राजा दक्ष प्रजापति ने यहां एक विशाल यज्ञ किया था, जिसमें भगवान शिव और माता सती को आमंत्रित नहीं किया गया था. अपमानित महसूस करने पर माता सती उसी यज्ञ कुंड में आत्मदाह कर दिया था. इसी घटना के बाद भगवान शिव ने तांडव किया और विष्णु जी ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के 51 टुकड़े किए, जिससे देशभर में 51 शक्तिपीठों का निर्माण हुआ.
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धर्म ज्ञान18 Aug, 202612:08 PMदक्ष प्रजापति महादेव मंदिर का रहस्य, जहां से जुड़ी है शिव के तांडव की कथा
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धर्म ज्ञान16 Aug, 202604:11 PMकहां है गौमुख कुंड महादेव मंदिर, जहां प्रकृति निरंतर करती है शिवलिंग का जलाभिषेक
गौमुख कुंड महादेव मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है यहां का शिवलिंग, जिस पर साल के पूरे 12 महीने लगातार जलाभिषेक होता रहता है. यह जल किसी व्यक्ति द्वारा नहीं चढ़ाया जाता, बल्कि एक पत्थर की संरचना से निकलता है जिसका आकार गाय के मुख जैसा है.
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धर्म ज्ञान16 Aug, 202612:29 PMकहां है धर्मेश्वर महादेव मंदिर, मरने के बाद इस मंदिर में लगती है यमराज की अदालत, होता है कर्मों का हिसाब
र्मेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह में मटके के आकार के शिवलिंग के रूप में स्थापित हैं, जिन्हें यमराज का ही रूप माना जाता है. स्थानीय मान्यता है कि जो भी मंदिर में जीते-जी दर्शन के लिए नहीं आता, उसे मरने के बाद इसी स्थल पर आकर भगवान धर्मेश्वर महादेव का सामना करना पड़ता है.
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धर्म ज्ञान15 Aug, 202605:28 PM9 डिग्री के एंगल पर झुका है काशी का प्राचीन रत्नेश्वर महादेव मंदिर, सावन में नहीं चढ़ा पाते जल
काशी के वासी और श्रद्धालु सोनू अरोड़ा ने मंदिर के बारे में रोचक जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हम लोग बाबा के दर्शन के लिए हमेशा आते हैं. लेकिन भोलेनाथ को प्रिय सावन के महीने में रत्नेश्वर महादेव में दर्शन-पूजन नहीं हो पाता.
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धर्म ज्ञान13 Aug, 202602:38 PMसावन स्पेशल: कहां है शक्तिशाली कृतिवासेश्वर महादेव का मंदिर, बहुत कम लोगों को मिलता है दर्शन का सौभाग्य
कृतिवासेश्वर महादेव को काशी के अत्यंत प्राचीन शिवालयों में माना जाता है. मान्यता है कि यह वही स्थान है, जिसका उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है. पुराणों के अनुसार, यहीं भगवान शिव ने एक राक्षस का वध कर उसकी चर्म को अपना वस्त्र धारण किया था.
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धर्म ज्ञान13 Aug, 202612:02 PMसावन में शिवभक्तों को CM धामी का खास संदेश,लिखा-अल्मोड़ा आएं तो करें कपिलेश्वर महादेव के दर्शन
CM धामी अपने सोशल मीडिया पर लगातार उत्तराखंड के अलग अलग मंदिरों के वीडियो शेयर करते है. इस बार मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा के कपिलेश्वर शिव मंदिर का वीडियो साझा किया है.
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धर्म ज्ञान12 Aug, 202606:28 PMसावन स्पेशल: जम्मू-कश्मीर की वो पवित्र गुफा, जहां आज भी परिवार संग विराजे हैं महादेव
गुफा प्राकृतिक रूप से बनी है और इसे देखकर ऐसा लगता है कि यह भगवान की बनाई हुई कोई सुरंग हो. गुफा लगभग 200 मीटर लंबी है और इसमें स्वयंभू शिवलिंग, माता पार्वती, गणेश और कार्तिकेय के प्राकृतिक चिन्ह मौजूद हैं. इसके अलावा, यहां नंदी की मूर्ति, पार्वती की मूर्ति और गुफा की छत पर सांप की आकृति जैसी प्राकृतिक संरचनाएं भी हैं.
