बुधवार को यमगंड काल सुबह 7:55 से 9:20 बजे तक रहेगा. यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है. इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु, या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए. इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए.
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धर्म ज्ञान21 Oct, 202607:00 AM21 अक्टूबर का पंचांग: सुबह 11:40 से दोपहर 12:20 बजे तक अभिजीत मुहूर्त, सुबह 8:37 से 10:20 बजे तक रहेगा अमृतकाल
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धर्म ज्ञान19 Oct, 202607:00 AM19 अक्टूबर का पंचांग: सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 बजे तक अभिजीत मुहूर्त, सुबह 8:28 से 10:16 बजे तक रहेगा अमृतकाल
पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं या इस नक्षत्र में स्थित होते हैं, तो इसके विशेष और गहरे प्रभाव देखने को मिलते हैं. चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं, जिन्हें सूर्य का मित्र माना जाता है. सूर्य और मंगल के इस मेल से व्यक्ति के भीतर गजब का आत्मविश्वास, साहस, पराक्रम और ऊर्जा बढ़ती है.
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धर्म ज्ञान18 Oct, 202607:00 AM18 अक्टूबर का पंचांग: मां महागौरी की उपासना से होती है सिद्धियों की प्राप्ति, सुबह 11:49 से दोपहर 12:34 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
इस दिन मां महागौरी की उपासना की जाएगी। इनका स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और उज्ज्वल है. मां महागौरी श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, इसलिए इन्हें श्वेतांबरधरा भी कहा जाता है. इनके समस्त आभूषण भी श्वेत होते हैं. मां का वाहन बैल है. महागौरी की उपासना से भक्तों के सभी पाप नष्ट होते हैं, जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है तथा अलौकिक सिद्धियों की प्राप्ति होती है.
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धर्म ज्ञान17 Oct, 202607:00 AM17 अक्टूबर का पंचांग: मां कालरात्रि की उपासना से सभी बाधाएं होंगी दूर, जानें पूजा का शुभ समय
पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं या इस नक्षत्र में स्थित होते हैं, तो इसके विशेष और गहरे प्रभाव देखने को मिलते हैं. चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं, जिन्हें सूर्य का मित्र माना जाता है.
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धर्म ज्ञान16 Oct, 202606:00 AM16 अक्टूबर का पंचांग: मां कात्यायनी की पूजा करने से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष की होती है प्राप्ति, रात 2:39 से 4:27 बजे तक अमृतकाल
इस दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाएगी. महर्षि कात्यायन की तपस्या और उनके यहां पुत्री के रूप में मां के प्रकट होने के कारण 'कात्यायनी' नाम पड़ा. देवी सिंह (शेर) पर सवारी करती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी कात्यायनी मानव शरीर के आज्ञा चक्र की अधिष्ठात्री हैं. इनकी उपासना से भक्तों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष इन चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है. विवाह में आ रही बाधाएं भी इनकी कृपा से दूर होती हैं.
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धर्म ज्ञान15 Oct, 202607:00 AM15 अक्टूबर का पंचांग: ललिता पंचमी पर कब है पूजा का शुभ समय, जानें राहु काल और दिनभर के मुहूर्त
पंचांग हिंदू काल-गणना की एक पारंपरिक पद्धति है, जिसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर दिन की धार्मिक और ज्योतिषीय जानकारी दी जाती है.
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धर्म ज्ञान14 Oct, 202607:00 AM14 अक्टूबर का पंचांग: मां के चौथे स्वरूप कूष्मांडा की पूजा करने से बढ़ता है आयु, यश और बल, रात 8:38 बजे तक रहेगा आयुष्मान योग
इस दिन मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है. देवी कूष्मांडा की पूजा करने से आयु, यश, बल और स्वास्थ्य बढ़ता है. मां कुष्मांडा की आठ भुजाएं हैं, जिसके कारण इन्हें 'अष्टभुजा देवी' भी कहते हैं. इनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल का पुष्प, अमृत से भरा कलश, चक्र, गदा और जप की माला है. मां की सवारी सिंह (बाघ) है.
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धर्म ज्ञान13 Oct, 202606:00 AMAaj Ka Panchang: आज मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें अभिजीत मुहूर्त और दिशाशूल
मंगलवार को दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है.
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धर्म ज्ञान12 Oct, 202607:00 AM12 अक्टूबर का पंचांग: नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करना फलदाई, सुबह 11:50 से दोपहर 12:36 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
12 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है. इस दिन मां ब्रह्मचारिणी (दुर्गा जी के दूसरे स्वरूप) की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है. इसके साथ ही यह दिन सोमवार होने के कारण भगवान शिव और चंद्र दर्शन (आश्विन शुक्ल द्वितीया) के लिए भी शुभ है.
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धर्म ज्ञान11 Oct, 202606:00 AM11 अक्टूबर का पंचांग : शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, घटस्थापना के साथ की जाएगी मां शैलपुत्री की पूजा
11 अक्टूबर 2026 (आश्विन शुक्ल प्रतिपदा) को शारदीय नवरात्र का पहला दिन है, इस दिन माँ शैलपुत्री (मां दुर्गा का प्रथम स्वरूप) की पूजा की जाएगी। इसके अलावा घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाएगी.
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धर्म ज्ञान07 Oct, 202606:00 AM7 अक्टूबर का पंचांग : रात 7:18 से 8:52 बजे तक अमृतकाल, सुबह 11:45 से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा अभिजीत मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में रहेगा. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है. हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा का सूर्य से मित्रता का संबंध माना गया है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, हस्त नक्षत्र 13वां नक्षत्र है, जिसका अर्थ 'हाथ' होता है. इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं और इसकी राशि कन्या है.
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धर्म ज्ञान06 Oct, 202606:00 AM6 अक्टूबर 2026 का पंचांग: सिद्ध योग में बनेंगे शुभ काम, जानें राहुकाल और दिशाशूल का समय
मंगलवार को रात 8:44 से 10:16 बजे तक अमृतकाल रहेगा. ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) है. इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है.
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धर्म ज्ञान05 Oct, 202606:00 AM5 अक्टूबर को क्या है शुभ-अशुभ समय? जानें दशमी तिथि, पुष्य नक्षत्र, अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल
5 अक्टूबर 2026 को आश्विन कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी, जो 6 अक्टूबर की सुबह 4:02 बजे तक चलेगी. इस दिन पुष्य नक्षत्र रात 11:46 बजे तक रहेगा, इसके बाद आश्लेषा नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा कर्क और सूर्य कन्या राशि में रहेंगे.