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पाक में बिगड़ी बात पेरिस में बनेगी! होर्मुज पर फ्रांस का बड़ा प्लान, मैक्रों ने ट्रंप-पेजेश्यियान से की सीधी बात
US-Iran Tension: इस्लामाबाद में ईरान और US के बीच शांति वार्ता की कोशिश धराशायी हो गई. इसके बाद एक बार फिर होर्मुज संकट जस का तस बना हुआ है. ऐसे में फ्रांस ने अमेरिका और ईरान के बीच सुलह करवाने के लिए कूटनीतिक प्लान बनाया है.
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पाकिस्तान (Pakistan) में ईरान (Iran) और अमेरिका (America) के बीच शांति वार्ता फेल होने के बाद फ्रांस ने बड़े संकेत दिए हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कूटनीतिक कदम उठाया है. उन्होंने ईरान और अमेरिका दोनों के राष्ट्राध्यक्षों से अलग-अलग बातचीत की है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों शुक्रवार 17 अप्रैल को एक ऑनलाइन बैठक की मेजबानी करेंगे. ब्रिटिश PM टार्मर और मैक्रों के कार्यालय ने इसकी जानकारी दी. इस बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि उन्होंने मौजूदा हालात को लेकर अपने ईरानी समकक्ष मसूद पेजेश्कियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की है.
मैक्रों ने क्या बात की?
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फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने दोनों पक्षों से उन्होंने संयंम बरतने की अपील की है. उन्होंने बताया, ‘मैंने इस्लामाबाद में रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने, गलतफहमियों को दूर करने और किसी भी तरह के उकसावे से बचे रहने की अपील की.’
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लेबनान पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
मैक्रों ने लेबनान को इस सीजफायर के प्रस्ताव में शामिल करने की बात कही. उन्होंने कहा, यह खास तौर पर जरूरी है कि सभी पार्टियां सीजफायर का सख्ती से पालन करें और इसमें लेबनान भी शामिल हो.
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होर्मुज पर मैक्रों का बड़ा बयान
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र करते हुए आगे कहा कि यह भी जरूरी है कि होर्मुज को बिना किसी शर्त के, बिना किसी रोक या टोल के, जल्द से जल्द फिर से खोल दिया जाए. इन हालात में, संबंधित मुख्य पार्टियों के सहयोग से बातचीत जल्द फिर से शुरू हो जानी चाहिए.
क्या है पेरिस कॉन्फ्रेंस का मकसद?
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मैक्रों ने अपनी पोस्ट में पेरिस में आयोजित की जाने वाली कॉन्फ्रेंस की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इसका आयोजन होगा और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन देशों को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा जो हमारे साथ मिलकर, बहुपक्षीय और पूरी तरह से डिफेंसिव मिशन में योगदान देने के लिए तैयार हैं, इसका मकसद सुरक्षा हालात के मुताबिक स्ट्रेट में आवागमन की आजादी को फिर से शुरू करना है.
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ब्रिटिश PM और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, दोनों के कार्यालयों ने भी इस सम्मेलन की पुष्टि की है. बताया है कि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर इस बैठक की अगुवाई करेंगे.