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धर्म ज्ञान12 Aug, 202612:36 PMपौराणिक ऊर्जा से भरपूर है ऋषिकेश का नीलकंठ महादेव मंदिर, यहीं पर भोलेनाथ ने समुद्र मंथन का विष पिया था, जानें मंदिर का महत्व
श्रावण मास में इस स्थान पर भक्तों की अपार भीड़ देखने को मिलती है.मंदिर की वास्तुकला और यहां का माहौल आज भी वही प्राचीन ऊर्जा महसूस कराता है. ऐसी मान्यता है कि यहीं पर भोलेनाथ ने समुद्र मंथन का विष पिया था.
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धर्म ज्ञान09 Aug, 202603:12 PMकहां है भूतेश्वर महादेव मंदिर, यहां आधी रात में देवी-देवता करते हैं भगवान शिव की पूजा, 40 दिन से पहले ही पूरी हो जाती है सारी मनोकामनाएं
मंदिर के पुजारी शिवनाथ पांडे बताते हैं कि धीरे-धीरे समय बीतता गया और मंदिर की रख रखाव के लिए एक समिति बनाई गई. समिति ने इसका दोबारा से निर्माण करवाया। शहर की आबादी बढ़ती गई और यह मंदिर शहर के बीच में आ गया. चमत्कारों के बारे में बात करते हुए पुजारी ने कहा कि यहां हर रोज नए चमत्कार समाने आते है.
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धर्म ज्ञान08 Aug, 202606:22 PMकहां है बिल्वेश्वर महादेव मंदिर, 40 दिनों ये काम करने से पूरी होती भक्तों की मनोकामनाएं, सावन में दूर-दूर से आते श्रद्धालु
बिल्वेश्वर महादेव मंदिर आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र है. यहां स्वयंभू धातु का शिवलिंग स्थापित है. मान्यता है कि 40 दिनों तक लगातार दीपक जलाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. सावन के महीने में यहां विशेष जलाभिषेक का आयोजन होता है और दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं.
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धर्म ज्ञान08 Aug, 202611:57 AMकहां शांत वादियों में विराजमान हैं बाल भोलेनाथ, जानिए श्री जागेश्वर महादेव मंदिर का पौराणिक इतिहास
श्री जागेश्वर महादेव मंदिर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में देवदार के घने जंगलों और जटा गंगा नदी के किनारे बसा पावन धाम 'श्री जागेश्वर महादेव मंदिर' लगभग 2500 साल पुराना माना जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर का निर्माण मुख्य रूप से गुप्त काल के बाद और मध्यकाल से पहले कत्युरी राजाओं द्वारा किया गया था.
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धर्म ज्ञान05 Aug, 202604:09 PMमधुश्रावणी: पति की लंबी उम्र के लिए नवविवाहिता करती हैं महादेव की यह विशेष पूजा, महिला पुरोहित कराती हैं पूजन
मिथिलांचल में ब्राह्मण, कर्ण कायस्थ, स्वर्णकार यह त्योहार मनाते हैं. इनमें से जिनके भी परिवार में कन्या का विवाह होता है. वह नवविवाहिता कन्या शादी के साल पड़ने वाले श्रावण के महीने में 14-15 दिनों तक महादेव की पूजा पूरे विधि विधान के साथ करती हैं.
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राज्य04 Aug, 202605:47 PMमहादेव के स्लोगन वाली टी-शर्ट से लेकर योगी-बुलडोजर प्रिंट तक, युवाओं में कांवड़ के प्रति क्रेज से बाजारों में रौनक, छोटे दुकानदारों की भी चांदी
कांवड़ यात्रा अब केवल आस्था का पर्व नहीं रह गई, बल्कि यह प्रदेश के कारोबारी कैलेंडर की सबसे बड़ी घटनाओं में शुमार हो चुकी है. व्यापारिक अनुमानों के अनुसार इस बार पूरे प्रदेश में कांवड़ यात्रा से करीब 1500 करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, जिसमें अकेले मेरठ का हिस्सा करीब 300 करोड़ रुपये आंका जा रहा है. मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, सहारनपुर और बागपत जैसे प्रमुख पड़ावों को मिलाकर देखा जाए तो कांवड़ मार्ग के जिलों में समग्र कारोबार का आंकड़ा और भी बड़ा होने की संभावना है.