मृत मानकर कर दिया अंतिम संस्कार, तेरहवीं के बाद जिंदा लौटा शख्स, दो बार पोस्टमार्टम वाले शव का क्या है राज? Video
Ghaziabad: जिस व्यक्ति को परिवार ने मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया, वही तेरहवीं के अगले दिन जिंदा घर लौट आया. गाजियाबाद की यह चौंकाने वाली घटना अब पुलिस के लिए बड़ी पहेली बन गई है..शख्स की वापसी के बाद हत्या का मामला और अज्ञात शव की पहचान, दोनों की जांच दोबारा शुरू कर दी गई है.
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Ghaziabad: गाजियाबाद के वैशाली से जुड़ा यह मामला अब एक रहस्य बन गया है, जिसमें जिस व्यक्ति को मृत मानकर अंतिम संस्कार तक कर दिया गया था, वही गिरधर बिष्ट अब जिंदा वापस लौट आया है..इस पूरी घटना ने पुलिस जांच से लेकर स्थानीय लोगों तक सभी को चौंका दिया है...
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
गिरधर बिष्ट को मई महीने में एक मारपीट के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें 17 मई को जेल भेजा गया और 21 मई को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया. रिहाई के बाद वह अचानक लापता हो गए. कुछ दिनों बाद 12 जून को एक नहर में एक शव मिला, जिसे गिरधर के परिजनों ने पहचानकर उनका बताया, इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पोस्टमार्टम में मौत का कारण डूबना बताया गया.
पोस्टमार्टम और हत्या का मामला दर्ज
परिवार ने दावा किया कि यह प्राकृतिक मौत नहीं बल्कि हत्या है. इसी आधार पर मसूरी थाने में सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए दोबारा डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया और बिसरा भी सुरक्षित रखा गया.
#Ghaziabad ये गिरधर है पड़ोसियों से मारपीट के बाद पुलिस ने 16 मई को शांतिभंग में जेल भेज दिया, 21 मई को जेल से छूटने के बाद गिरधर गायब हो गया, परिजनों ने जानकारी मिलनेनके बाद हंगामा किया, 13 जून को मसूरी के गंगनहर में एक लश मिली, परिजनों ने शिनाख्त कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया,… pic.twitter.com/RAuaDVG3nV
— Lokesh Rai (@lokeshRlive) June 25, 2026
बड़ा ट्विस्ट - गिरधर बिष्ट जिंदा मिले
अब सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पता चला कि जिसे मृत मान लिया गया था, वह गिरधर बिष्ट जिंदा हैं.. उनके अचानक सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन दोनों सकते में हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर गिरधर जिंदा हैं, तो नहर से मिला वह शव आखिर किसका था, जिसे दो बार पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार तक कर दिया गया.
पुलिस जांच में उलझी गुत्थी
पुलिस अब इस पूरे मामले को नए सिरे से देख रही है. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि गिरधर मानसिक रूप से कमजोर बताए जाते हैं और जेल से रिहा होने के बाद वह भटक गए थे. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पहचान में गलती कैसे हुई और किस व्यक्ति का अंतिम संस्कार कर दिया गया.
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घर वापसी और लोगों की हैरानी
जैसे ही यह खबर इलाके में फैली कि गिरधर बिष्ट जिंदा लौट आए हैं, उनके घर पर लोगों की भीड़ जुटने लगी. लोग हैरान हैं कि जिसे मृत मानकर अंतिम संस्कार और तेरहवीं तक कर दी गई, वह व्यक्ति अचानक कैसे वापस आ गया.
सबसे बड़ा सवाल अभी भी बाकी है
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इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, पहचान में इतनी बड़ी गलती कैसे हुई, पोस्टमार्टम के बाद भी सच्चाई क्यों साफ नहीं हो पाई, और असली मृत व्यक्ति कौन था? फिलहाल पुलिस इस रहस्यमयी मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, लेकिन कहानी अभी भी पूरी तरह सुलझी नहीं है.