3,000 किमी दूर से आया वोटर, विजय की पार्टी को दिलाई तिरुपत्तूर की ऐतिहासिक जीत, सोशल मीडिया में हुआ वायरल
TamilNadu VidhanSabha Election: इस चुनाव में TVK उम्मीदवार को 83,375 वोट मिले, जबकि उनके विरोधी DMK नेता को 83,374 वोट ही मिल पाए. इस नजदीकी मुकाबले को देखकर स्थानीय लोग इसे तिरुपत्तूर का चमत्कार कह रहे है. यह साबित करता है कि लोकतंत्र में हर एक वोट सच में अमूल्य होता है.
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TamilNadu VidhanSabha Election: लोकतंत्र में हर एक वोट की अहमियत होती है -और तमिलनाडु के तिरुपत्तूर विधानसभा चुनाव ने इसे पूरी तरह साबित कर दिया. इस सीट पर चुनाव का नतीजा इतना करीब था कि जीत और हार सिर्फ एक वोट से तय हुई. नई पार्टी तमिला वेत्री कझगम (TVK ) के उम्मीदवार शीनिवासा सेतुपति ने DMK के कद्दावर नेता पेरीकरुप्पन को सिर्फ एक वोट से हराया. इस चुनाव में TVK उम्मीदवार को 83,375 वोट मिले, जबकि उनके विरोधी DMK नेता को 83,374 वोट ही मिल पाए. इस नजदीकी मुकाबले को देखकर स्थानीय लोग इसे तिरुपत्तूर का चमत्कार कह रहे है. यह साबित करता है कि लोकतंत्र में हर एक वोट सच में अमूल्य होता है.
मणिकंदन सिवानंथन- एक वोट का जुनून
इस ऐतिहासिक जीत के पीछे एक कहानी और भी दिल छू लेने वाली है. सोशल मीडिया पर ओमान में काम करने वाले NRI मणिकंदन सिवानंथन वायरल हो गए हैं. खबरों के मुताबिक, मणिकंदन ने अपनी दीवानगी और जोश के चलते 3,000 किलोमीटर की यात्रा करके तिरुपत्तूर पहुंचकर वोट डालने का फैसला किया था.
मणिकंदन ने अपने वोट डालने के पहले ही सोशल मीडिया पोस्ट में ऐलान कर दिया था कि उन्होंने फ्लाइट बुक कर ली है और वह अपने चुनावी क्षेत्र जाकर टीवीके के लिए वोट देंगे. अब जब टीवीके की जीत केवल एक वोट से हुई है, तो लोग कह रहे हैं कि मणिकंदन का एक वोट ही इस चमत्कार का हिस्सा बन गया.
Booked my flight ticket to vote for TVK. Awake and hopeful — lots of prayers that the survey turns true on May 4th
— Manikandan Sivanantham (@mkxuv700) April 15, 2026Advertisement
अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ने रचा इतिहास
टीवीके की यह जीत सिर्फ एक सीट तक सीमित नहीं है. अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ने तमिलनाडु की राजनीति में इतिहास रच दिया. डीएमके और एआईडीएमके जैसी पुराने वर्चस्व वाली पार्टियों को चुनौती देते हुए, टीवीके ने 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 108 सीटों पर जीत हासिल की और 34% से ज्यादा वोट शेयर पर कब्जा जमाया.
हालांकि पार्टी अकेले सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है, लेकिन पहले ही चुनाव में यह प्रदर्शन तमिलनाडु की राजनीति के नक्शे को पूरी तरह बदलने वाला साबित हुआ. जनता ने साफ संदेश दिया कि नए चेहरे और नई सोच के लिए भी वह तैयार है.
हर वोट की अहमियत
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तिरुपत्तूर की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि लोकतंत्र में हर वोट मायने रखता है. एक वोट से न केवल एक चुनाव जीत सकता है, बल्कि पूरी राजनीतिक दिशा भी बदल सकता है. मणिकंदन जैसी जनता की भागीदारी और शीनिवासा जैसी नई उम्मीदें यह दिखाती हैं कि राजनीति सिर्फ नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता की जागरूकता और जुनून से ही तय होती है.
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