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CM Yogi ने बबुआ बोल कर Akhilesh पर क्यों मारा तंज ?
शनिवार को जब मुलायम के गढ़ मैनपुरी में सीएम योगी रैली करने पहुंचे तो इस दौरान उन्होंने सपाई मुखिया अखिलेश यादव की बखिया उधेड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी, कभी बबुआ बोल कर मौज ली, तो कभी कांग्रेस से गठबंधन को लेकर लताड़ा !
10 Nov 2024
(
Updated:
10 Dec 2025
07:21 PM
)
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उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाल रहे बीजेपी के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ के लिए यूपी में होने जा रहा उपचुनाव किसी परीक्षा से कम नहीं है। क्योंकि ये बात योगी भी अच्छी तरह से जानते हैं कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन में आई गिरावट के बाद अगर उपचुनाव में भी पार्टी का प्रदर्शन डाउन रहा तो। विपक्ष वाले मोदी का जीना दुश्वार कर देंगे। यही वजह है कि इस उपचुनाव में सीएम योगी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। शनिवार को ही जब मुलायम के गढ़ मैनपुरी में सीएम योगी रैली करने पहुंचे तो इस दौरान उन्होंने सपाई मुखिया अखिलेश यादव की बखिया उधेड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कभी बबुआ बोल कर मौज ली। तो कभी कांग्रेस से गठबंधन को लेकर लताड़ा।
दरअसल जिस मैनपुरी जिले को मुलायम परिवार का गढ़ कहा जाता है। उसी मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से साल 2022 में चुनाव जीत कर सपाई मुखिया अखिलेश यादव विधायक बने थे। लेकिन साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज से सांसद बन जाने के बाद करहल सीट उन्हें छोड़नी पड़ी। और अब इसी करहल विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने जा रहे हैं। जहां बीजेपी ने अनुजेश प्रताप सिंह यादव को चुनावी मैदान में उतारा है। जो अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव के सगे बहनोई हैं। और उन्हीं के लिए सीएम योगी जब 9 नवंबर को चुनाव प्रचार करने पहुंचे तो। कभी बबुआ बोलकर। तो कभी कांग्रेस से गठबंधन के मुद्दे पर सपाई अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला।
दरअसल ये बात सीएम योगी भी अच्छी तरह से जानते हैं कि इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को कांग्रेस सपा के गठबंधन की वजह से नुकसान उठाना पड़ा है।इसीलिये सीएम योगी जब करहल में चुनाव प्रचार करने पहुंचे तो उन्होंने कांग्रेस से गठबंधन को मुद्दा बनाकर सपा को लताड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
बात यहीं खत्म नहीं होती। सीएम योगी ये बात अच्छी तरह से जानते थे कि मैनपुरी मुलायम सिंह का गढ़ रहा है। इसीलिये वो मुलायम सिंह पर नरम और उनके बेटे अखिलेश पर गरम नजर आए। जिससे मुलायम के समर्थकों के दिलों में जगह बनाने के साथ ही सपा के वोट बैंक में भी सेंधमारी की जा सके। इसीलिये उन्होंने अखिलेश यादव को बबुआ बोलते हुए कहा। "बबुआ अभी बालिग नहीं हुआ है, इसलिए कभी-कभी ऐसा काम कर देता है, जिससे मैनपुरीवालों के सामने भी संकट खड़ा हो जाता है"
करहल रैली में सीएम योगी इसी तरह से कांग्रेस के कारनामे गिनाकर अखिलेश यादव पर हमला बोलते रहे। जिससे मुलायम समर्थकों का चुनाव में समर्थन हासिल कर सकें। तो वहीं कांग्रेस के साथ सपा के गठबंधन की बात करें तो। समाजवादी पार्टी की कमान जब मुलायम सिंह यादव के हाथ में थी। उन्होंने खुद अपने दम पर यूपी जैसे बड़े राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता हासिल की थी। और खुद मुख्यमंत्री बनने की बजाए अखिलेश यादव को अगले पांच साल के लिए मुख्यमंत्री भी बना दिया। लेकिन इसके बावजूद अपने काम के दम पर अखिलेश यादव साल 2017 का यूपी चुनाव अपने दम पर लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा सके। उन्हें कांग्रेस का साथ लेना पड़ा।हालांकि सपा फिर भी चुनाव हार गई। लेकिन इसके बावजूद साल 2024 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर सपा ने कांग्रेस से गठबंधन कर लिया। जिसका सपा को फायदा हुआ तो वहीं बीजेपी को सीटों का नुकसान हो गया। यही वजह है कि सीएम योगी इस बार एक रणनीति के तहत कांग्रेस के कारनामे गिनाकर जहां गठबंधन पर प्रहार कर रहे हैं तो वहीं सपाई मुखिया अखिलेश यादव को भी लताड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
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