राम मंदिर दान चोरी विवाद: आरोपियों पर पुलिस का कसा शिकंजा, टिन्नू यादव समेत 8 लोगों के घर पुलिस की दबिश
Ram Mandir Donation Row: पुलिस ने अयोध्या में चढ़ावा चोरी के आरोपियों के परिवार वालों से पूछताछ की. इसी कड़ी में पुलिस आरोपी टिन्नू के भतीजे मनीष के घर भी पहुंची.
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राम मंदिर दान चोरी मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए सभी 8 आरोपियों के घर दबिश दी है. पुलिस आरोपी टिन्नू के भतीजे मनीष के घर भी पहुंची. हालांकि वहां पुलिस को ताला लगा हुआ मिला, लेकिन पुलिस ने ताला तोड़ दिया था.
वहीं, अन्य आरोपियों के घर जाकर भी पुलिस ने परिवार के लोगों से पूछताछ की है. बताया जा रहा है छापेमारी करने गई टीम में लेखपाल भी शामिल हैं. पुलिस का मानना है कि छापेमारी में आरोपियों के घर से चोरी किया गया चंदा बरामद हो सकती है.
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— NMF NEWS (@NMFNewsNational) June 28, 2026
कौन हैं राम मंदिर दान चोरी के 8 आरोपी
- राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू
- सुभाष चंद्र श्रीवास्तव
- लवकुश मिश्रा
- अनुकल्प मिश्रा
- अविनाश शुक्ला
- करुणेश पांडे
- मनीष कुमार यादव
- रमाशंकर मिश्रा
इस मामले में पहली FIR 25 जून को दर्ज हुई थी. मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई थी. इसके बाद 8 आरोपियों को अरेस्ट कर तीन दिन के लिए जेल भेज गया था.
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के इन सदस्यों का इस्तीफा
विवाद बढ़ा, विरोध हुआ, विपक्ष ने सवाल उठाए इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफा दे दिया. इस कथित चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए.
SIT रिपोर्ट में राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, गणना कक्ष और उसके आसपास सुरक्षा के कई स्तर मौजूद थे, लेकिन निगरानी में कई बड़ी खामियां सामने आईं. इसी कमजोरी का फायदा उठाकर चढ़ावे की चोरी जैसी गंभीर घटना को अंजाम दिया गया. रिपोर्ट में इसे हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र की बड़ी सुरक्षा विफलता माना गया है.
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जांच के दौरान करीब 40 लोगों की भूमिका संदिग्ध या लापरवाही से जुड़ी पाई गई है. इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है. अब हर संदिग्ध की भूमिका की अलग-अलग जांच की जा रही है, ताकि यह तय किया जा सके कि किसकी जिम्मेदारी कितनी थी और किसके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाएगी.