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ट्रंप का यू-टर्न! मेलोनी को लेकर बदल गए सुर, बोले- 'मैं उन्हें पसंद करता हूं'
Donald Trump: ट्रंप लगातार मेलोनी पर निशाना साध रहे थे और दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई थी. लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है. मंगलवार को तुर्की की राजधानी अंकारा में राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगान के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ट्रंप से मेलोनी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उनका लहजा पहले से बिल्कुल अलग था.
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US-Italy Relation: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के रिश्तो की कड़वाहट तो जग जाहिर हैं. कई दिनों से ट्रंप लगातार मेलोनी को टारगेट कर रहे थे और दोनों नेताओं के बीच जमकर बयानबाजी भी तेजी से वायरल हो रही थी. लेकिन समय के साथ तस्वीरें बदलती नजर आ रही हैं. मंगलवार को तुर्की की राजधानी अंकारा में राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगान के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ट्रंप से मेलोनी को लेकर कुछ सवाल पूछा गया, तो उनके बोलने का लहजा बहुत ही अलग था. उन्होंने जॉर्जिया मेलोनी के लिए पढ़ दिए तारीफों के कसीदे, ट्रंप ने कहा कि मेलोनी एक शानदार महिला हैं. साथ ही ये भी कहा कि मैं उन्हें व्यक्तिगत तौर पर पसंद भी करता हूं. ट्रंप ने यह भी माना कि दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी अच्छे रहे हैं, हालांकि कुछ मुद्दों पर मतभेद जरूर पैदा हो गए थे. उनके इस बदले हुए अंदाज ने एक बार फिर दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी हैं.
ट्रंप ने माना, ईरान के मुद्दे पर हुई थी नाराजगी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने खुलकर बताया कि उनकी नाराजगी की सबसे बड़ी वजह ईरान का मामला था. उन्होंने कहा कि उन्होंने मेलोनी पर किसी तरह का बड़ा दबाव नहीं डाला था, लेकिन जब अमेरिका ने ईरान से जुड़े अपने कदमों में इटली का सहयोग चाहा तो मेलोनी ने साफ इनकार कर दिया. ट्रंप ने कहा कि जाहिर है, इस फैसले से वह खुश नहीं थे और इसी वजह से दोनों देशों के रिश्तों में कुछ खटास आ गई थी. हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ा कि वह आज भी मेलोनी का सम्मान करते हैं और उन्हें एक मजबूत और प्रभावशाली नेता मानते हैं. ट्रंप ने यह जरूर कहा कि उनकी नजर में उस समय मेलोनी ने गलत फैसला लिया था, लेकिन इससे उनके प्रति उनकी व्यक्तिगत राय पूरी तरह नहीं बदली.
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एक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था पूरा विवाद
दोनों नेताओं के बीच तनाव की शुरुआत उस समय हुई थी जब ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया था कि फ्रांस में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी कई बार उनके साथ तस्वीर खिंचवाने की कोशिश कर रही थीं. इतना ही नहीं, उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान इटली ने अपने हवाई अड्डों और रनवे के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी, जिससे अमेरिका को दिक्कतों का सामना करना पड़ा. ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका नाटो के तहत इटली समेत कई सहयोगी देशों की सुरक्षा पर भारी खर्च करता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इटली ने सहयोग नहीं किया. उन्होंने यहां तक दावा किया कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद मेलोनी फिर से अमेरिका के करीब आने की कोशिश कर रही हैं.
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मेलोनी ने किया था करारा पलटवार
ट्रंप के इन दावों के बाद जॉर्जिया मेलोनी ने बिना देर किए एक वीडियो संदेश जारी किया और सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ट्रंप की बातें पूरी तरह मनगढ़ंत हैं और उनमें कोई सच्चाई नहीं है. मेलोनी ने कहा कि न तो वह और न ही इटली किसी भी देश के सामने झुकता है या किसी से भीख मांगता है. उनका यह जवाब काफी चर्चा में रहा और इटली में भी ट्रंप की टिप्पणियो की तीखी आलोचना हुई. इस विवाद का असर दोनों देशों के रिश्तों पर भी दिखाई दिया.
इटली ने भी जताई थी कड़ी नाराजगी
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विवाद बढ़ने के बाद इटली के विदेश मंत्री एंतोनियो तजानी ने अमेरिका का अपना प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया था. उन्होंने ट्रंप के बयान को केवल प्रधानमंत्री मेलोनी ही नहीं, बल्कि पूरे इटली का अपमान बताया. तजानी ने कहा था कि किसी सहयोगी देश के नेता के बारे में इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती. इससे साफ हो गया था कि मामला सिर्फ दो नेताओं की व्यक्तिगत नाराजगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर भी पड़ने लगा था.
क्या अब फिर सुधरेंगे रिश्ते?
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एक समय ऐसा था जब डोनाल्ड ट्रंप और जॉर्जिया मेलोनी को एक-दूसरे का करीबी माना जाता था. दोनों कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक जैसी सोच रखते थे और सार्वजनिक मंचों पर भी एक-दूसरे की तारीफ करते नजर आते थे. लेकिन हालिया विवाद ने इस दोस्ती पर सवाल खड़े कर दिए थे. अब ट्रंप के बदले हुए बयान को देखकर माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश शुरू हो सकती है. हालांकि ईरान जैसे मुद्दों पर मतभेद अभी भी मौजूद हैं, लेकिन ट्रंप की ओर से मेलोनी की खुलकर तारीफ करना यह संकेत जरूर देता है कि दोनों देशों के रिश्तों में आई दूरियां भविष्य में कम हो सकती है.