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'छीन के लेंगे, तेरा बाप भी देगा आजादी...', PoJK में PAK फौज की गोली से 100 से ज्यादा की मौत, कश्मीर से लंदन तक प्रदर्शन

PoJK में पाक फौज जनरल डायर की तरह शोक सभा और प्रदर्शन में शामिल लोगों पर गोलीबारी कर रही है, जिससे कि 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई 200 से ज्यादा घायल है. एक सभा में एक्शन से 27 और लोगों की मौत हो गई है.

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09 Jun 2026
( Updated: 09 Jun 2026
09:39 AM )
'छीन के लेंगे, तेरा बाप भी देगा आजादी...', PoJK में PAK फौज की गोली से 100 से ज्यादा की मौत, कश्मीर से लंदन तक प्रदर्शन
London Protest over PAK Army Killings in PoJK/ Screengrab / X
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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) के रावलकोट क्षेत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्ता आर्मी, पाक रेंजर्स और अन्य पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा की गई कथित गोलीबारी को लेकर हड़कंप मच गया है. अपुष्ट सूत्रों और सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों द्वारा किए जा रहे दावे के अनुसार फौज की गोलीबारी में 100 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है. यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी ने सोमवार को इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे "नरसंहार" करार दिया. इसी बीच लंदन से लेकर अमेरिका तक पाक फौज के नरसंहार को लेकर प्रदर्शन भी हो रहे हैं और आर्मी को दहशतगर्द और जबरन आजादी लेने को लेकर नारे भी लगाए जा रहे हैं.

PoJK में निहत्थे कश्मीरियों का पाक फौज कर रही नरसंहार

यूकेपीएनपी के अनुसार, रविवार रात हुई इस घटना में कई प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए. संगठन ने कहा कि शांतिपूर्ण और निहत्थे लोगों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. पार्टी ने बयान में कहा, "शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है. पाकिस्तान को निहत्थे कश्मीरियों के खिलाफ अत्याचार और दमन का यह सिलसिला तुरंत बंद करना चाहिए."

लंदन में पाक फौज के खिलाफ भयंकर प्रदर्शन

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इसी बीच पाकिस्तानी फौज की सैन्य कार्रवाई और नरसंहार के खिलाफ लंदन में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर भी प्रदर्शन हुए. इस दौरान पाक फौज, आसिम मुनीर और सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगे. यहां प्रदर्शनकारियों ने दहशतगर्दी के पीछे वर्दी है और पाक फौज के दमन से आजादी, पाकिस्तान से मुक्ति के नारे भी लगाए.

"पाक आर्मी से छीन के लेंगे आजादी, दहशतगर्दी के पीछे वर्दी है..."

कश्मीरी समुदाय और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने ने POJK के रावलकोट में पाक फौज द्वारा कश्मिरियों के नरसंहार को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और  'पाकिस्तानी आर्मी गो बैक, हम छीन कर लेंगे आजादी, ये जो दहशतगर्दी है, इसके पीछे वर्दी है और तेरा बाप भी देगा आजादी' जैसे नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शनों को बंदूक की नोक पर जबरन दबाया जा रहा है.

क्यों हो रहा PoJK में प्रदर्शन?

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आपको बताएं कि हाल के दिनों में PoJK में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर प्रतिबंध लगाए जाने और उसके समर्थकों के खिलाफ जबरिया कार्रवाई के बाद लोगों का गुस्सा बढ़ गया है. इसी को लेकर ब्रिटेन में बसे कश्मीरी मूल के लोगों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया.

इसी बीच संगठन ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप कर कश्मीरी लोगों के जीवन और उनके मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों से पीओके की जमीनी स्थिति को दुनिया के सामने लाने की अपील की है.

JKJAC पर प्रतिबंधों के बाद बढ़ा बवाल

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रिपोर्टों के अनुसार, रावलकोट इस समय पीओके में फैल रहे विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बन गया है. यह विरोध तब तेज हुआ जब प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी से जुड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की.

बताया गया है कि प्रशासन ने जेएंडकेजेएएसी को प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया है और 9 जून को प्रस्तावित "लॉन्ग मार्च" से पहले कई सुरक्षा उपाय लागू किए हैं. आंदोलन से जुड़े नेताओं का आरोप है कि 5 जून की रात से पूरे पीओके में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं, जिससे संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है.

पाक फौज ने ली JKJAC के सदस्य शाहजेब हबीब और अमजद कश्मीरी की जान!

स्थानीय कार्यकर्ताओं के हवाले से आई रिपोर्टों में कहा गया है कि आंदोलन के दौरान जेएंडकेजेएएसी के सदस्य शाहजेब हबीब और अमजद कश्मीरी की मौत हो गई. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया.

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रावलकोट के बाद अब अन्य इलाकों में भी फैला प्रदर्शन

रिपोर्टों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन अब केवल रावलाकोट तक सीमित नहीं है. मुज़फ़्फ़राबाद, मीरपुर, टाटा पानी और प्लांदरी समेत कई क्षेत्रों में प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया गया है. प्लांदरी में प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रमुख मार्गों को अवरुद्ध किए जाने की भी खबर है.

पीओके में बिगड़ते हालात को लेकर विदेशों में रहने वाले कश्मीरी समुदाय ने भी चिंता जताई है. रिपोर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड किंगडम में एकजुटता प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर क्षेत्र में मानवाधिकारों की स्थिति का मुद्दा उठाया गया है.

9 मार्च को प्रस्तावित लॉन्ग मार्च पर पूरी दुनिया की नजर!

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रिपोर्ट में कहा गया है कि 9 जून के प्रस्तावित लॉन्ग मार्च और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं. रावलाकोट में जारी तनाव और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के कारण पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की स्थिति क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक ध्यान आकर्षित कर सकती है.

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