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आधी रात सियासी आग... अपर्णा यादव ने जलाया सपा-कांग्रेस का झंडा, बोलीं- अब सामने आया विपक्ष असली चेहरा

महिला आरक्षण संशोधन बिल गिरने के बाद बीजेपी आक्रामक हो गई है और देशभर में प्रदर्शन की तैयारी कर रही है. लखनऊ में अपर्णा यादव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने देर रात विरोध प्रदर्शन करते हुए सपा और कांग्रेस के झंडे जलाए और विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ होने का आरोप लगाया.

आधी रात सियासी आग... अपर्णा यादव ने जलाया सपा-कांग्रेस का झंडा, बोलीं- अब सामने आया विपक्ष असली चेहरा
Image Source: X / @aparnabisht7 (File Photo)
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लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन बिल पास नहीं हो पाया, जिसके बाद सियासत गरमा गई है. बीजेपी अब इस मुद्दे पर पूरी तरह आक्रामक नजर आ रही है और शनिवार से देशभर में बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर चुकी है. पार्टी इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनाकर विपक्ष को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है.

लखनऊ में देर रात प्रदर्शन से शुरुआत

इस राजनीतिक आंदोलन की झलक लखनऊ में देर रात देखने को मिली. मुलायम परिवार की छोटी बहू और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. आधी रात के करीब कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और उनके झंडे भी जलाए. इस दौरान माहौल काफी गरमाया हुआ नजर आया.

अपर्णा यादव का तीखा हमला

प्रदर्शन के दौरान अपर्णा यादव ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. अपर्णा यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा कि अंधेरा ज्यादा देर तक नहीं टिकता और जल्द ही कमल फिर खिलेगा. उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े होने का आरोप लगाया. बीजेपी महिला कार्यकर्ताओं ने भी इसे नारी शक्ति के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया. बीजेपी का साफ संदेश है कि महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को जनता के बीच बेनकाब किया जाएगा. पार्टी का मानना है कि यह मुद्दा सिर्फ एक बिल तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की भागीदारी और सम्मान से जुड़ा है. इसी वजह से अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन का रूप दिया जा रहा है.

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देशभर में प्रदर्शन की तैयारी

बीजेपी ने शनिवार से देशभर में कई जगहों पर प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई है. इन प्रदर्शनों में एनडीए के सहयोगी दल भी हिस्सा लेंगे. इससे पहले संसद परिसर में भी बीजेपी महिला सांसदों ने विरोध प्रदर्शन कर विपक्ष के खिलाफ नारे लगाए थे.

बिल क्यों नहीं हो सका पास?

महिला आरक्षण संशोधन बिल को पास कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी. कुल 528 वोटिंग में सरकार को 352 वोट चाहिए थे, लेकिन बिल के पक्ष में 298 वोट ही मिल सके, जिससे यह जरूरी आंकड़े से 54 वोट पीछे रह गया.

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बहरहाल, अब यह मुद्दा आने वाले समय में और ज्यादा तूल पकड़ सकता है. बीजेपी इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्ष इसे सरकार की रणनीतिक विफलता बता रहा है. ऐसे में साफ है कि महिला आरक्षण का मुद्दा फिलहाल भारतीय राजनीति के केंद्र में बना रहेगा.

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