×
जिस पर देशकरता है भरोसा

युवाओं में बढ़ते कैंसर खतरे पर CM योगी का एक्शन, UP के हर जिले में 100 कैंप, प्रदेशभर में विशेष जांच अभियान

CM Yogi: यह बीमारी पहले से ज्यादा खतरनाक बनती जा रही है. इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने कैंसर को शुरुआती चरण में पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया है, ताकि बीमारी को समय रहते रोका जा सके और मरीज की जान बचाई जा सके.

Author
14 Feb 2026
( Updated: 14 Feb 2026
04:04 AM )
युवाओं में बढ़ते कैंसर खतरे पर CM योगी का एक्शन, UP के हर जिले में 100 कैंप, प्रदेशभर में विशेष जांच अभियान
Image Source: Social Media
Advertisement

UP Cancer Campaign: कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही लोगों के मन में डर बैठ जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह है इससे जुड़ी मौत के आंकड़े और देर से पता चलना. पहले इसे उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह तेजी से युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है. यही कारण है कि यह बीमारी पहले से ज्यादा खतरनाक बनती जा रही है. इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने कैंसर को शुरुआती चरण में पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया है, ताकि बीमारी को समय रहते रोका जा सके और मरीज की जान बचाई जा सके.

हर जिले में लग रहे हैं 100 स्क्रीनिंग कैंप

अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य) अमित घोष के निर्देश पर 6 फरवरी से राज्य के हर जिले में 100-100 स्क्रीनिंग कैंप लगाए जा रहे हैं. इन कैंपों में 30 साल से अधिक उम्र के पुरुषों और महिलाओं की जांच की जा रही है. मकसद साफ है जिन लोगों को अभी कोई गंभीर लक्षण महसूस नहीं हो रहे, उनमें भी बीमारी के शुरुआती संकेत खोजे जाएं। रिपोर्ट के अनुसार अब तक सबसे ज्यादा संदिग्ध मामले मुंह (ओरल) कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के सामने आए हैं, जिससे साफ है कि इन दोनों प्रकार के कैंसर पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

Advertisement

UP: ट्रैफिक नियम तोड़े तो खैर नहीं, 5 चालान होते ही छिन जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस

2018 से चल रहा है स्क्रीनिंग कार्यक्रम

स्वास्थ्य विभाग ने साल 2018 से ही एक संयुक्त स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू किया था. इसमें सिर्फ कैंसर ही नहीं, बल्कि उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और मधुमेह (डायबिटीज) की भी जांच की जाती है.गांव और कस्बों तक सुविधा पहुंचाने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में टॉर्च की मदद से मुंह के कैंसर के लक्षणों की जांच की जा रही है. इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पर हेल्थ कैंप लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जांच की सुविधा पहुंचे.

कौन कर रहा है जांच और क्या है फोकस?

इन कैंपों में कम्युनिटी हेल्थ अफसर, एएनएम और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ जांच कर रहे हैं. मुंह के कैंसर की जांच डेंटल सर्जन कर रहे हैं, जबकि ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग सर्जन द्वारा की जा रही है. राज्य की नोडल अधिकारी डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि कोशिश यह है कि कैंसर को पहली ही स्टेज में पकड़ लिया जाए.अगर बीमारी शुरुआती अवस्था में पता चल जाती है, तो इलाज आसान और ज्यादा सफल होता है.

Advertisement

चौंकाने वाले आंकड़े, लेकिन अभी पुष्टि नहीं

रिपोर्ट के अनुसार 1 जुलाई 2024 से 8 फरवरी 2026 के बीच करोड़ों लोगों की स्क्रीनिंग की गई. इनमें लाखों लोगों में कैंसर के शुरुआती लक्षण मिले हैं. बड़ी संख्या में ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के संभावित मामले सामने आए हैं. हालांकि विभाग ने साफ किया है कि यह केवल शुरुआती लक्षण हैं, कैंसर की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है. जिन लोगों में लक्षण पाए गए हैं, उन्हें आगे की जांच के लिए रेफर किया गया है.

महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अरुण ने बताया कि हर जिले में 100 कैंप लगाने से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक समय पर जांच की सुविधा पहुंच सकेगी. सरकार का उद्देश्य साफ है, बीमारी को बढ़ने से पहले पकड़ना और लोगों की जान बचाना.

Advertisement

सीधी बात यह है कि कैंसर अब उम्र देखकर नहीं हो रहा, इसलिए समय पर जांच बेहद जरूरी है. सरकार बड़े स्तर पर जांच कैंप लगाकर लोगों तक पहुंच रही है, ताकि बीमारी को शुरू में ही रोका जा सके. जिन लोगों में लक्षण मिल रहे हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि आगे की जांच करानी चाहिए. जल्दी पता चलेगा तो इलाज आसान होगा और जीवन सुरक्षित रहेगा.
  

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें