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संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग का बड़ा दावा! सपा सांसद बर्क के बयान से भड़की हिंसा, रिपोर्ट में आबादी पर भी बड़ा खुलासा

संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के कथित भड़काऊ बयान को हिंसा की वजह बताया गया है. रिपोर्ट अब विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होगी.

संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग का बड़ा दावा! सपा सांसद बर्क के बयान से भड़की हिंसा, रिपोर्ट में आबादी पर भी बड़ा खुलासा
Image Source: IANS
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उत्तर प्रदेश के संभल जिले में साल 2024 के नवंबर महीने की 24 तारीख को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुईं हिंसा की जांच कर रही न्यायिक आयोग की रिपोर्ट सामने आ गई है. यूपी कैबिनेट के सामने यह रिपोर्ट मंगलवार को पेश हुई. लगभग 450 पन्नों की यह रिपोर्ट विधानसभा के मानसून सत्र में सदन में पेश की जाएगी. इससे पहले आयोग ने अपनी रिपोर्ट बीते साल अगस्त के महीने में मुख्यमंत्रो योगी आदित्यानाथ के समक्ष पेश कर चुकी है. सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट में संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क का एक बयान था जिसके चलते हिंसा भड़की. 

न्यूज़ 18 में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग की रिपोर्ट में यह जिक्र किया गया है कि सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क  के भड़काऊ बयान के चलते ही क्षेत्र का माहौल तेज़ी से बदला. इसके बाद पठान और तर्क समुदाय के बीच स्थिति तनावपूर्ण हुई. इस दौरान हिंसा के दौरान हुई फ़ायरिंग में चार लोगों की मौत हुई थी. 

रिपोर्ट में संभल की आबादी को लेकर भी बड़ा दावा 

न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में संभल जिले की बदलती हुई डेमोग्राफ़ी का भी प्रमुखता से जिक्र किया गया है. अपनी रिपोर्ट में आयोग की तरफ़ से इस बात का दावा किया गया है कि जब भारत आज़ाद हुआ उस वक़्त जिले की नगर पालिका क्षेत्र में हिंदुओं की आबादी 45 फ़ीसदी थी. जो मौजूदा समय में घटकर मात्र 15 प्रतिशत ही रह गई है. रिपोर्ट में डेमोग्राफ़ी को लेकर सबसे चौकाने वाली बात तो यह कही गई है कि यह बदलाव क्षेत्र में हिंसा, दंगे और धर्मांतरण जैसे घटनाक्रमों के चलते आया है. हालांकि, इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है. 

क्या है तुर्क -पठान की लड़ाई?

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रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि पहले जब जिले में जब तक हिंदुओं की आबादी 40 प्रतिशत से कहीं अधिक तक तक क्षेत्र में शांति थी लेकिन दंगे, धर्मांतरण और लव जिहाद समेत अन्य घटनाओं के चलते हिंदुओं ने क्षेत्र से पलायन शुरू किया. इसके बाद जब हिंदुओं की आबादी लगभग 20 प्रतिशत से जैसे ही नीचे पहुंची तो फिर क्षेत्र में पठान बनाम तुर्क समुदाय के बीच वर्चस्व को लेकर नई जंग शुरू हुई. अब इन दोनों समुदाय के बीच लड़ाई के चलते कई बार जिले में स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है. 

हिंसा के दौरान सांसद बर्क ने क्या कहा था?

संभल जिले में हिंसा के दौरान सपा सांसद बर्क के बयान की काफी चर्चा हुई थी. न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, सपा सांसद ने हिंसा के दौरान कहा था कि हम लोग इस देश के मालिक हैं ना कि नौकर और गुलाम. सपा सांसद के इसी बयान के बाद जिले का माहौल बदला और हिंसा हुई 

रिपोर्ट में सभी दंगो रिकॉर्ड

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सूत्रों के मुताबिक, न्यायिक रिपोर्ट में संभल में 1936 से लेकर 2019 के बीच हुए 15 बड़े दंगों का जिक्र किया गया है. जिनमें कुल 213 लोगों ने अपनी जान गवांई . इनमें हिन्दुओं की संख्या सबसे अधिक 209 थी. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 29मार्च 1978 को होली में हुई हिंसा में 184 हिंदुओं की मौत हुई थी. इसके अलावा इन सभी दंगो में सिर्फ चार मुस्लिम समुदाय के लोगों की मौत हुई थी. सबसे चौकानें वाली बात यह है कि शहर में कुल 68 तीर्थ स्थल और 19 पवित्र कुएं थे जिन पर धीरे-धीरे कंजा कर अतिक्रमण किया. 

बहरहाल, न्यायिक आयोग की यह रिपोर्ट अब विधानसभा के मानसून सत्र में सदन के पटल पर रखी जाएगी. इसके बाद रिपोर्ट में किए गए दावों, निष्कर्षों और सिफारिशों पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है. वहीं, रिपोर्ट में किए गए कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, इसलिए इस पर सभी पक्षों की प्रतिक्रिया भी अहम मानी जाएगी.

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