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खुद नींव रखकर अचानक INDIA ब्लॉक से Out क्यों हो गए नीतीश कुमार? करीबी के खुलासे के बाद सच आया बाहर

साल 2023 में विपक्ष को एक करने का जिम्मा नीतीश कुमार ने ही उठाया था. वे INDIA के जरिए एक ऐसा मंच तैयार करना चाहते थे जहां सभी दल एक साथ आ सकें, लेकिन अचानक उन्होंने खुद ही अपनी राहें अलग कर लीं.

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08 Jun 2026
( Updated: 08 Jun 2026
11:42 AM )
खुद नींव रखकर अचानक INDIA ब्लॉक से Out क्यों हो गए नीतीश कुमार? करीबी के खुलासे के बाद सच आया बाहर
Source- IANS
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दिल्ली में विपक्षी नेताओं के महाजुटान से पहले एक खुलासे ने INDIA ब्लॉक की नींद उड़ा दी है. NDA से लड़ने के लिए एक अलग खेमा बनने की कवायद और टूट दोनों की कहानी को एक बार फिर जिंदा कर दिया. इस कहानी के किरदार बने थे नीतीश कुमार, अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी. अब नीतीश के ही करीबी और JDU के दिग्गज नेता संजय झा ने बड़ा दावा किया है. 

संजय झा ने आरोप लगाया कि INDIA गठबंधन को तोड़ने और नीतीश के साथ छोड़ने के लिए दो नेता जिम्मेदार हैं. ये दो नेता तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल हैं. संजय झा ने आरोप लगाया कि ममता और केजरीवाल नहीं चाहते थे कि नीतीश कुमार INDIA का हिस्सा बनें. 

संजय झा ने क्या-क्या आरोप लगाए? 

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अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा- ‘दो लोगों ने इंडिया गठबंधन का सत्यानाश कर दिया, मैं ऑन रिकॉर्ड कह रहा हूं उनके नाम ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल हैं. झा ने आगे कहा, 

‘गठबंधन के अंदर आम सहमती बनी थी कि नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन के संयोजक बनेंगे. ये दोनों शायद एक प्लान के तहत मीटिंग में आए और कहा कि इंडिया गठबंधन का संयोजक किसी दलित को होना चाहिए. दोनों ने एक सुर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे साहब का नाम प्रपोज कर दिया. ममता और केजरीवाल के इतना कहते ही कांग्रेस बैकफुट पर आ गई.’ साल 2023 में लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष BJP के खिलाफ एकजुट होने की कोशिश कर रहा था. उस वक्त नीतीश कुमार ने ही ऐसे प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव रखा था, ताकि सभी दल एक मंच हों. 

संजय झा ने साफ किया कि नीतीश कुमार को कोई बैचेनी नहीं थी, लेकिन INDIA ब्लॉक के पास कोई प्लान या विजन तो था नहीं, एकजुटता नहीं थी. क्षेत्रीय पार्टियों को लगा कि कांग्रेस सिर्फ कुछ राज्यों में ही पॉलिटिक्स करती है और इससे उन पर ज्यादा असर नहीं पड़ता. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ने इस गठबंधन को बर्बाद किया है. 

BJP-JDU गठबंधन पर क्या कहा? 

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इंटरव्यू में संजय झा से पूछा गया कि JDU ने BJP के साथ गठबंधन क्यों किया? इस पर उन्होंने रिप्लाई दिया कि 

‘बिहार में आपको किसी न किसी अलायंस में काम करना ही पड़ेगा. यह सच है कि इंडिया ब्लॉक बनाने में नीतीश कुमार की अहम भूमिका थी लेकिन जब उन्हें लगा कि यह न मूव कर रहा है और ना ही इसका कोई विजन है तो उन्होंने अलग होने का फैसला लिया.’

उन्होंने यह भी कहा कि अभी नरेंद्र मोदी की सरकार सहयोगी पार्टियों पर निर्भर है, फिर भी हमें अटल बिहारी वाजपेयी के जमाने जैसा सरकार में गठबंधन दबाव नहीं दिखता. ऐसा लगता है कि गठबंधन सहयोगयों के लिए BJP/संघ के मुख्य मुद्दों को अलग नहीं रखा जाता.

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संजय झा ने कहा, वाजपेयी सरकार 24 पार्टियों की थी. अब अगर हमारे पास कोई राज्य का मुद्दा होता है, तो उसे सुलझा लिया जाता है. अगर कोई राष्ट्रीय मुद्दा होता है, तो सलाह-मशविरा होता है. महिला आरक्षण बिल के लिए हमसे सलाह ली गई थी. बिहार के नतीजों के बाद पिछली मीटिंग में नीतीश कुमार की तारीफ भी हुई थी. उन्होंने बताया NDA में एक दूसरे के सांसदों से मिलने का सिस्टम है. उन्होंने कई पार्टियों पर परिवारवाद के हावी होने का आरोप लगाते हुए कहा, कई रीजनल पार्टियां फैमिली पार्टियां बन गईं, जिससे वे टूटने लगीं. 

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