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ईरान के हमले में चूर-चूर हुआ अमेरिका का E-3 सेंट्री एयरक्राफ्ट ‘अवाक्स’, 6600 करोड़ है कीमत, एयरबेस पर दिखा मलबा
सऊदी अरब के एयरबेस पर ईरान के हमले में अमेरिकी विमान 'अवाक्स' और रिफ्यूलिंग विमान तबाह हो गए हैं. यह अमेरिकी सेना के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.
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US E3 Sentry aircraft AWACS: ईरान ने अपने हमलों में अमेरिकी विमान ‘E-3 सेंट्री अवाक्स' को नुकसान पहुंचाने का दावा किया था, जो सच निकला. ईरान ने अमेरिकी विमानों को निशाना बनाते हुए सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमला किया. ईरान के प्रेस टीवी ने अवाक्स की तस्वीरें शेयर कर उसे तबाह करने के दावा किया था.
सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर खड़े एक E-3 सेंट्री अवाक्स को ईरान के हमले में नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा कई रिफ्यूलिंग विमान (केसी-135) भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. यह विमान अमेरिका की क्षेत्रीय हवाई निगरानी और कमांड क्षमता के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. यह विमान युद्ध के मैदान में आंख और दिमाग का काम करता है.
अमेरिका के लिए क्यों माना जा रहा बड़ा झटका?
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E-3 Sentry AWACS अमेरिकी वायुसेना का ताकतवर विमान था. ईरान के इस हमले ने अमेरिकी सैन्य ताकत को बड़ा झटका दिया है. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने भी अपने X हैंडल से हमले में बर्बाद हुए इस विमान की तस्वीरें पोस्ट की हैं. फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के डेटा के अनुसार, हमले से पहले इस बेस पर करीब 6 E-3 Sentry विमान तैनात थे. यह एक सर्विलांस विमान होता है, जिसका इस्तेमाल आसमान से दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने और खतरे को पहचानने के लिए होता है.
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एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना के इस ताकतवर विमान को हुआ नुकसान उसके सैन्य ऑपरेशन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस विमान की कीमत 6600 करोड़ रुपए बताई जा रही है.
इससे पहले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक अमेरिकी एफ-16 फाइटिंग फाल्कन और एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को निशाना बनाने का दावा किया. ईरान के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे विमान और ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने निष्क्रिय कर दिया.
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी स्वीकार किया है कि उसका एफ-16 फाइटिंग फाल्कन निशाना बनाया गया था. IRGC ने कहा कि अमेरिकी फाइटर जेट और ड्रोन को उसकी नौसेना और एयरोस्पेस डिवीजन ने संयुक्त जवाबी मिसाइल और ड्रोन अभियानों के दौरान निशाना बनाकर तबाह कर दिया. ये अभियान अमेरिका और इजरायल से संबंधित भारी उद्योगों के खिलाफ चलाए गए थे.
अमेरिका की यूनिवर्सिटी पर हमले की चेतावनी
इसके अलावा ईरान ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर हमला करने की कड़ी चेतावनी जारी की है. दरअसल, ईरानी सरकार ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजरायल जानबूझकर ईरान के विश्वविद्यालयों और स्कूलों को टारगेट कर रहे हैं. ऐसे में अब आईआरजीसी ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाने की धमकी दी.
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IRGC ने कहा है कि अमेरिका और इजरायली हमलों में ईरान की दो यूनिवर्सिटी तबाह हो गई हैं. ईरानी मीडिया की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, ‘अगर अमेरिकी सरकार चाहती है कि इस इलाके में उसके विश्वविद्यालय बदले की कार्रवाई से बचे रहे तो उसे 30 मार्च को तेहरान टाइम के हिसाब से दोपहर 12 बजे तकआधिकारिक बयान में ईरानी यूनिवर्सिटी पर बमबारी की निंदा करनी चाहिए.’