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Gold Price 18 मार्च 2026: सस्ता हुआ सोना, चांदी भी पिघली, खरीदारी करने से पहले जानें आज के ताजा भाव

आज 18 मार्च 2026 को भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखी गई है. वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के कारण भाव में गिरावट दर्ज की गई है.

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18 Mar 2026
( Updated: 18 Mar 2026
10:54 AM )
Gold Price 18 मार्च 2026: सस्ता हुआ सोना, चांदी भी पिघली, खरीदारी करने से पहले जानें आज के ताजा भाव
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ईरान के खिलाफ चल रहे इजरायल-अमेरिका के युद्ध के बीच सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है. यूएस फेड के फैसले से पहले सोने और चांदी की कीमत में बुधवार के सत्र में कमजोरी देखने को मिली है, जिससे सोने का दाम करीब 0.32 प्रतिशत और चांदी का दाम 0.93 प्रतिशत कम हो गया है. 

MCX के मुताबिक सोने के भाव 

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 9:46 पर 02 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोने का दाम 0.32 प्रतिशत या 485 रुपए कम होकर 1,55,500 रुपए हो गया है. अब तक कारोबार में सोने ने 1,55,401 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,55,788 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया है.

सोने की तुलना में चांदी में अधिक गिरावट 

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चांदी की कीमतों में सोने की अपेक्षा अधिक कमजोरी देखी जा रही है. एमसीएक्स पर 5 मई, 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी 0.93 प्रतिशत या 2,363 रुपए की कमजोरी के साथ 2,50,750 रुपए पर थी. अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,50,181 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,51,639 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है. 

अंतर्राष्ट्रीय बाजार सोने और चांदी कीमत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में गिरावट देखी जा रही है. खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोना की कीमत 0.27 प्रतिशत कम होकर 5,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे 4,994 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है. चांदी भी 1.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80 डॉलर प्रति औंस से नीचे 78.745 डॉलर प्रति औंस के आसपास है.

फेड के फैसले से तय होगी दिशा

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ब्याज दरों की समीक्षा के लिए अमेरिकी फेड की दो-दिवसीय बैठक 17 मार्च को शुरू हुई थी और 18 मार्च को इसके फैसले का ऐलान किया जाएगा. यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है, जब कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी के कारण महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है. ऐसे में फेड की ब्याज दरों पर टिप्पणी काफी अहम होगी. यह बुलियन की आगे की चाल निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाएगी. ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बीते एक महीने में 50 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ है और इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है.

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