योगी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हुआ विभागों का बंटवारा, भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय को मिली बड़ी जिम्मेदारी
योगी सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है. भूपेंद्र चौधरी को MSME और मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. विभाग आवंटन की अधिसूचना राज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी की गई.
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आखिरकार नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है. पिछले कई दिनों से जिस फैसले का इंतजार किया जा रहा था, उस पर अब मुहर लग चुकी है. राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की अनुमति मिलने के बाद रविवार को विभाग आवंटन की अधिसूचना जारी कर दी गई. इसके साथ ही सियासी गलियारों में चल रहे तमाम कयासों पर भी विराम लग गया.
भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय को मिली अहम जिम्मेदारी
योगी सरकार में शामिल किए गए आठ नए मंत्रियों को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सबसे ज्यादा चर्चा कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय को मिले विभागों को लेकर हो रही है. भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी MSME विभाग दिया गया है, जबकि मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग की जिम्मेदारी मिली. इससे पहले MSME विभाग राकेश सचान के पास था. अब उनके पास खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा और वस्त्रोद्योग विभाग रहेंगे.
मुख्यमंत्री के पास रहे विभाग नए मंत्रियों को सौंपे गए
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार में अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सौंपा गया है. वहीं सोमेंद्र तोमर को राजनैतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग दिया गया है. खास बात यह है कि ये विभाग पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास थे. माना जा रहा है कि विभागों का यह बंटवारा सरकार की नई रणनीति का हिस्सा है.
अन्य मंत्रियों को भी मिली नई जिम्मेदारियां
इसके अलावा राज्य मंत्रियों में कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग दिया गया है. कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग की जिम्मेदारी मिली है. वहीं सुरेंद्र दिलेर को राजस्व विभाग और हंस राज विश्वकर्मा को MSME विभाग में जिम्मेदारी सौंपी गई है.
राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस विभागीय बंटवारे में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की गई है. भूपेंद्र चौधरी को पहले योगी सरकार में पंचायती राज विभाग मिला था, लेकिन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद वह विभाग मुख्यमंत्री के पास चला गया था.फिलहाल यह विभाग सहयोगी दल सुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के पास है.
विभाग आवंटन में देरी पर विपक्ष ने घेरा
मंत्रियों के विभाग तय होने में हुई देरी को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार सरकार पर हमला बोल रही थी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट कर सरकार पर तंज कसा था. विपक्ष का कहना था कि सरकार मंत्रिमंडल विस्तार तो कर चुकी है, लेकिन विभागों के बंटवारे में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी.
आज होगी योगी कैबिनेट की अहम बैठक
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अब विभागों के आवंटन के बाद योगी सरकार 2.0 की पहली बड़ी कैबिनेट बैठक भी होने जा रही है. सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को भी मंजूरी मिल सकती है. योगी सरकार के इस फैसले के बाद अब सभी की नजर नई कैबिनेट की कार्यशैली और आने वाले बड़े निर्णयों पर टिकी हुई है.
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