Advertisement

स्टार्टअप इंडिया के 10 साल: योगी सरकार की पहल, UP में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बने अर्थव्यवस्था का नया इंजन

देशभर में स्टार्टअप इंडिया की मुहिम रंग लाई है. उत्तर प्रदेश में भी छोटे-बड़े स्टार्टअप अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहे हैं.

स्टार्टअप इंडिया मूवमेंट का ही असर है कि अब युवा नौकरी पर नहीं स्किल्स डेवलपमेंट पर फोकस कर रहा है. युवाओं को नहीं राह मिल रही है नए अवसर मिल रहे हैं. देशभर में स्टार्टअप इंडिया की मुहिम रंग लाई है. उत्तर प्रदेश में भी छोटे-बड़े स्टार्टअप अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहे हैं. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से नवाचार, अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीक के विकास की दिशा में अग्रसर है. प्रदेश में 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस देश की तकनीकी अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं. यह स्टार्टअप क्रांति को गति देने का काम कर रहे हैं. 

अर्थव्यवस्था को धार दे रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 

सरकार का यह कदम स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बना रहा है. UP राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर इनोवेशन हब के रूप में स्थापित होने की ओर कदम बढ़ा रहा है. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को आधुनिक अर्थव्यवस्था का इंजन कहा जाता है. ये ऐसे विशेषीकृत संस्थान होते हैं, जो किसी एक उन्नत तकनीक या क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण, उत्पाद, विकास और उद्योग सहयोग के केंद्र के रूप में काम करते हैं.  यहां पर स्टार्टअप और युवा उद्यमियों को उच्च स्तरीय लैब सुविधाएं, प्रोडक्ट परीक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उद्योग जगत से नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं.

AI से लेकर रिसर्च सपोर्ट सिस्टम 

योगी सरकार ने थीम आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को स्वीकृति दी है. ये केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, मेडिटेक, टेलिकॉम, ड्रोन, एडिटिव, मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं. इन अत्याधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवा विश्वस्तरीय स्टार्टअप बना सकेंगे और प्रदेश को नए रोजगार अवसरों का बड़ा गंतव्य बनाएंगे. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में चयनित प्रोडक्ट आधारित स्टार्टअप को जो सुविधाएं प्रदान की जा रही है, उनमें उच्च स्तरीय लैब, को-वर्किंग स्पेस, रिसर्च सपोर्ट, प्रोडक्ट टेस्टिंग और विशेषज्ञ मेंटरशिप शामिल हैं. इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रतिभाशाली युवा की राह में संसाधनों का अभाव रोड़ा न बने. 

प्रदेश सरकार की ओर से इन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए वित्तीय सहायता का भी मजबूत ढांचा तैयार किया है. प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्थापित 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्षेत्रीय विकास को भी गति दे रहे हैं. जिससे छोटे शहरों के युवाओं को भी विश्व स्तरीय सुविधाएं अपने ही प्रदेश में उपलब्ध हो रही हैं . 

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement

अधिक →
अधिक →