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बच्चों को जंजीरों में बांध रहे माता-पिता… गाजीपुर के 12 गांवों में रहस्यमयी बीमारी का खौफ, राज्यपाल ने दिया दखल

गाजीपुर में रहस्यमयी बुखार से लोग डरे हुए हैं. बुखार पहले बच्चों के शरीर को तोड़ता है और फिर मानसिक और शारीरिक रूप से उन्हें दिव्यांग बना देता है. इस वायरस के कारण कई बच्चों की मौत हो गई.

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17 Jan 2026
( Updated: 17 Jan 2026
01:21 PM )
बच्चों को जंजीरों में बांध रहे माता-पिता… गाजीपुर के 12 गांवों में रहस्यमयी बीमारी का खौफ, राज्यपाल ने दिया दखल

UP के गाजीपुर में एक रहस्यमयी बीमारी पैर पसार रही है. जिसने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है. यह बच्चों में बुखार के साथ फैलती है और फिर मानसिक रूप से दिव्यांग बना देती है. खौफ ऐसा कि मां-बाप को अपने बच्चों को जंजीरों में बांधकर रखना पड़ रहा है. 

गाजीपुर का फतेहुल्लापुर, बहादीपुर, हरिहरपुर, हाला, और छोटी जंगीपुर जैसे करीब 12 गांवों के लोगों का एक ही दर्द है. यहां बच्चे एक गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि बच्चों को पहले तेज बुखार आया और फिर वह मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग होने लगे. बच्चों का दिमाग पर कोई कंट्रोल नहीं होता. ऐसे में वह कहीं भाग न जाएं इसके लिए मां-बाप उन्हें बांधकर रखते हैं. 

तेजी से फैल रही बीमारी 

ग्रामीणों का कहना है कि यह बीमारी छोटे बच्चों में तेजी से फैल रही है. हर तीसरे घर से बच्चे शिकार हो रहे हैं. कई परिवारों का तो ऐसा हाल है कि दो-दो बच्चे बीमारी का शिकार हो रहे हैं. बच्चों का ध्यान रखने और इलाज में हजारों लाखों लग रहे हैं लेकिन डॉक्टर भी इस रहस्यमयी बीमारी को नहीं समझ पा रहे हैं. जिसमें पहले बुखार आता है, शरीर टूटता है और फिर बच्चा मानसिक और शारीरिक रूप से लगभग दिव्यांग हो जाता है. 

समाजसेवी ने उठाया मुद्दा 

परिजनों का कहना है कि बच्चों को बांधकर रखना पड़ रहा है. क्योंकि मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण बच्चे किसी को चोट भी पहुंचा सकते हैं. बीमारी की गंभीरता को देखते हुए गाजीपुर के समाजसेवी सिद्धार्थ राय ने इस मुद्दे को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है. शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य बीमारी समझकर जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा था. इसके बाद प्रशासन ने स्वास्थ्य कैंप लगाए लेकिन कोई असर नहीं हुआ. हालात गंभीर होते गए बच्चों की तबीयत में सुधार होने की बजाय और बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ गए. समस्या की गहराई देखते हुए सिद्धार्थ राय सीधे राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के पास पहुंचे और मदद की गुहार लगाई. उन्होंने आनंदीबेन पटेल से कहा, यह कोई सामान्य दिव्यांगता नहीं, बल्कि एक रहस्यमयी वायरस या बीमारी है जो एक बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुकी है.

सिद्धार्थ राय ने बताया कि बीमारी से पीड़ित कई बच्चों की मौत भी हो गई है. उन्होंने प्रशासन को जगाने के लिए सत्याग्रह भी किया ताकि समय रहते बच्चों तक मदद पहुंच सके. 

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राज्यपाल के संज्ञान के बाद हरकत में आया प्रशासन  राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर एम. बोबडे ने गाजीपुर जिलाधिकारी को लेटर लिखा. इस बीमारी के प्रसार पर चिंता व्यक्त करते हुए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए. इसके साथ ही DM को रिपोर्ट सचिवालय में भी सौंपनी होगी. हालांकि प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम गांवों में भेजी जाएगी. जो बीमारी पर रिसर्च और इलाज की प्रक्रिया देखेगी. डॉक्टर इस बीमारी को लेकर किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाए हैं, लेकिन इसे जापान के दिमागी बुखार से जोड़ा जा रहा है. 

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