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कांवड़ यात्रा में हर श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता: CM योगी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों के साथ सतत संवाद बनाए रखने को कहा. अगले दो से तीन दिनों के भीतर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समसामयिक विषयों और शासन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा की जाए तथा उनके सुझावों के अनुरूप स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए.

Image Credit: Facebook/@MYogiAdityanath
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा और विभिन्न पर्वों के दृष्टिगत अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि आस्था के इस महापर्व में प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है. कांवड़ यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और जनसुविधाओं की ऐसी व्यवस्था दिखाई देनी चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. उन्होंने कहा कि सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने, मिलावट, ओवररेटिंग, अव्यवस्था या अराजकता पैदा करने का प्रयास करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और प्रशासन पूरे आयोजन के दौरान पूरी सजगता तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करे.

कांवड़ यात्रा को लेकर अधिकारियों को मुख्यमंत्री का निर्देश

इन्हीं व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए शुक्रवार देर शाम मुख्यमंत्री ने शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से संवाद करते हुए उन्होंने श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा, श्रावणी शिवरात्रि, चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस, बरावफात और रक्षाबंधन को लेकर कानून व्यवस्था, सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता, यातायात, आपदा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया. बैठक में अपर मुख्य सचिव, गृह ने तैयारियों की जानकारी दी, जबकि मंडलायुक्त मेरठ और एडीजी जोन मेरठ ने कांवड़ यात्रा प्रबंधन का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया. 

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मुख्यमंत्री ने मेरठ जोन की तैयारियों और कार्ययोजना को प्रदेश के अन्य सभी पुलिस जोनों के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि पूरे प्रदेश में एक समान और प्रभावी व्यवस्था लागू की जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा अब प्रदेश के किसी एक हिस्से तक सीमित आयोजन नहीं रह गई है. रुहेलखंड, ब्रज, बुंदेलखंड, अवध, पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं. ऐसे में प्रत्येक जनपद में व्यवस्थाओं का स्तर समान होना चाहिए. स्थानीय प्रशासन कांवड़ संघों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखे, शिविर संचालकों का सत्यापन समय से पूरा करे और सभी तैयारियों की अग्रिम समीक्षा कर किसी भी प्रकार की कमी को पहले ही दूर कर लिया जाए. कांवड़ की निर्धारित ऊंचाई का पालन सुनिश्चित कराने के लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए तथा वहां के कांवड़ संघों से भी नियमित संवाद रखा जाए.

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पूरे प्रदेश में एक जैसी हों कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाएं

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप पूरी तरह तैयार होने चाहिए. जहां कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उनकी मरम्मत तत्काल पूरी कराई जाए. मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें. स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी के साथ रहे. चिकित्सा शिविर प्रभावी ढंग से संचालित हों तथा एंटी वेनम और एंटी रैबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएं तथा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से भजन-संगीत के साथ आवश्यक सूचनाओं का नियमित प्रसारण किया जाए.

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मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रखी जाएं. खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी और ओवररेटिंग की शिकायत किसी भी दशा में नहीं मिलनी चाहिए. अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करें. प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रहे. डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप हो तथा कानफोड़ू आवाज किसी भी परिस्थिति में स्वीकार न की जाए. 

“हर श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता”

उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से सतत निगरानी रखने तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर बनाए रखने के निर्देश दिए. सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और फर्जी सूचनाओं का तत्काल खंडन किया जाए तथा अफवाह फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

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उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है. ऐसे में घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए. संभावित बाढ़ और कटान वाले क्षेत्रों में पहले से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रहें तथा स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी बनाए रखे. वीआईपी आवागमन से जुड़े कार्यक्रमों की पूर्व जानकारी उपलब्ध रहे, जिससे आम श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो.

कांवड़ संघों से सतत संवाद बनाए रखें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों के साथ सतत संवाद बनाए रखने को कहा. अगले दो से तीन दिनों के भीतर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समसामयिक विषयों और शासन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा की जाए तथा उनके सुझावों के अनुरूप स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए. बैठक में प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल दिया. उन्होंने कहा कि चकबंदी से जुड़ी जनसमस्याओं का समाधान पूरी निष्पक्षता और मेरिट के आधार पर किया जाए. ऐसे विवाद किसी भी स्थिति में सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने का कारण नहीं बनने चाहिए.

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कुछ जनपदों से कोटेदारों के उत्पीड़न की प्राप्त शिकायतों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला पूर्ति अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें. यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो तत्काल निलंबन के साथ खुली विजिलेंस जांच कराकर विधिक और विभागीय कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने पावर कॉरपोरेशन के सभी डिस्कॉम को ओवर बिलिंग की शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश देते हुए कहा कि तकनीकी खामियों का बोझ आम उपभोक्ता पर नहीं पड़ना चाहिए. प्रत्येक उपभोक्ता से उसके वास्तविक विद्युत उपभोग के अनुरूप ही बिजली का बिल लिया जाए और इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए.

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