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‘सुनो ट्रंप, राजनीतिक विरोधी लेकिन हमला बर्दाश्त नहीं’, मेलोनी को मिला विरोधियों का साथ, अमेरिका की उड़ाईं धज्जियां
हाल ही में PM मेलोनी ने इजरायल के साथ अपने रक्षा समझौते को रोक दिया था. ये समझौता साल 2006 से चलता आ रहा था, लेकिन इस बार ये डील रिन्यू नहीं की गई. क्योंकि इटली लेबनान और ईरान पर इजरायल के रुख से सहमत नहीं है.
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दुनिया में उथल-पुथल मचाने का इरादा रखने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कुटिल चाल को अब उसके साथ देश भांप गए हैं. इटली ने होर्मुज पर पहले ही अमेरिका से किनारा कर लिया था अब इजरायल से भी रक्षा डील रोक दी है. इससे बौखलाए ट्रंप ने PM जॉर्जिया मेलोनी को भला बुरा कहा, तो जवाब इटली के विपक्षी नेता ने दिया.
‘कोई भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष मेरे देश और मेरी सरकार का अपमान नहीं कर सकता. सुन लो ट्रंप, हम भले ही राजनीतिक प्रतिद्वंदी हों, लेकिन हम इतालवी लोग अपने देश पर होने वाले बर्दाश्त नहीं करेंगे. खासकर तुम्हारी तरफ से.’
ये कहने वालीं इटली की विपक्षी नेता एली श्लेन हैं. ये बयान उन्होंने इटली की संसद में दिया था, बेहद तीखे तेवर और साफ शब्दों में उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दे दी. एली श्लेन ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और इटली को टारगेट करने पर खूब सुनाया.
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इटली की विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता एली श्लेन ने कहा, वह अपने देश और सरकार पर होने वाले किसी हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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ट्रंप की नीतियों और बयानों ने इटली में जॉर्जिया मेलोनी के विरोधियों को भी एक कर दिया. अपने राष्ट्रीय हितों को लेकर इटली एकजुट नजर आ रहा है और वह अमेरिकी जैसे ताकतवर देशों की आंख में आंख मिलाकर बात कर रहा है.
विपक्षी नेता एली श्लेन ने कहा, ‘इटली एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है. हमारा संविधान स्पष्ट है. इटली युद्ध का विरोध करता है. किसी भी भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को हमारे देश या सरकार पर हमला करने, उसे धमकाने या उसका अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है.’ इटली के सदन, मीडिया और वैश्विक मीडिया में एली श्लेन के इस बयान की कई मायनों में तारीफ हो रही है.
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डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की PM मेलोनी पर क्या कहा था?
हाल ही में PM मेलोनी ने इजरायल के साथ अपने रक्षा समझौते को रोक दिया था. ये समझौता साल 2006 से चलता आ रहा था, लेकिन इस बार ये डील रिन्यू नहीं की गई. क्योंकि इटली लेबनान और ईरान पर इजरायल के रुख से सहमत नहीं है.
PM मेलोनी का ये ही कदम ट्रंप को रास नहीं आया. उन्होंने एक इंटरव्यू में मेलोनी पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, वह उनके रुख से हैरान हैं. ट्रंप के मुताबिक, जॉर्जिया मेलोनी अब साहसी नेता नहीं रहीं.
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ट्रंप ने कहा, ‘मेलोनी को परवाह नहीं है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है. अगर मौका मिला तो ईरान इटली को 2 मिनट में नक्शे से हटा देगा. ट्रंप ने कहा कि यह काफी दुखद है कि वह परमाणु संपन्न ईरान को रोकने में अमेरिका की किसी तरह की मदद नहीं कर रही हैं.’
पोप लियो पर ट्रंप की टिप्पणी पर मेलोनी ने क्या कहा था?
इससे पहले जॉर्जिया मेलोनी ने पोप लियो पर ट्रंप की टिप्पणी का खुले तौर पर विरोध किया था. जॉर्जिया मेलोनी ने कहा था, वह पोप के साथ खड़ी हैं और धार्मिक संस्थाओं को राजनीति के अधीन नहीं होना चाहिए. मेरा मानना है कि जो बयान दिए गए हैं, विशेषकर पोप के बारे में, वे अस्वीकार्य हैं. मैंने पोप फ्रांसिस के प्रति अपनी एकजुटता जताई है.
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मेलोनी ने कहा, 'मैं आपको और बताऊं कि मैं ऐसे समाज में सहज महसूस नहीं करूंगी, जहां धार्मिक नेता वही करें जो राजनीतिक नेता कहते हैं' उन्होंने कहा कि उनका विरोध केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सिद्धांतों पर आधारित है, खासकर पोप की गरिमा और चर्च की स्वतंत्रता को लेकर.’
दरअसल, पोप लियो ने ईरान पर अमेरिका के रुख की आलोचना करते हुए शांति के रास्ते पर चलने की बात कही थी. जिस पर बौखलाए ट्रंप ने खुद को ही ‘ईश्वर का अवतार’ घोषित कर दिया. ट्रंप ने पोप लियो पर विवादास्पद टिप्पणी भी की थी.
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डोनाल्ड ट्रंप ने Truth पर एक पोस्ट भी किया. जिसमें एक तस्वीर पोस्ट की गई है. इस तस्वीर में उन्होंने खुद को यीशु मसीह जैसी वेशभूषा में दिखाया. तस्वीर में उन्होंने बिस्तर पर पड़े व्यक्ति के सिर पर हाथ रखा हुआ है. उनकी उंगलियों से प्रकाश निकल रहा है, जबकि एक सैनिक, एक नर्स, एक प्रार्थना करती महिला और बेसबॉल टोपी पहने एक दाढ़ी वाला व्यक्ति सभी उन्हें प्रशंसा भरी निगाहों से देख रहे हैं. ऊपर आकाश में चीलें, एक अमेरिकी झंडा और धुंधली छवियां दिखाई दे रही हैं. ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘पोप लियो अपराध के मामले में कमजोर हैं और विदेश नीति के लिए बहुत बुरे हैं.’ पोप लियो पर ट्रंप की इस टिप्पणी से हाइट हाउस और वेटिकन के बीच तनाव फिर से बढ़ गया.
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