पुष्कर सरोवर के 52 घाट धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं. इनमें वराह घाट, ब्रह्मा घाट और गौ घाट प्रमुख हैं. श्रद्धालु इन घाटों पर स्नान, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म करते हैं. पुष्कर झील को लेकर अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं.
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धर्म ज्ञान26 Sep, 202608:00 PMपुष्कर में पिंडदान से पितरों को मिलती है शांति? जानिए 52 घाटों से जुड़ी धार्मिक मान्यता
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धर्म ज्ञान26 Sep, 202603:22 PMपितृपक्ष : काशी में विधि-विधान से श्राद्ध करने पर मिलती है प्रेत योनि से मुक्ति, पिशाचमोचन कुंड का है विशेष महत्व
वाराणसी में इस विशेष कर्मकांड के लिए दो स्थान सबसे प्रमुख, पिशाचमोचन कुंड और मणिकर्णिका घाट माने जाते हैं. पिशाचमोचन कुंड को अकाल मृत्यु के श्राद्ध का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है.
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धर्म ज्ञान26 Sep, 202602:56 PMPitru Paksha 2026: उज्जैन के सिद्धवट में क्यों किया जाता है पिंडदान? जानें धार्मिक महत्व
उज्जैन में क्षिप्रा नदी, महाकालेश्वर और दूसरे प्राचीन तीर्थ स्थल एक ही धार्मिक परंपरा से जुड़े दिखाई देते हैं. यहां रामघाट का भी पिंडदान की परंपरा से जुड़ा एक लोकप्रिय धार्मिक संदर्भ है. कहा जाता है कि भगवान राम ने अपने माता-पिता के लिए यहां पिंडदान किया था और इसी वजह से इस स्थान को रामघाट कहा गया.
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धर्म ज्ञान26 Sep, 202601:25 PMPitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में कौवों को ही क्यों खिलाया जाता है श्राद्ध का भोजन? जानिए इसके पीछे की रोचक कहानी
मान्यता यह भी है कि पितृ पक्ष के दौरान कौवों को भोजन कराने से कुंडली में मौजूद 'पितृ दोष' और 'कालसर्प दोष' शांत होते हैं. कौवे को भोजन देने से पितर खुश होते हैं और पूरे परिवार को सुख, समृद्धि और आरोग्यता का आशीर्वाद देते हैं.
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धर्म ज्ञान25 Sep, 202604:59 PMPitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में सबसे पहले क्यों होता है अगस्त्य ऋषि का तर्पण? जानिए वातापी-आतापी की रहस्यमयी कथा
पितृ पक्ष श्राद्ध का आरंभ 26 सितंबर से होने जा रहा है. इन 16 दिनों तक चलने वाले श्राद्ध पक्ष में हम अपने पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान करते हैं.
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धर्म ज्ञान25 Sep, 202607:00 AMपितृ पक्ष में क्यों पहुंचते हैं लोग जगन्नाथ पुरी? भार्गवी नदी के तट पर पिंडदान का महत्व
जगन्नाथपुरी हिंदू धर्मों के चार धामों में से एक है, इस वजह से भी यहां बहने वाली भार्गवी नदी के तट पर लोग बड़ी संख्या में तर्पण करते हैं.
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धर्म ज्ञान24 Sep, 202606:07 PMहरिद्वार की नारायणी शिला क्यों है पितृ कर्म के लिए खास? जानिए इसकी प्राचीन मान्यता और कथा
गंगा के पवित्र तट पर स्थित नारायणी शिला इसलिए पितृ पक्ष के दौरान खास आकर्षण का केंद्र बन जाती है. आस्था रखने वालों के लिए यह वह स्थान है, जहां वे अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए उनकी शांति की कामना करते हैं.
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धर्म ज्ञान23 Sep, 202607:12 PMपितृ पक्ष में उज्जैन का सिद्धवट क्यों है खास? यहां होती है पिंडदान और तर्पण की परंपरा
उज्जैन में क्षिप्रा नदी, महाकालेश्वर और दूसरे प्राचीन तीर्थ स्थल एक ही धार्मिक परंपरा से जुड़े दिखाई देते हैं. यहां रामघाट का भी पिंडदान की परंपरा से जुड़ा एक लोकप्रिय धार्मिक संदर्भ है. कहा जाता है कि भगवान राम ने अपने माता-पिता के लिए यहां पिंडदान किया था और इसी वजह से इस स्थान को रामघाट कहा गया.
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धर्म ज्ञान23 Sep, 202601:14 PMपितृ पक्ष में कौवों को ही क्यों खिलाया जाता है श्राद्ध का भोजन? जानें धार्मिक मान्यता और पौराणिक कथा
कौवे को भोजन अर्पित करने की प्रक्रिया भी एक विशेष विधि के अनुसार की जाती है. उड़द की दाल, चावल और गुड़ का प्रसाद तैयार किया जाता है. इसे तर्पण स्थल पर रखा जाता है और कौवे को यह भोजन दिया जाता है.
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धर्म ज्ञान22 Sep, 202609:42 PMपितृपक्ष 2026: गयाजी जाने से पहले इस घाट पर पिंडदान करना है जरूरी, भगवान राम से जुड़ी है मान्यता
पुनपुन घाट की सबसे खास बात इससे जुड़ी भगवान राम और माता सीता की पौराणिक कथा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान राम अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध और पिंडदान करने के लिए निकले तो उन्होंने गया जाने से पहले पुनपुन नदी के तट पर अपने पूर्वजों के लिए तर्पण किया था.
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धर्म ज्ञान12 Sep, 202603:52 PMपितृपक्ष मेला 2026: गयाजी में 12 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था, 24 घंटे सफाई और सुरक्षा की रहेगी व्यवस्था
गयाजी और बोधगया के निजी होटल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार हैं. बोधगया के कई होटल श्रद्धालुओं के लिए विशेष पिंडदान पैकेज और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं.
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धर्म ज्ञान11 Sep, 202606:42 PMपितृपक्ष में ऋषियों का तर्पण क्यों जरूरी? अगस्त्य मुनि की कथा में छिपा है मोक्ष का रहस्य
मान्यता है कि इस दौरान पितरों का तर्पण करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पितरों का तर्पण करने से पहले कुछ महान ऋषि-मुनियों का तर्पण किया जाता है.
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धर्म ज्ञान11 Sep, 202602:28 PMPitru Paksha 2026: पितृपक्ष में भूलकर भी न खरीदें ये चीजें! जानें नए कपड़े और सामान को लेकर क्या हैं नियम
पितृपक्ष के दौरान घर का वातावरण शांत और पवित्र रखना चाहिए. किसी भी प्रकार का झगड़ा करना अशुभ माना जाता है. घर में प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना चाहिए.