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हर तीन में से एक उम्मीदवार आरोपी... दूसरा करोड़पति, 164 सीटें 'रेड अलर्ट' क्षेत्र घोषित, बिहार चुनाव के चौंका देने वाले आंकड़े

देश में किसी भी चुनाव की निगरानी करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कुल 243 सीटों पर 2,616 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें से कम से कम 2,600 के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण किया गया.

हर तीन में से एक उम्मीदवार आरोपी... दूसरा करोड़पति, 164 सीटें 'रेड अलर्ट' क्षेत्र घोषित, बिहार चुनाव के चौंका देने वाले आंकड़े
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देश भर में कहीं भी चुनाव हो, लेकिन 'जंगल राज' शब्द जब आता है, तो सीधे हर किसी का दिमाग बिहार की तरफ जाता है. बिहार में  'जंगल राज' की एक अलग कहानी है, जिसे सुनकर और जिसकी कल्पना कर आज भी लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. इस बीच बिहार फिर से अपनी सरकार चुनने जा रही है. कल 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होना है. बिहार विधानसभा चुनाव में ज्यादातर इस बात की संभावना रहती है कि बहुत कम ही ऐसे नेता होंगे, जो बेदाग होकर विधानसभा पहुंचे होंगे. अगर आंकड़ों को देखा जाए, तो इससे साफ जाहिर होता है कि अदालतों के द्वारा बार-बार चेतावनी के बावजूद भी राजनीतिक दल इसी तरह के नेताओं को अपना उम्मीदवार चुनती हैं. इनमें कई नेता ऐसे हैं, जो जेल से ही बैठे-बैठे चुनाव जीत जाते हैं. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के चुनाव में हर तीन में से एक उम्मीदवार पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसके अलावा 164 विधानसभा ऐसी हैं, जिसे 'रेड अलर्ट' निर्वाचन घोषित किया गया है. 

हर तीन में से एक उम्मीदवार पर आपराधिक मामले दर्ज

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि तीन में से एक उम्मीदवार पर आपराधिक आरोप हैं. वहीं तीन में से दो विधानसभा क्षेत्रों को "रेड अलर्ट" के रूप में चिह्नित किया गया है, ताकि जो भी मतदाता हैं, वह साफ-सुथरे उम्मीदवार को चुने, लेकिन इसकी संभावना बेहद कम है. 

बिहार में बाहुबली नेताओं का दबदबा कायम

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बता दें कि बिहार में आज भी बाहुबली नेताओं का दबदबा कायम है. यहां तक की बाहुबलियों को टिकट देना पार्टी की जीत की गारंटी माना जाता है. यही वजह है कि चाहे कोई भी दल हो उनका टिकट काटने से कतराती है. कई ऐसी सीटें हैं, जहां के नेता जेल में ही रहते चुनाव जीत जाते हैं.

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने किया सर्वे

देश में किसी भी चुनाव की निगरानी करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कुल 243 सीटों पर 2,616 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें से कम से कम 2,600 के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण किया गया. 

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838 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज 

सर्वे के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव में सभी उम्मीदवारों में से 838 उम्मीदवारों यानी 32 प्रतिशत ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं. ऐसे में लगभग हर तीन में से एक उम्मीदवार के खिलाफ मामले दर्ज हैं. इसके अलावा 695 उम्मीदवार यानी 27 प्रतिशत और हर चार में से एक पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. यह सभी हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध या भ्रष्टाचार जैसे कई अन्य मामलों में आपराधिक हैं. 

52 पर हत्या और 165 पर हत्या की कोशिश के मामले दर्ज

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इसके अलावा गंभीर आरोपों का सामना कर रहे उम्मीदवारों में 52 पर हत्या और 165 पर हत्या की कोशिश के मामले दर्ज हैं. इनमें 94 पर महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले हैं, जिनमें से 5 पर बलात्कार का आरोप है.

164 सीटें 'रेड अलर्ट' निर्वाचन क्षेत्र 

बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से करीब 164 सीट यानी कम से कम 67 प्रतिशत सीटों को रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र कहा गया है. जहां तीन या ज्यादा उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं. 

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का कोई असर नहीं

ADR ने सर्वे रिपोर्ट में बताया है कि बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चयन में राजनीतिक दलों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का कोई असर नहीं पड़ा है, पार्टियों ने दोनों चरणों में से हर एक में आपराधिक मामलों में संलिप्त लगभग 32 प्रतिशत उम्मीदवारों को टिकट देने की अपनी पुरानी प्रथा को बरकरार रखा है. विश्लेषण में यह भी बताया गया है कि बिहार चुनाव में भाग लेने वाले सभी प्रमुख दलों ने 20 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं, जिन्होंने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं.

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कोर्ट ने पूछा कारण

सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2020 के आदेश में सभी राजनीतिक दलों को निर्देश दिया था कि वह इस तरह के चयन के कारण बताएं और यह भी बताएं कि आपराधिक बैकग्राउंड वाले दूसरे व्यक्तियों को उम्मीदवार के रूप में क्यों नहीं चुना जा सकता है.

हर 5 में से 2 उम्मीदवार करोड़पति

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बिहार विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरे कुल 2,600 उम्मीदवारों में से 1,081 उम्मीदवार यानी 42 प्रतिशत करोड़पति हैं, इसका मतलब हर 5 में से लगभग 2 उम्मीदवारों के पास 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है. 

उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.35 करोड़ 

वहीं सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने 14 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक करोड़पति उम्मीदवार उतारे हैं. उम्मीदवारों की औसत संपत्ति लगभग 3.35 करोड़ रुपए है, 

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2 चरणों में होने है बिहार विधानसभा चुनाव

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बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को है, इनमें 121 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होना है. दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान होगा. इसके अलावा 14 नवंबर को मतगणना होगी.

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