गुजरात के शहर द्वारका के पश्चिमी छोर पर अरब सागर में तीन तरफ से घिरा प्राचीन शिव मंदिर, जो आस्था और प्रकृति के अनोखे मिलन का प्रतीक है. यह है श्री भड़केश्वर महादेव मंदिर, जहां भगवान शिव का स्वयंभू शिवलिंग स्थापित है.
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धर्म ज्ञान12 Aug, 202604:32 PMसमंदर के बीच बसा 5 हजार साल पुराना अद्भुत शिवालय, जहां समुद्र देव स्वयं करते हैं 'स्वंभू शिवलिंग' का जलाभिषेक
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धर्म ज्ञान12 Aug, 202612:36 PMपौराणिक ऊर्जा से भरपूर है ऋषिकेश का नीलकंठ महादेव मंदिर, यहीं पर भोलेनाथ ने समुद्र मंथन का विष पिया था, जानें मंदिर का महत्व
श्रावण मास में इस स्थान पर भक्तों की अपार भीड़ देखने को मिलती है.मंदिर की वास्तुकला और यहां का माहौल आज भी वही प्राचीन ऊर्जा महसूस कराता है. ऐसी मान्यता है कि यहीं पर भोलेनाथ ने समुद्र मंथन का विष पिया था.
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धर्म ज्ञान10 Aug, 202611:37 AMसावन के दूसरे सोमवार पर हरिद्वार से देवघर तक भोले की भक्ति में डूबे श्रद्धालु, मंदिरों में उमड़ी भारी भीड़
सावन के दूसरे सोमवार पर देवघर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से खास इंतजाम किए गए हैं. एक महिला श्रद्धालु रिंकी देवी ने कहा कि यहां बहुत अच्छी सुविधाएं हैं. एक और महिला श्रद्धालु संध्या ने कहा कि इतनी ज्यादा भीड़ है कि हम जल नहीं चढ़ा पाए. भीड़ की वजह से अंदर नहीं जा पाए और बाहर आकर बैठ गए हैं.
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धर्म ज्ञान09 Aug, 202603:12 PMकहां है भूतेश्वर महादेव मंदिर, यहां आधी रात में देवी-देवता करते हैं भगवान शिव की पूजा, 40 दिन से पहले ही पूरी हो जाती है सारी मनोकामनाएं
मंदिर के पुजारी शिवनाथ पांडे बताते हैं कि धीरे-धीरे समय बीतता गया और मंदिर की रख रखाव के लिए एक समिति बनाई गई. समिति ने इसका दोबारा से निर्माण करवाया। शहर की आबादी बढ़ती गई और यह मंदिर शहर के बीच में आ गया. चमत्कारों के बारे में बात करते हुए पुजारी ने कहा कि यहां हर रोज नए चमत्कार समाने आते है.
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धर्म ज्ञान08 Aug, 202606:22 PMकहां है बिल्वेश्वर महादेव मंदिर, 40 दिनों ये काम करने से पूरी होती भक्तों की मनोकामनाएं, सावन में दूर-दूर से आते श्रद्धालु
बिल्वेश्वर महादेव मंदिर आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र है. यहां स्वयंभू धातु का शिवलिंग स्थापित है. मान्यता है कि 40 दिनों तक लगातार दीपक जलाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. सावन के महीने में यहां विशेष जलाभिषेक का आयोजन होता है और दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं.
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धर्म ज्ञान08 Aug, 202611:57 AMकहां शांत वादियों में विराजमान हैं बाल भोलेनाथ, जानिए श्री जागेश्वर महादेव मंदिर का पौराणिक इतिहास
श्री जागेश्वर महादेव मंदिर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में देवदार के घने जंगलों और जटा गंगा नदी के किनारे बसा पावन धाम 'श्री जागेश्वर महादेव मंदिर' लगभग 2500 साल पुराना माना जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर का निर्माण मुख्य रूप से गुप्त काल के बाद और मध्यकाल से पहले कत्युरी राजाओं द्वारा किया गया था.
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धर्म ज्ञान01 Aug, 202611:49 AMकहां है ये महादेव का चमत्कारी मंदिर, जहां बिना बुलावे के नहीं पहुंच सकता कोई, भक्तों की हर इच्छा पूरी करते हैं भोलेनाथ
बिनसर महादेव मंदिर का इतिहास भी काफी पुराना माना जाता है. कहा जाता है कि यह मंदिर 14वीं शताब्दी का है और यहां भगवान शिव स्वयंभू शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं. स्थानीय लोगों के बीच एक खास मान्यता भी प्रचलित है कि इस मंदिर तक हर कोई नहीं पहुंच पाता.
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धर्म ज्ञान28 Jul, 202601:00 PMकहां है ये अद्भुत शिव धाम, जहां दर्शन मात्र से मिलती है मोक्ष की प्राप्ति, प्राचीन घंटी बजाकर भक्त मांगते हैं मन्नतें
मंदिर के अंदर भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा की प्रतिमाएं स्थापित हैं. इसके साथ ही यहां सफेद संगमरमर से बना शिवलिंग भी है, जिसके साथ तांबे की योनि स्थापित है. धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है.
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धर्म ज्ञान15 Jul, 202606:54 PMकहां है ये चमत्कारी शिव मंदिर, जहां सदियों से टूटे शिवलिंग की होती है पूजा, रहस्यों से भरा मंदिर
गुजरात के कच्छ में एक शिवलिंग है, जो सदियों से टूटा हुआ है और आज भी उसकी पूजा पूरे विधि-विधान से होती है. गुजरात के कच्छ में माधापार, भुज के पास कल्याणेश्वर महादेव मंदिर है. यह मंदिर आस्था और भक्तों की गहरी भक्ति को दिखाता है.