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महाराष्ट्र में बढ़े आदमखोर तेंदुए के हमले… पुणे में ली मासूम की जान, फडणवीस सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम

CM देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि, पुणे और अहिल्या नगर क्षेत्रों में इस समय करीब 1,300 तेंदुए मौजूद हैं. हाल के कुछ दिनों में इन इलाकों में हुए तेंदुओं के हमलों से कई लोगों की जान जा चुकी है.

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04 Nov 2025
( Updated: 11 Dec 2025
02:09 AM )
महाराष्ट्र में बढ़े आदमखोर तेंदुए के हमले… पुणे में ली मासूम की जान, फडणवीस सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम
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महाराष्ट्र में तेंदुए के बढ़ते दहशत के बाद फडणवीस सरकार ने एक्शन प्लान तैयार किया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में बढ़ते इंसान-तेंदुआ संघर्ष पर चिंता जताई है और वन विभाग के साथ चर्चा कर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. 

CM देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि, पुणे और अहिल्या नगर क्षेत्रों में इस समय करीब 1,300 तेंदुए मौजूद हैं. हाल के कुछ दिनों में इन इलाकों में हुए तेंदुओं के हमलों से कई लोगों की जान जा चुकी है. CM फडणवीस ने कहा कि सरकार इस गंभीर समस्या पर ठोस कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है. 

वन विभाग और CM फडणवीस ने बातचीत के बाद लिया फैसला

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CM फडणवीस ने बताया कि, सरकार और वन विभाग के बीच हुई लंबी चर्चा के बाद यह तय किया गया है कि जहां तेंदुए ज्यादा खतरनाक या आक्रामक हो जाते हैं, वहां उन्हें मारने का निर्णय भी लिया जा सकता है. 

CM फडणवीस ने कहा, ‘कुछ मामलों में जब नर तेंदुआ लगातार हमला करता है या मानव जीवन के लिए खतरा बन जाता है तो मजबूरन ऐसे कदम उठाने पड़ते हैं, लेकिन हमारा उद्देश्य किसी जानवर को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.’

तेंदुओं के पुनर्वास पर सरकार का फोकस

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CM फडणवीस ने यह भी बताया कि सरकार का मुख्य ध्यान तेंदुओं को बचाने और पुनर्वास पर रहेगा. इसके लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा, ‘हमारा प्लान है कि जितने भी तेंदुए आबादी वाले इलाकों में घूम रहे हैं, उन्हें पकड़कर रेस्क्यू सेंटर में स्थानांतरित किया जाए.’

CM फडणवीस ने आगे बताया कि, इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार तेंदुओं की नसबंदी (स्टरलाइजेशन) कराने की योजना भी बना रही है ताकि उनकी संख्या अनियंत्रित रूप से न बढ़े. उन्होंने माना कि पिछले कुछ महीनों में ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में तेंदुओं की बढ़ती आवाजाही ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है. कई गांवों में शाम होते ही लोग घरों से निकलना बंद कर देते हैं. राज्य सरकार ने वन विभाग को निर्देश दिया है कि वे मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए ठोस योजना बनाएं, जिसमें सुरक्षित बाड़, रेस्क्यू टीमों की तैनाती, जागरूकता अभियान और निगरानी ड्रोन सिस्टम शामिल होंगे. 

महाराष्ट्र के 13 गांवों को किया अलर्ट

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महाराष्ट्र में आदमखोर तेंदुए के बढ़ते हमलों को देखते हुए प्रशासन ने 13 गांवों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. साथ ही सुबह-सुबह और देर शाम बाहर निकलने से भी मना किया गया है. इसके साथ-साथ प्रशासन ने जागरूकता अभियान भी चलाया है. पुणे के पिंपरखेड गांव में 13 साल के बच्चे को तेंदुए ने शिकार बनाया था इसके बाद लोगों में दहशत है

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