके लिए बोर्ड और दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के बीच समझौता (एमओयू) किया गया है, ताकि योजना सही तरीके से और तेजी से लागू हो सके.

CM योगी की बड़ी पहल, माघ मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए दस योजनाएं लागू, आपात स्थिति में होगी तुरंत कार्रवाई

श्रमिकों को क्या-क्या फायदा मिलेगा?


इस योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को आधुनिक तकनीक और नए तरीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे उनका काम और बेहतर होगा, वे ज्यादा कुशल बनेंगे और उन्हें अच्छी मजदूरी वाले काम मिलने के मौके बढ़ेंगे. ट्रेनिंग के दौरान अगर श्रमिक काम पर नहीं जा पाएंगे और उनकी मजदूरी का नुकसान होगा, तो उसकी भरपाई सीधे बैंक खाते में डीबीटी के जरिए की जाएगी. यानी सीखते समय भी जेब खाली नहीं रहेगी.

कहां से शुरू हो रही है ट्रेनिंग?

योजना की शुरुआत पहले चरण में प्रदेश के सात जिलों से की गई है. इनमें
गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी शामिल हैं. पहले चरण में 20 हजार श्रमिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और आगे चलकर कुल 1 लाख श्रमिकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है.

ट्रेनिंग कौन देगा और सर्टिफिकेट क्यों जरूरी है?


यह प्रशिक्षण निटकान लिमिटेड नाम की सरकारी संस्था द्वारा दिया जाएगा. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद श्रमिकों को प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) मिलेगा. यह सर्टिफिकेट बहुत काम का होगा, क्योंकि इसके सहारे श्रमिकों को देश के साथ-साथ विदेशों में भी नौकरी पाने में मदद मिलेगी. यानी अब मेहनत के साथ पहचान और सम्मान भी मिलेगा.

मेहनत को मिलेगी नई उड़ान

यह भी पढ़ें

यह योजना उन श्रमिकों के लिए एक नई शुरुआत है, जो सालों से मेहनत तो करते हैं लेकिन आगे बढ़ने के मौके नहीं मिलते. अब सरकार उनके साथ खड़ी है. सीख भी मिलेगी, कमाई की भरपाई भी होगी और भविष्य सुरक्षित बनेगा. यह योजना निर्माण श्रमिकों की जिंदगी बदलने की दिशा में एक बड़ा और जरूरी कदम है. 

Tags

Advertisement

टिप्पणियाँ 0

LIVE
Advertisement
Podcast video
'हरे सांपों को निकाल फेंको, भारत का मुसलमान भारत के लिए वफ़ादार नहीं' ! Harshu Thakur
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें