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रॉ चीफ की बांग्लादेशी PM तारिक रहमान से मुलाकात, खुफिया अधिकारियों संग मीटिंग...पाकिस्तान का नापाक मंसूबा ध्वस्त
बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान से मिले भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और रॉ चीफ पराग जैन की मुलाकात हुई है. इस एक मीटिंग ने पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को चकनाचूर कर दिया है. लंबे समय से कट्टरपंथियों के जरिए अपना हित साधना चाह रहे पाक फौज को बड़ा झटका लगा है.
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बांग्लादेश में 2024 में आवामी लीग की सरकार जाने और मोहम्मद युनूस के नेतृत्व में बनी कट्टरपंथियों सहित मिलीजुली सरकार में बिगड़े भारत-बांग्लादेश के रिश्ते एक बार फिर पटरी पर लौटते दिख रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि जिस तरह ढाका को लेकर मोदी सरकार ने रणनीति बनाई है, जैसी एक्टिवनेस तारिक रहमान के नेतृत्व में BNP की सरकार बनने के बाद दिखाई है, उससे पाकिस्तान के मंसूबों पर पानी फिर गया है. इसी कारण तो ना सिर्फ संबंधों में खटास के बावजूद खालिदा जिया श्रद्धांजलि देने विदेश मंत्री जयशंकर के नेतृत्व में एक डेलिगेशन भेजा गया था.
इसके बाद एक कैरियर डिप्लोमेट या विदेश मंत्रालय के अधिकारी की जगह एक सीनियर पॉलिटिशियन दिनेश त्रिवेदी को ढाका में उच्चायुक्त बनाकर भेजा गया ताकि नई सरकार को संदेश जा सके कि नई दिल्ली की क्या सोच है और वो संबंधों को कहां ले जाना चाहता है. इतना ही त्रिवेदी को सीधे प्रधानमंत्री का दूत माना गया जिनके पास द्विपक्षीय संबंधों को दिशा देने और फैसला लेने का एक IFS की तुलना में ज्यादा अधिकार होगा. इतना ही नहीं उनकी सीधे MEA की जगह PMO तक पहुंच होगी.
इतना ही नहीं पाकिस्तान ने भारत-बांग्लादेश के संबंधों को खराब करने और दरार पैदा करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. इतना ही नहीं ISI ने जमात ए इस्लामी के जरिए धार्मिक कट्टरता बढ़ाई, हिंदुओं पर हमले बढ़वाए, भारत के प्रति नफरती बयान दिलवाए ताकि भारत और रिएक्ट करे और संबंध में जो खाई पैदा हुई है वो और गहरी हो जाए. इशाक डार सहित पाक फौज के आला अधिकारियों के दौरे भी हुए. मोहम्मद यूनुस का इस्लामाबाद दौरा भी हुआ, खूब गले मिले गए, लेकिन भारत के दांव से पाकिस्तान आखिरकार पस्त हो ही गया.
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अब भारत ने एक बार फिर बड़ी कूटनीतिक पहल की है, जिससे पाकिस्तान कभी खड़ा ही नहीं हो पाएगा. जी हां, भारत की खुफिया एजेंसी रॉ के चीफ खुद दलबल के साथ ढाका पहुंचे हैं और उनकी खुद पीएम तारिक रहमान से मुलाकात हुई है.
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एक ओर त्रिवेदी की बांग्लादेश के पीएम से बाद हुई तो वहीं रॉ चीफ पराग जैन की खुफिया अधिकारियों संग बैठक हुई.
त्रिवेदी और रहमान की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारतीय खुफिया और सुरक्षा अधिकारियों का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी बांग्लादेश दौरे पर है, जिसका नेतृत्व रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) के प्रमुख पराग जैन कर रहे हैं।
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इससे पहले भी एक उच्च स्तरीय मुलाकात इसी साल जून महीने में नई दिल्ली में भी हुई थी. भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा विवाद और अवैध प्रवासियों के प्रत्यर्पण को लेकर बनी तनातनी के बीच बांग्लादेश की सीमा पर तैनात बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी की दिल्ली में भारत के गृह मंत्री अमित शाह से ऑफ द टॉक मुलाकात हुई थी.
सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच ये मीटिंग सिद्दीकी के दिल्ली दौरे के दौरान हुई. BGB चीफ भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक प्रवीण कुमार के साथ DG स्तर की बातचीत में हिस्सा लेने के लिए एक आधिकारिक यात्रा पर दिल्ली पहुंचे थे.
