CM धामी का युवाओं को बड़ा संदेश, बोले- नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें
सीएम धामी ने उत्तराखंड सरकार द्वारा 'युवा आयोग' के गठन के निर्णय के बारे में भी बात की और कहा, "युवा आयोग के गठन का निर्णय रोजगार और स्वरोज़गार के नए अवसर पैदा करने और युवाओं के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया था.”
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून में 'युवा संकल्प दिवस' कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ऐसे कदम उठा रही है जिससे युवाओं को अपने सपने पूरे करने के लिए अपने गांव छोड़ने पर मजबूर न होना पड़े.
AI और रोबोटिक्स के लिए युवाओं को तैयार करने पर जोर
एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उत्तराखंड के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में अपने गांव, घर और राज्य को न छोड़ना पड़े. हम चाहते हैं कि हमारे युवा भविष्य में केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें.”
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए, जो रोजगार और उद्योग को बदल रहे हैं, सीएम धामी ने कहा, "हमें अपने युवाओं को न केवल वर्तमान के लिए, बल्कि भविष्य की दुनिया के लिए भी तैयार करना होगा. इसी के अनुसार, हम एआई और रोबोटिक्स जैसे उद्योगों की ज़रूरतों के हिसाब से आधुनिक कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रहे हैं.”
उन्होंने कहा, "पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोजगार के कई नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं. मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी इलाकों में भी उद्योगों का विस्तार किया जा रहा है. हम अपने पहाड़ी क्षेत्रों में भी उद्योग स्थापित करने की पहल कर रहे हैं.हाल ही में, हमने पौड़ी, चमोली और अल्मोड़ा जैसे क्षेत्रों में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया है.”
पहाड़ों में उद्योग और रोजगार बढ़ाने की योजना
सीएम धामी ने उत्तराखंड सरकार द्वारा 'युवा आयोग' के गठन के निर्णय के बारे में भी बात की और कहा, "युवा आयोग के गठन का निर्णय रोजगार और स्वरोज़गार के नए अवसर पैदा करने और युवाओं के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया था.”
उन्होंने जोर देकर कहा, "हम चाहते हैं कि युवाओं के लिए बनाई जाने वाली नीतियों में उन्हें शामिल किया जाए.यह आयोग युवाओं के अधिकारों और हितों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ कौशल विकास, रोज़गार, उद्यमिता और नवाचार के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इसके माध्यम से युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनने के अवसर मिलेंगे.”
नशे और साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता
उत्तराखंड के सीएम ने यह भी भरोसा दिलाया कि नशीले पदार्थों के सेवन, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे.
उन्होंने जोर दिया, "क्योंकि मेरा मानना है कि युवाओं का भविष्य केवल चर्चा का विषय नहीं होना चाहिए; उन्हें अब नीति-निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाया जाना चाहिए.”
नकल विरोधी कानून का किया जिक्र
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य में 2023 के नकल-रोधी कानून का जिक्र करते हुए कहा कि इसे राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं को 'पारदर्शी' बनाने और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए लागू किया गया है.उन्होंने कहा, "किसी को भी किसी युवा की सालों की मेहनत और सपनों को छीनने या उनके साथ अन्याय करने का हक नहीं है.आखिर, नौकरी मिलना सिर्फ़ एक आंकड़ा नहीं है—यह किसी युवा की मेहनत और उसके परिवार की उम्मीदों का प्रतीक है।"
हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रास्ते बना सकती है और मौके पैदा कर सकती है, लेकिन मंजिल तक पहुंचने का सफर उन्हें खुद ही तय करना होगा.
स्वामी विवेकानंद के एक मशहूर कथन का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने छात्रों से कड़ी मेहनत करने, अनुशासन में रहने और अपने अंदर सीखने की ललक को जिंदा रखने की अपील की.
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मोबाइल का इस्तेमाल स्किल बढ़ाने में करें: धामी
उन्होंने कहा, "आज आपके हाथ में मोबाइल फ़ोन है, जिससे दुनिया भर की जानकारी आपकी उंगलियों पर है; इसका इस्तेमाल सिर्फ स्क्रॉल करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए करें.”
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम की तैयारी कर रहे युवाओं की मदद के लिए 'युवा भविष्य निर्माण योजना' शुरू की है.
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उन्होंने कहा, "उन्हें (युवाओं को) घर से दूर कमरा किराए पर लेने के लिए 60,000 रुपए खर्च करने की ज़रूरत नहीं होगी, न ही उन्हें किसी हॉस्टल में रहने या बड़े कोचिंग इंस्टिट्यूट में क्लास लेने की ज़रूरत होगी; इसके बजाय, उन्हें वैसी ही अच्छी कोचिंग अपने ही घरों, गांवों, मोहल्लों और शहरों में मिलेगी.”