Advertisement
इजरायल ने लेबनान में मचाई तबाही, शहरों के साथ गांव भी बने निशाना, हिजबुल्लाह के हमले का ड्रोन अटैक से जवाब
इजरायल और लेबनान में हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष तेज हो गया है. इजरायली सेना ने लेबनान के कई शहरों और गांवों पर बमबारी की है.
Advertisement
ईरान और गाजा में हमास के साथ जंग के बीच इजरायल ने लेबनान पर बड़ा हमला किया है. इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में ड्रोन अटैक किया है. इनमें टायर, मरजायून और बिंत जबील शहर शामिल हैं.
इजरायल और लेबनान के बीच एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन किया गया है. इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान से आई रिपोर्टों के मुताबिक, ताजा इजरायली हमलों में शहरी इलाकों के साथ-साथ आसपास के गांवों को निशाना बनाया गया है.
इजरायल ने हिजबुल्लाह पर किया पलटवार
Advertisement
इजरायली ड्रोन ने नबातियेह के अली अल-ताहर पहाड़ी क्षेत्र के ऊपर भी बमबारी की और विस्फोटक और आग लगाने वाले हथियार गिराए. आईआरएनए के अनुसार, टायर के पास स्थित चामा गांव में इजरायली सेना ने तोपों से गोले दागे. वहीं, तैयबे और यारून गांवों में सैनिकों ने जैतून के बागों में आग लगा दी.
Advertisement
दो मार्च को इजरायल और लेबनान के बीच फिर से लड़ाई शुरू हो गई है. दरअसल, रविवार को हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हमले किए थे. हिज्बुल्लाह ने कहा कि ये हमले लेबनान पर लगभग रोज हो रहे इजरायली हमलों के जवाब में किए गए थे. इसके बाद इजरायल ने भी ड्रोन अटैक किया.
आईआरएनए की रिपोर्ट में बताया गया कि ईरान के नेता अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई की हत्या के बाद इजरायल ने जमीनी सैन्य अभियान शुरू किया और दक्षिणी लेबनान के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया. 16 अप्रैल को इजरायल और लेबनान युद्धविराम पर सहमत हुए, लेकिन इस समझौते का कई बार उल्लंघन हुआ.
Advertisement
अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ था सीजफायर
26 जून को दोनों पक्षों ने वॉशिंगटन में अमेरिका की मध्यस्थता में एक रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते में इजरायली सैनिकों को दक्षिणी लेबनान से पीछे हटना है और उनकी जगह लेबनानी सशस्त्र बलों की इकाइयों की तैनाती तय की गई. वहीं, हिज्बुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम ने इस समझौते को इजरायल के सामने आत्मसमर्पण बताया.
इजरायल और लेबनान सरकार के बीच हुए समझौते का मकसद इजरायली प्रशासन और हिज्बुल्लाह प्रतिरोध आंदोलन के बीच लड़ाई को खत्म करना था. युद्धविराम के बावजूद, इजरायल दक्षिणी लेबनान में छिटपुट हमले करता रहा है. गौरतलब है कि हिजबुल्लाह ईरान के प्रॉक्सी संगठन के रूप में इजरायल पर वार करता रहा है.
Advertisement
यह भी पढ़ें- 150 दिन से कहां गायब हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई? मोसाद-CIA को तलाश, AI नहीं इस तकनीक का इस्तेमाल
उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को रोकने का दावा किया है. हालांकि ट्रंप के केस में ऐसा है कि वो जो बोलते हैं वो करते नहीं और जो नहीं बोलते वो जरूर करते हैं. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिर दावा किया है कि ईरान और दूसरे पश्चिम एशियाई देशों की ओर से समझौते का प्रस्ताव मिलने के बाद फिलहाल ईरान पर प्रस्तावित हमला टाल दिया है.
ईरान ने क्या कहा?
Advertisement
यह भी पढ़ें
ट्रंप के दावे के बाद ईरान की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो ईरान सिर्फ खाड़ी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि जहां-जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, उन्हें निशाना बनाएगा.