BGB चीफ से अमित शाह की दिल्ली में सीक्रेट मुलाकात
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अमित शाह और BGB चीफ अशरफुज्जमां के बीच ये मुलाकात करीब एक घंटे तक चली थी. सूत्रों के मुताबिक ये मीटिंग 10 जून को दोपहर में नॉर्थ ब्लॉक में हुई थी. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. वहीं BGB और BSF DG के बीच हुई वार्ता की भी पूरी जानकारी नहीं दी गई कि क्या निचोड़ निकला. इतना ही नहीं अशरफुज्जमां की केंद्रीय गृह मंत्री के साथ भी मीटिंग के बारे में दोनों पक्षों की ओर से कुछ भी सार्वजनिक नहीं किया गया.
आपको बता दें कि करीब दो साल पहले एक उग्र प्रदर्शन के जरिए अगस्त 2024 में शेख हसीना की सत्ता से बेदखली के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब अशरफुज्जमां सिद्दीकी के स्तर के किसी बांग्लादेशी वरिष्ठ अधिकारी की भारत के गृह मंत्री से कथित तौर पर मुलाकात हुई थी. अब पराग जैन का बांग्लादेश दौरा निश्चित तौर पर पाकिस्तान की हालत पस्त करने वाला ही है.
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यहां ये भी बता देना जरूरी है कि त्रिवेदी और पराग जैन की ये मुलाताक और बांग्लादेश का दौरा ऐसे वक्त में हुआ है जब शेख हसीना के निर्वासन और हालिया पीसी के मुद्दे पर तनातनी बनी हुई है. बांग्लादेश हसीना के प्रत्यर्पन की मांग कर रहा है और उसने बीते हफ्ते ही 5 अगस्त को हुई पीसी के मुद्दे पर कड़ी आपत्ति जताई थी.
इसके अलावा बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बीते दिन पहली बार बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की। यह बातचीत द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हितों पर केंद्रित रही।
मुलाकात के दौरान उच्चायुक्त ने पीएम तारिक रहमान को भारत के प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत, बांग्लादेश की सरकार और यहां के लोगों के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्य को ध्यान में रखकर मिलकर काम करना चाहता है।
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दोनों पक्षों ने आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। साथ ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के संभावित तरीकों पर चर्चा की गई।
बातचीत में लोगों को केंद्र में रखने वाले दृष्टिकोण (पीपल-सेंट्रिक अप्रोच) पर जोर दिया गया, ताकि दोनों देशों के बीच सहयोग का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।
भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उन्हें यह निमंत्रण 'बिम्सटेक' (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में दिया गया है।
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'बिम्सटेक' बंगाल की खाड़ी के आसपास और उससे जुड़े क्षेत्रों के सात सदस्य देशों का एक समूह है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, यह दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। इसके पांच सदस्य दक्षिण एशिया के बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका से हैं। वहीं, दो सदस्य दक्षिण-पूर्व एशिया के म्यांमार और थाईलैंड से हैं।
नई दिल्ली में आयोजित विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया था कि फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद ही तारिक रहमान को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भेज दिया गया था।
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बांग्लादेश के गृह मंत्री से भी मिले उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी
इससे पहले भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी की बांग्लादेशी गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद से भी मुलाकात हुई थी, जिसमें सुरक्षा सहयोग समेत आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई.
बांग्लादेश में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में लिखा, ''बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने सोमवार को बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद से शिष्टाचार मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। बातचीत में आपसी हितों से जुड़े कई मुद्दों को शामिल किया गया, जिनमें भारत और बांग्लादेश के बीच सुरक्षा सहयोग भी प्रमुख विषय रहा।''
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बैठक के दौरान उच्चायुक्त त्रिवेदी ने कहा कि भारत, आपसी हितों, आपसी लाभ और एक-दूसरे की संवेदनशीलताओं का सम्मान करते हुए, हर क्षेत्र में लोगों को केंद्र में रखकर सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है।
दोनों पक्षों ने भारत-बांग्लादेश संबंधों को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
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इससे पहले उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की। इस दौरान उच्चायुक्त ने पीएम तारिक रहमान को भारत के प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत, बांग्लादेश की सरकार और यहां के लोगों के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्य को ध्यान में रखकर मिलकर काम करना चाहता है।
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मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। साथ ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के संभावित तरीकों पर चर्चा की गई।
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बातचीत में लोगों को केंद्र में रखने वाले दृष्टिकोण पर जोर दिया गया, ताकि दोनों देशों के बीच सहयोग का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।
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भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उन्हें यह निमंत्रण 'बिम्सटेक' (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में दिया गया है।