पेट्रोल-डीजल और LPG की कालाबाजारी पर योगी सरकार का सख्त एक्शन, प्रदेशभर में 29 हजार से अधिक छापे
योगी सरकार ने यूपी में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी आपूर्ति सामान्य बताते हुए कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की है. हजारों छापों में एफआईआर और गिरफ्तारियां हुईं, जबकि पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और अफवाहों से बचने की अपील की गई है.
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उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए कालाबाजारी पर कड़ा शिकंजा कस दिया है. मुख्य सचिव स्तर से जारी निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर प्रवर्तन कार्रवाई की गई, जिसके तहत 12 मार्च से अब तक 29,607 छापे और निरीक्षण किए गए. इस दौरान एलपीजी वितरण से जुड़े 39 मामलों समेत कुल 220 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर 261 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है.
पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य
सरकार के अनुसार प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है. राज्य के 12,888 पेट्रोल पंपों के माध्यम से लगातार उपभोक्ताओं को ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है. 12 से 16 अप्रैल के बीच प्रतिदिन हजारों किलोलीटर पेट्रोल और डीजल की बिक्री दर्ज की गई, जबकि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 82,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.05 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. सरकार ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक भंडारण (पैनिक बाइंग) से बचें.
एलपीजी आपूर्ति पर भी कड़ी निगरानी
एलपीजी की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई गई है. प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार रिफिल सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. साथ ही वाणिज्यिक एलपीजी के लिए केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों जैसे होटल, ढाबा, उद्योग और सामुदायिक रसोई को प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध आवंटन किया जा रहा है.
पीएनजी कनेक्शन में लाएं तेजी
योगी सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार को भी तेजी दी है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन उपलब्ध कराए जा सकें. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद विभिन्न विभागों से 117 से अधिक अनुमतियां जारी की जा चुकी हैं. 14 मार्च 2026 के बाद से अब तक 51,548 नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 16.09 लाख से अधिक हो गई है.
24x7 कंट्रोल रूम से निगरानी व्यवस्था सख्त
सप्लाई व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, वहीं जिलों में भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं. खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी लगातार फील्ड में जाकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर आपूर्ति बाधित न हो.
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बताते चलें कि योगी सरकार ने प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की है. मजबूत निगरानी व्यवस्था और लगातार हो रही छापेमारी से आपूर्ति प्रणाली को और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है. सरकार का दावा है कि आने वाले समय में भी आम जनता को बिना किसी परेशानी के ईंधन और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित होती रहेगी.
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