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योगी सरकार का बड़ा एक्शन, श्रम कानून उल्लंघन पर 203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई

प्रदेश सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस एवं श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन वृद्धि का अनुपालन जनपद की औद्योगिक इकाइयों द्वारा किया जाना प्रारंभ कर दिया गया है. जनपद के विभिन्न उद्यमी संगठन शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने में सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं.

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17 Apr 2026
( Updated: 17 Apr 2026
07:56 PM )
योगी सरकार का बड़ा एक्शन, श्रम कानून उल्लंघन पर 203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई
Image Credits: X/@myogiadityanath
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उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार श्रमिकों के हितों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रही है. इसी क्रम में गौतमबुद्ध नगर में श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 24 कारखानों से जुड़े 203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त करने, धनराशि की वसूली करने और संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

योगी सरकार का बड़ा एक्शन

अपर श्रमायुक्त गौतमबुद्धनगर राकेश द्विवेदी के अनुसार, जिन संविदाकारों के श्रमिकों द्वारा हालिया आंदोलन में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, उनमें कई संविदाकारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है. साथ ही जिन संविदाकारों ने श्रम कानूनों का पालन नहीं करते हुए श्रमिकों को उनके देय हित लाभों से वंचित रखा, उनके विरुद्ध 1 करोड़ 16 लाख 5 हजार 67 रुपये की पेनल्टी का नोटिस जारी किया गया है, जिसे श्रमिकों को भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं.

उन्होंने बताया कि शेष संविदाकारों की भी पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी. सरकार की मंशा स्पष्ट है कि श्रमिकों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

21% वेतन वृद्धि लागू

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अपर श्रमायुक्त ने यह भी जानकारी दी कि श्रमिकों की वेतन वृद्धि को लेकर उत्पन्न असंतोष के बाद शासन स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति के आधार पर गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में 74 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी, जिसका भुगतान मई माह की 7 से 10 तारीख के बीच किया जाएगा. नई दरें संविदा और स्थायी दोनों प्रकार के श्रमिकों पर समान रूप से लागू होंगी. 

साथ ही स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआई के अतिरिक्त कोई अन्य कटौती अनुमन्य नहीं होगी. यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. श्रम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि श्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से, साथ ही बोनस और ग्रेच्युटी जैसे सभी वैधानिक लाभ सुनिश्चित किए जाएंगे. वेतन भुगतान में देरी या कम भुगतान की स्थिति में संविदाकारों के साथ-साथ उनके प्रधान सेवायोजकों की भी जवाबदेही तय की जाएगी.


उद्यमी संगठन औद्योगिक इकाइयों से न्यूनतम वेतन वृद्धि का अनुपालन करने हेतु लगातार कर रहे अपील

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प्रदेश सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस एवं श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन वृद्धि का अनुपालन जनपद की औद्योगिक इकाइयों द्वारा किया जाना प्रारंभ कर दिया गया है. जनपद के विभिन्न उद्यमी संगठन शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने में सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं. संगठनों द्वारा औद्योगिकी इकाइयों से व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से संदेश, ऑडियो एवं वीडियो प्रसारित कर शासन की गाइडलाइंस तथा न्यूनतम वेतन वृद्धि के अनुपालन को सुनिश्चित करने की अपील की जा रही है. उद्यमी संगठनों द्वारा किया जा रहा यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है, जो जनपद में औद्योगिक सौहार्द एवं शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रहा है.

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