बंगाल में ढह गया ‘दीदी’ का किला... सुवेंदु अधिकारी ने लगातार दूसरी बार दी मात, ममता बनर्जी को भवानीपुर में 15,105 वोटों से हराया
पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों में BJP ने 294 में से 206 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया. सबसे बड़ा उलटफेर भवानीपुर में हुआ, जहां ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों से हरा दिया. बता दें ये दूसरा मौक़ा है जब सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया.
Follow Us:
West Bengal Election Result 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में का विधानसभा चुनाव एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया है. इस बार के नतीजों ने न सिर्फ सियासी समीकरण बदले हैं, बल्कि लंबे समय से सत्ता में बैठी सरकार को भी गहरी चोट पहुंचाई है. इस चुनाव में पिछले 15 साल से राज्य में सत्ता में काबिज ममता बनर्जी को राज्य की जनता को नकार दिया. ममता बनर्जी वहीं नेता हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार चैलेंज करती रहीं है लेकिन उन्हें बीजेपी एक एक साधारण से नेता सुवेंदु अधिकारी ने लगतार दूसरी बार चुनावी रण में मात दिया है. बता दें इस चुनाव में बीजेपी ने 294 सीटों वाली विधानसभा में 206 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है. यह जीत कई मायनों में खास मानी जा रही है, क्योंकि बंगाल जैसे राज्य में इतनी बड़ी जीत पहले कभी नहीं देखी गई थी.
भवानीपुर सीट पर बड़ा उलटफेर
सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना भवानीपुर सीट का परिणाम, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा. उन्हें बीजेपी के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों के बड़े अंतर से हराया. यह हार इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि भवानीपुर को ममता बनर्जी का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है.
मतगणना में बढ़ता गया अंतर
मतगणना के दौरान भी इस सीट पर लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला. 16वें राउंड में सुवेंदु अधिकारी ने मामूली बढ़त बनाई थी, लेकिन जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, अंतर बढ़ता चला गया. रात 9:30 बजे तक ममता बनर्जी 15 हजार से ज्यादा वोटों से पीछे चल रही थीं. आखिरकार 20वें राउंड की गिनती खत्म होने के बाद नतीजा पूरी तरह साफ हो गया और शुभेंदु अधिकारी ने निर्णायक जीत दर्ज की.
15 साल की सत्ता को लगा झटका
इस चुनाव परिणाम को ममता बनर्जी के 15 साल लंबे शासन के अंत के रूप में भी देखा जा रहा है. उन्होंने 2011 में पहली बार मुख्यमंत्री पद संभाला था और उसके बाद 2016 और 2021 में लगातार जीत हासिल कर सत्ता में बनी रहीं. लेकिन इस बार जनता का मूड बदला हुआ नजर आया, जिसने उनके राजनीतिक सफर को बड़ा झटका दिया.
चुनाव प्रक्रिया पर ममता ने उठाए सवाल
हार के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल भी उठाए. उन्होंने केंद्रीय बलों पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उन्हें काउंटिंग हॉल में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया. उनका कहना था कि उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और पूरी प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण रही. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया और यह जीत नैतिक नहीं है.
बीजेपी के लिए बड़ी उपलब्धि
वहीं, बीजेपी की इस जीत को पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार बीजेपी ने संगठन और रणनीति दोनों स्तर पर मजबूत प्रदर्शन किया. खासकर सुवेंदु अधिकारी की भूमिका को काफी अहम माना जा रहा है, जिन्होंने एक बार फिर ममता बनर्जी को मात देकर अपनी पकड़ साबित की है.
2021 में भी सुवेंदु अधिकारी से हारीं थी ममता
जानकरी देते चलें की पिछले विधानसभा चुनाव 2021 के चुनाव में भी नंदीग्राम सीट से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था. हालांकि, बाद में ममता ने भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर वापसी की थी. लेकिन इस बार हालात पूरी तरह बदल गए और उनका सबसे मजबूत किला भी ढह गया.
यह भी पढ़ें
बताते चलें कि पश्चिम बंगाल का यह चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है. भाजपा की यह जीत जहां उसके लिए उत्साह का कारण है, वहीं तृणमूल कांग्रेस के लिए यह आत्ममंथन का समय है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बंगाल की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है.
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें