चाय वाले आर्यन यादव के चक्कर में बुरा फंसे अखिलेश यादव, मुस्लिम समाज ने फूंका पुतला, थाने तक पहुंचा मामला
फतेहपुर में मुस्लिम समाज ने अखिलेश यादव का जमकर विरोध किया. Youtuber और चाय की दुकान चलाने वाले आर्यन यादव को सपा चीफ ने लखनऊ बुलाया था.
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Fatehpur Aryan Yadav: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव 2 महीने पुराने एक घटनाक्रम को लेकर मुश्किलों में घिर गए हैं. जिन मुस्लिमों के वे हितैषी माने जाते हैं वो ही मुस्लिम समाज अब अखिलेश का पुतला जला रहा है. आखिर दो महीने पहले ऐसा क्या हुआ था जिसका खामियाजा सपा चीफ को अब भुगतना पड़ रहा है.
दरअसल, अखिलेश यादव ने UP के फतेहपुर में फरवरी में आर्यन यादव के यहां चाय पी थी, वो ही आर्यन यादव अब फूड क्वालिटी डिपार्टमेंट के निशाने पर आ गया, इसके अलावा कुछ मुस्लिम युवकों ने भी आर्यन यादव के साथ मारपीट की थी. जिसके बाद आर्यन यादव बजरंग दल के साथ पुलिस थाने में FIR करवाने पहुंच गया.
FIR में आर्यन यादव ने क्या आरोप लगाया?
बजरंग दल के साथ थाने पहुंचे आर्यन यादव ने कुछ मुस्लिम युवकों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई. जिसमें जरजीस, कयूम, यासीन अहमद, जावेद अहमद का भी नाम शामिल है. कुल 17 लोगों के खिलाफ आर्यन यादव ने केस दर्ज करवाया. आर्यन ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने उसकी दुकान पर आकर तोड़फोड़, मारपीट और बहन के साथ छेड़छाड़ की है. इसके साथ ही उनकी दुकान से 7 हजार से ज्यादा कैश भी लूटा गया.
आर्यन यादव ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी दुकान पर आकर लड़कों ने धमकी देते हुए कहा, अखिलेश यादव को चाय क्यों पिलाई? जबकि मुस्लिम समाज का कहना है कि आर्यन यादव Youtuber है और सस्ती पब्लिसिटी के लिए झूठ बोल रहे हैं और अखिलेश यादव उसका बचाव कर रहे हैं, उसे बेचारा और पीड़ित करार दे रहे हैं. मुस्लिम समुदाय ने अखिलेश यादव पर एकतरफा सुनवाई का आरोप लगाया. मुस्लिम युवकों ने विरोध में अखिलेश यादव का पुतला भी फूंका. उनका कहना है कि आर्यन के पिता की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ युवकों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है, जो पूरी तरह से गलत है.
इससे पहले फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने आर्यन यादव की दुकान में छापा मारा. डिपार्टमेंट ने पाया कि उसकी दुकान में पुरानी चाय पत्ती इस्तेमाल की जा रही थी, चाय एल्यूमिनियम के बर्तन में बनाई जा रही थी. फूड सेफ्टी विभाग की इस कार्रवाई ने फतेहपुर में राजनीतिक रंग ले लिया. आर्यन यादव ने कहा, उनको अखिलेश यादव के साथ चाय पीने की सजा मिली है.
अखिलेश यादव ने आर्यन को लखनऊ बुलाया
इस पूरे मामले पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव को चाय पिलाने के अपराध में आर्यन को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने आर्यन को लखनऊ बुलाया और बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने स्थानीय BJP नेता धुन्नी सिंह पर गंभीर आरोप लगाए. इसके साथ ही उन्होंने धुन्नी सिंह को कछुआ तस्कर, शराब तस्कर, मौरंग माफिया तक भी कह दिया. जिसके बाद मामला गर्मा गया.
भाजपा की सरकार जब-जब किसी की रोज़ी-रोटी छीनेगी, हम तब-तब उसकी मदद के लिए अपनी सामर्थ्य से भी अधिक हाथ बढ़ाएंगे।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 19, 2026
हम वर्चस्ववादी भाजपा की क्रूरता का जवाब, पीडीए की एकता से देंगे और अत्याचारी भाजपा से पूछेंगे ‘5 बड़ा या 95?’
अब पीडीए साथ-साथ बढ़ेगा, पीडीए ही पीडीए की ताक़त… pic.twitter.com/qAzAEklcdN
धुन्नी सिंह ने किया पलटवार, मानहानि तक पहुंची बात
तमाम आरोपों पर धुन्नी सिंह ने भी अखिलेश यादव पर पलटवार किया. उन्होंने कहा, अखिलेश को बिना किसी प्रमाण के इतनी बात नहीं बोलनी चाहिए, धुन्नी सिंह ने सपा चीफ को चौलेंज किया कि या तो सबूत दें या वह राजनीति से संन्यास लें, नहीं तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
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इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया, ये रंग अखिलेश यादव के ही कुर्ते पर लग गया. जिस समाज के अखिलेश हितैषी कहे जाते रहे हैं, उसी ने सपा चीफ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इसके साथ ही कहा जा रहा है अखिलेश अपनी पार्टी के अंदर भी घिर गए हैं. मुस्लिमों का ये पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक को गड़बड़ कर सकता है.
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