'खूब खाई आरक्षण की मलाई...', अखिलेश यादव पर योगी सरकार के मंत्रियों का तीखा हमला, बोले- सपा के कहने से नहीं होगा खत्म
यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. मंत्री अनिल राजभर और मनोज पांडेय ने अखिलेश यादव व सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आरक्षण खत्म नहीं होगा और जनता विपक्ष के पुराने रवैये को भूली नहीं है.
Follow Us:
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. इससे पहले सूबे की सियासत में नेताओं के बीच ज़ुबानी जंग तेज़ हो चुकी है. इसी कड़ी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर योगी सरकार के मंत्रियों ने तीखा हमला बोला है. श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय विभाग के मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव के कहने से आरक्षण खत्म नहीं हो सकता है. बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने आरक्षण की व्यवस्था दी है. इस बात को देश और उत्तर प्रदेश की जनता जानती है. जनता समाजवादी पार्टी के असली चेहरे को पहचान चुकी है. वहीं मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण बिल फाड़ने वालों को जनता भूली नहीं है. सत्ता हासिल करने के लिए विपक्ष को देश की जनता के सामने झूठ और असत्य परोसने से बाज आना चाहिए.
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण का विषय जब संसद में आया था, तब बिल फाड़ने का काम किसने किया, यह किसी से छिपा नहीं है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पिछड़े, अति-पिछड़े और दलित वर्ग के लोगों ने समाजवादी पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया। 10 साल से सत्ता से बाहर होने की वजह से छटपटा रहे हैं. इसीलिए आज आरक्षण की बात कर रहे हैं.
पिछड़ों के आरक्षण की सारी मलाई खा गए
अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी चार बार सत्ता में रही, लेकिन आप (अखिलेश यादव) पिछड़े वर्ग के आरक्षण की सारी मलाई खा गए. साथ ही अखिलेश यादव पर राजभर, निषाद, केवट, मल्लाह, साहनी, बिंद, ब्यार, प्रजापति, विश्वकर्मा, कुशवाहा, सैनी, मौर्य, पटेल और जाट समेत तमाम पिछड़ी जातियों के भी आरक्षण की मलाई खाने का आरोप लगाया.
कान खोलकर सुन लें, आरक्षण खत्म नहीं होगा
मंत्री ने कहा कि चार बार की सरकार में पिछड़ी जातियों के आरक्षण को लूटकर सिर्फ अपने समाज को लाभ देने का काम किया है. जिसे पूरा उत्तर प्रदेश देखा और समझ चुका है. इसलिए कान खोलकर सुन लें, समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के कहने से आरक्षण खत्म होने वाला नहीं है.
मंत्री मनोज पांडेय ने सपा अध्यक्ष पर साधा निशाना
मंत्री मनोज पांडेय ने आरक्षण, संविधान और परिवारवाद के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश की जनता की याददाश्त इतनी कमजोर नहीं है कि वह यह भूल जाए कि पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े बिल को किन राजनीतिक दलों के सांसदों ने फाड़ने का काम किया था. 2024 के लोकसभा चुनाव में भी विपक्ष ने संविधान और आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया था, लेकिन अब देश की जनता इन बातों को समझ चुकी है.
यह भी पढ़े:- 'अखिलेश पाकिस्तान भाग जाएंगे…', ओमप्रकाश राजभर का सपा मुखिया पर तीखा हमला; जमकर साधा निशाना
जनता को सब असलियत पता है: मनोज पांडेय
मंत्री ने कहा कि अगर किसी ने संविधान और आरक्षण का सम्मान किया है तो वह बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. देश और उत्तर प्रदेश की जनता अच्छी तरह जानती है कि प्रदेश में आरक्षण का सबसे अधिक नुकसान किसने किया. उन्होंने वर्ष 1995 में पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि इसके इतिहास को देखने से स्पष्ट हो जाएगा कि किसने पिछड़ों और दलितों के अधिकारों को छीनने का काम किया.
यह भी पढ़ें
बताते चलें कि आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण का मुद्दा यूपी की सियासत में फिर गरमाता दिख रहा है. सपा और बीजेपी नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने से साफ है कि चुनावी माहौल में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है.