BJP नेता की एक चिट्ठी और लग गया राहुल गांधी को झटका, रद्द हो गया मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. रिटर्निंग ऑफिसर ने मंगलवार को शपथ पत्र में जानकारी छिपाने के आरोप में कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया है.
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MP में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. राहुल गांधी की करीबी मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन खारिज हो गया है. उन पर शपथ पत्र में जानकारी छिपाने का आरोप लगा था. इसके साथ ही बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार की जीत हो गई. नटराजन को तमाम नेताओं पर वरीयता देते हुए कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया था. नटराजन राहुल गांधी की करीबी मानी जाती हैं. इसलिए तमाम अटकलों के बावजूद सुप्रिया श्रीनेत के बजाय उन्हें राज्यसभा जाने के लिए चुना गया. श्रीनेत, नटराजन से काफी जूनियर हैं.
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द
नटराजन मंदसौर लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुकी हैं. मीनाक्षी नटराजन वर्तमान समय में तेलंगाना की कांग्रेस प्रभारी हैं. मीनाक्षी नटराजन अपनी सादगी के लिए जानी जाती हैं. ये कार्रवाई बीजेपी की शिकायत पर की गई है. भाजपा ने नटराजन के नामांकन पत्र पर गंभीर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने तेलंगाना की अदालत में लंबित एक मामले की जानकारी छिपाई है.
बीजेपी नेता राहुल कोठारी की शिकायत पर रद्द हुआ नामांकन
आपको बताएं कि ये आपत्ति बीजेपी के लीडर राहुल कोठारी ने शपथ पत्र में जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को चुनौती दी थी. कोठारी ने इस संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर को चिट्ठी लिखी थी.
राहुल कोठारी ने जानकारी छिपाने का लगाया था आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राहुल कोठारी ने रिटर्निंग ऑफिसर को लिखी चिट्ठी में आरोप लगाया था कि राज्यसभा निर्वाचन 2026 के लिए अपनी नामांकन और शपथ पत्र में मीनाक्षी नटराजन द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के संबंध में आपत्ति प्रस्तुत की जाती है. यह तथ्य संज्ञान में आया है कि हैदराबाद के एक केस का जिक्र उन्होंने नहीं किया है. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 356, 61, 45 , 46, 315 (2) और 79 आरोपित की गई हैं. नामांकन के समय यह प्रकरण अस्तित्व में था जिसका शपथ पत्र में उल्लेख नहीं किया गया है.
दायर की गई आपत्ति के अनुसार, पूर्व कॉर्पोरेट अधिकारी ए. श्रीलता ने नटराजन के खिलाफ चौथे अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि नटराजन ने कुंभम शिवकुमार रेड्डी को राजनीतिक संरक्षण दिया था. श्रीलता ने रेड्डी पर छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
कौन हैं राहुल कोठारी?
आपको बता दें कि राहुल कोठारी मध्य प्रदेश बीजेपी के उभरते हुए नेता हैं. फिलहाल वो प्रदेश महामंत्री हैं. उन्होंने भाजयुमो में दिल्ली से लेकर भोपाल तक संगठन में विभिन्न पदों पर काम किया है. छात्र राजनीति में भी उनका लंबा अनुभव है. साफ छवि के कोठारी को MP बीजेपी का भविष्य तक करार दिया जाता है. राहुल कोठारी पार्टी के प्रवक्ता भी रहे हैं. उन्हें एक कुशल एक संगठक भी माने जाते हैं.
नटराजन का नामांकन खारिज पर भड़की कांग्रेस
इसका खंडन करते हुए कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने भाजपा की आपत्ति को 'फोर्स्ड पॉलिटिक्स' करार दिया. उन्होंने तर्क दिया कि नटराजन के खिलाफ कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं किया गया है, केवल अदालत का नोटिस प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, जानकारी का खुलासा केवल मामला दर्ज होने पर ही किया जाना चाहिए, नोटिस प्राप्त होने पर नहीं.
नटराजन ने किया अपना बचाव
अपना बचाव करते हुए नटराजन ने स्थिति को 'राजनीतिक साजिश' बताया और हैदराबाद अदालत में श्रीलता की याचिका का विरोध करते हुए इसे उनकी छवि खराब करने का प्रयास बताया. इससे पहले दिन में, चुनाव से पहले 'रिसॉर्ट स्टे' रणनीति के तहत अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजने के प्रयास में पार्टी को भोपाल हवाई अड्डे पर बाधा का सामना करना पड़ा.
सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि भाजपा 'गांधीवादी महिला से डरी हुई है.' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता से सत्ताधारी पार्टी घबरा गई है और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए 'हर तरह के हथकंडे' अपना रही है. उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर विधानसभा को राजनीतिक अखाड़ा बनाने का आरोप लगाते हुए कहा, 'नारा 'नारी वंदना' है, लेकिन चरित्र 'नारी अपमान' है, यही भाजपा की असली पहचान है. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस एकजुट है, लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और 'सत्य, संविधान और जनमत की शक्ति से' चुनाव में जीत हासिल करेगी.
ये सरासर सीट चोरी: दिग्विजय सिंह
इसी बीच मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस नेताओं ने रातभर धरना भी दिया. इसे पूर्व सांसद दिग्विजय सिंह ने सरासर सीट चोरी करार दिया है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "लोकतंत्र की हत्या है. मीनाक्षी का राज्यसभा का नामांकन पत्र रद्द करना अवैधानिक है. जिस प्रकरण के कारण रद्द किया गया है, आज तक ना उसकी एफआईआर है, ना वह प्रकरण दर्ज है. सिर्फ नोटिस जारी हुआ है, जिसका उल्लेख नामांकन पत्र में करने का प्रावधान भी नहीं है. यह तो सरासर 'सीट चोरी' है. हमारा संघर्ष जारी रहेगा."
वहीं कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया. कांग्रेस के नेता सड़क पर उतरे हैं और राजभर उन्होंने भोपाल में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया.
कमलनाथ का भी बीजेपी पर बड़ा हमला
इससे पहले, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार बहन मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना पूरी तरह से असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है. यह घटनाक्रम बताता है कि भारतीय जनता पार्टी देश में लोकतंत्र और संविधान की हत्या कर रही है. कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर अन्याय के खिलाप संघर्ष करेगी."
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कांग्रेस पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन बिना किसी कारण रद्द कर दिया. ये लोकतंत्र पर सीधा हमला है, बाबा साहेब के संविधान पर प्रहार है. हम किसी भी कीमत पर लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देंगे.