×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच सराफा बाजार में हलचल, सोना ₹16 हजार और चांदी ₹45 हजार सस्ती हुई

Gold-Silver Price Today: मिडल ईस्ट युद्ध के तनाव के बीच भारतीय सराफा बाजार में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जहां सोना ₹16,000 और चांदी ₹45,000 तक सस्ती हो गई है.

Author
27 Mar 2026
( Updated: 27 Mar 2026
08:21 PM )
मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच सराफा बाजार में हलचल, सोना ₹16 हजार और चांदी ₹45 हजार सस्ती हुई
AI_Generated
Advertisement

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बावजूद सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है. हालांकि, कभी इनके भाव आसमान छूते नजर आते हैं, तो कभी जमीन पर रेंगते हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट सराफा बाजार हलचल पैदा कर दी है.

IBJA के मुताबिक सोने के क्या भाव चल रहे हैं?

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 10 ग्राम सोने के दाम में 3,263 रुपए की कमी आई, जिससे यह 1.43 लाख रुपए के स्तर पर पहुंच गया. गौरतलब है कि बुधवार को इसकी कीमत 1.46 लाख रुपए थी.

सोना 16,155 रुपए और चांदी 45,053 रुपए तक सस्ता

वहीं, सोने के साथ चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है. एक किलो चांदी 13,167 रुपए सस्ती होकर 2.22 लाख रुपए पर आ गई है. 25 मार्च को यही चांदी 2.35 लाख रुपए प्रति किलो के भाव पर बिक रही थी. पिछले 28 दिनों के भीतर युद्ध की अनिश्चितताओं के बीच सोना 16,155 रुपए और चांदी 45,053 रुपए तक सस्ती हो चुकी है.

Advertisement

जंग के बीच क्यों फिकी पड़ रही चमक?

आमतौर पर युद्ध की स्थिति में सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की मांग बढ़ती है, लेकिन मौजूदा स्थिति के दौरान बाजार में इसके उलट परिणाम देखने को मिल रहा है. हालांकि, कीमतों में इस अप्रत्याशित गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण बताए जा रहे हैं.

1. जोखिम से बचाव के लिए सोना बेचकर नकदी बढ़ाना

अनिश्चितता के इस दौर में निवेशक किसी भी तरह का जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं. ऐसी स्थिति में वे अपनी धातु की होल्डिंग को बेचकर नकद जमा कर रहे हैं. निवेशकों का मानना है कि संकट के समय हाथ में मौजूद लिक्विड मनी सोने के मुकाबले ज्यादा मददगार साबित हो सकती है.

2. रिकॉर्ड कीमतों पर बिकवाली और बढ़ती सप्लाई से गिरावट

Advertisement

जनवरी में कीमतें अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थीं. बड़े संस्थानों और निवेशकों ने इस तेजी का फायदा उठाते हुए ऊंचे दामों पर बिकवाली शुरू कर दी है. वहीं, बाजार में सप्लाई बढ़ने के कारण कीमतों पर दबाव बढ़ा है.

3. ब्याज दरें बढ़ने से डॉलर मजबूत और सोना सस्ता

अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व का सख्त रुख बरकरार है. जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं या उनके घटने की संभावना कम होती है, तो डॉलर मजबूत होता है और सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों की आकर्षण कम हो जाता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें