पिथौरागढ़ में जिला प्रशासन की नई पहल ‘हेलो हेल्पलाइन’ बनी लोगों का सहारा, घर बैठे दर्ज हो रहीं शिकायतें
हेल्पलाइन शुरू होने के बाद लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाना भी शुरू कर दिया है. अब तक करीब 143 शिकायतें हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज की जा चुकी हैं. इनमें से 100 से अधिक शिकायतों का समाधान भी किया जा चुका है.
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उत्तराखंड में पिथौरागढ़ जिला प्रशासन की नई पहल हेलो हेल्पलाइन का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है. इस सुविधा के शुरू होने के बाद दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपनी समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं. अब लोग फोन कॉल के माध्यम से ही अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं और प्रशासन भी तेजी से उनका समाधान कर रहा है.
“हेलो हेल्पलाइन डेस्क”
बीते दिनों जिलाधिकारी द्वारा कलेक्टर कार्यालय में “हेलो हेल्पलाइन डेस्क” की शुरुआत की गई थी. इस पहल का मुख्य उद्देश्य दूरदराज के गांवों और क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत पहुंचाना है. पहले लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं और शिकायतों के लिए लंबा सफर तय कर जिला मुख्यालय आना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी.
प्रशासन के अनुसार वर्तमान समय में बढ़ती पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों के कारण लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह नई व्यवस्था शुरू की है, ताकि लोग बिना कार्यालय आए फोन के जरिए अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचा सकें.
हेलो हेल्पलाइन डेस्क की खास बात यह है कि इसकी मॉनिटरिंग स्वयं जिलाधिकारी कर रहे हैं. इससे शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाई जा रही है और संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं. प्रशासन का दावा है कि शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है.
एक हफ्ते में 143 शिकायतें दर्ज, 100 से ज्यादा का समाधान
हेल्पलाइन शुरू होने के बाद लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाना भी शुरू कर दिया है. अब तक करीब 143 शिकायतें हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज की जा चुकी हैं. इनमें से 100 से अधिक शिकायतों का समाधान भी किया जा चुका है, जबकि बाकी शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई जारी है. प्रशासन का कहना है कि लंबित मामलों का भी जल्द निस्तारण कर दिया जाएगा.
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जिला प्रशासन की इस पहल को लोगों द्वारा सराहा जा रहा है. इससे न केवल लोगों का समय और पैसा बच रहा है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संपर्क भी मजबूत हो रहा है.