‘सिर कलम करने की धमकी, 21 लाख का इनाम...', CM योगी की मां पर टिप्पणी करने वाले मौलाना पर FIR दर्ज
बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के विवादित बयान के बाद उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आक्रोश फैल गया है. बलरामपुर में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है और प्रदेश के कई थानों में शिकायतें दी गई हैं. लोग उनकी जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
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बिहार के एक मौलाना के विवादित बयान के बाद सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा समेत देश के कई हिस्सों में विवाद खड़ा हो गया है. लोगों ने ऐसे मौलानाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है. विवादित बयान देने वाले मौलाना सलीम के खिलाफ बलरामपुर में एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि पूरे उत्तर प्रदेश में 83 थानों में भी उनके खिलाफ शिकायतें दी गई हैं. हिंदू संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बीजेपी पदाधिकारियों और छात्रों ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा.
बिहार के मौलाना अब्दुल्लाह सलीम द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ, उनकी माता और गोमांस को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद प्रदेशभर में आक्रोश का माहौल है. कई जिलों में सामाजिक संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है. अब लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस मौलाना की गिरफ़्तारी कब होगी.
लखनऊ में दर्ज कराई गई तहरीर
यूपी की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाने में इस मामले को लेकर तहरीर दी गई है. हिन्दू संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष चंद्र शेखर पाण्डेय ने आरोप लगाया कि मौलाना अब्दुल्ला सलीम के बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इससे प्रदेश की शांति-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मौलाना के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका. प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने घोषणा की कि जो भी इस मौलाना का सिर कलम करके लाएगा उसे 21 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा.
रवि किशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस विवादित बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा कि भारतीय संस्कृति में मां सर्वोच्च सम्मान की प्रतीक होती है और किसी भी मां के प्रति अभद्र टिप्पणी निंदनीय है. उन्होंने कहा कि ऐसी सोच समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकती और लोगों को जिम्मेदार भाषा का प्रयोग करना चाहिए.
हर जिले में मौलाना के खिलाफ दिखा आक्रोश
बलरामपुर में भी इस बयान के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया और मौलाना का पुतला दहन किया. कानपुर के नौबस्ता आवास विकास क्षेत्र में गौ रक्षा सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मौलाना की गिरफ्तारी की मांग की. इसी तरह बस्ती में भी माहौल गर्म रहा. हिंदू युवा वाहिनी के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन करते हुए मौलाना का पुतला दहन किया. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की टिप्पणी करने की हिम्मत न कर सके. वही, सीतापुर के लालबाग चौराहे पर हिंदू सेवा सुरक्षा ट्रस्ट के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया. ट्रस्ट के लोगों ने नारेबाजी करते हुए मौलाना के बयान की निंदा की और जल्द गिरफ्तारी की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए. इस पूरे प्रकरण पर कई धार्मिक और सामाजिक नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है. उत्तर प्रदेश के शाही चीफ मुफ्ती चौधरी इब्राहिम हुसैन ने भी बयान की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए.
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फिलहाल मौलाना के बयान को लेकर देश के कई हिस्सों में विवाद जारी है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है.
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