क्या कांग्रेस में सब कुछ ठीक है? केरल CM के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे शशि थरूर, बोला-सॉरी
पांच राज्यों के चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन के बीच कांग्रेस के लिए केरल राहत बनकर सामने आया. मुख्यमंत्री चयन में करीब 10 दिन की देरी ने अंदरूनी कलह की अटकलें बढ़ा दीं. अब वीडी सतीशन सोमवार को शपथ लेंगे. वहीं तिरुवनंतपुरम समारोह में शशि थरूर की गैरमौजूदगी चर्चा में है.
Follow Us:
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों के बीच कांग्रेस के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण रहा. कई राज्यों में निराशा हाथ लगी लेकिन केरल में पार्टी ने राहत की सांस ली. केरल को अब भी कांग्रेस के लिए एक मजबूत आधार माना जा रहा है. चुनावी नतीजे आने के बाद केरल में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कांग्रेस आलाकमान को करीब दस दिनों का समय लग गया. इस देरी ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए. चर्चा तेज हो गई कि क्या पार्टी के भीतर अंदरूनी मतभेद इस देरी की वजह रहे.इस बीच कांग्रेस ने विधायक वीडी सतीशन का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए फाइनल किया और अब उनके सोमवार को शपथ लेने की संभावना है. पार्टी के भीतर इसे एक अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. लेकिन सूबे के दिग्गज नेता शशि थरूर को लेकर अब नई चर्चा शुरू हो गई है.
शपथ ग्रहण में नहीं शामिल होंगे शशि थरूर
दरअसल, सोमवार को तिरुवनंतपुरम में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर शामिल नहीं होंगे. उनकी अनुपस्थिति ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है. शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि वह इस समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि वह अमेरिका के बोस्टन में होंगे जहां उन्हें द फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी में ग्रेजुएशन समारोह में भाषण देना है. साथ ही वह अपने पुराने बैच के 50वें रीयूनियन कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए अतीत का जश्न मनाने और भविष्य की उम्मीदों को साथ लेकर चलने जैसा अनुभव है. उनके इस बयान को राजनीतिक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है क्योंकि इससे केरल की राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. शशि थरूर की हालिया सक्रियता ने कांग्रेस के भीतर उनकी स्थिति को और मजबूत किया है.
I’m sorry to be missing the swearing-in ceremony of my @incKerala colleague and new CM of Kerala @vdsatheesan. I am in Boston this weekend to deliver the Commencement address at the graduation ceremony of my alma mater, the Fletcher School of Law & Diplomacy at @TuftsUniversity —…
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) May 15, 2026
कांग्रेस में बढ़ती भूमिका
पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस के लिए संगठनात्मक चुनौतियां और बढ़ गई हैं. कई राज्यों में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली लेकिन केरल को अब भी एक ऐसा राज्य माना जा रहा है जहां पार्टी अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है. यही कारण है कि यहां नेतृत्व चयन को लेकर सभी की नजरें टिकी रहीं. कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री चयन में हुई देरी केवल प्रक्रियात्मक नहीं थी बल्कि विभिन्न गुटों के बीच सहमति बनाने की कोशिश भी इसका हिस्सा थी. हालांकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इन दावों को स्पष्ट नहीं किया है.
केरल राजनीति में नया मोड़
शशि थरूर की लोकप्रियता खासकर शहरी और युवा मतदाताओं के बीच लगातार बढ़ती दिख रही है. उनके भाषणों में तकनीकी समझ और वैश्विक दृष्टिकोण का मिश्रण उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है. यही कारण है कि उनकी अनुपस्थिति भी राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गई है.
यह भी पढ़ें
बताते चलें कि केरल की राजनीति इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी है. नए मुख्यमंत्री के चयन और शशि थरूर की बढ़ती भूमिका ने राजनीतिक माहौल को और अधिक सक्रिय बना दिया है. आने वाले दिनों में इन घटनाओं का असर राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकता है. राजनीतिक जानकारों का यह भी कहना है कि आने वाले समय में कांग्रेस के लिए केरल संगठन की रणनीति बेहद अहम रहने वाली है. शशि थरूर जैसे नेताओं की सक्रियता और राज्य नेतृत्व की नई टीम मिलकर पार्टी की दिशा तय कर सकती है. अब सभी की नजर सोमवार के शपथ ग्रहण और उसके बाद की राजनीति पर टिकी है.
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें