केरल की वो मुस्लिम विधायक जिनके खिलाफ दीप जलाने पर जारी हुआ फतवा, कौन हैं फातिमा तहिलिया?
फातिमा तहिलिया चुनावों के बाद से ही काफी चर्चा में रहीं, लेकिन इस बार इस्लामिक कट्टरपंथी उनके दीप प्रज्ज्वलन (Nilavilakku) करने पर भड़के हुए हैं.
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केरल की राजनीति में इतिहास रचने वाली एक महिला विधायक आज अपने ही समाज के कट्टरपंथी वर्ग के निशाने पर है. इसकी वजह कोई भ्रष्टाचार या पार्टी विरोधी गतिविधि नहीं बल्कि एक दीपक है. जिस दीपक को रौशन करने के बाद वह मुस्लिम मौलवियों के निशाने पर आ गई. हम बात कर रहे हैं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की पहली महिला विधायक फातिमा तहिलिया (Fathima Thahiliya) की. जिनके खिलाफ फतवा तक जारी कर दिया.
ऐसा पहली बार हुआ है जब केरल में IUML की कोई मुस्लिम महिला विधायक बनी हैं. ऐसे में फातिमा तहिलिया चुनावों के बाद से ही काफी चर्चा में रहीं, लेकिन इस बार इस्लामिक कट्टरपंथी उनके दीप प्रज्ज्वलन (Nilavilakku) करने पर भड़के हुए हैं.
फातिमा को कट्टरपंथियों से मिली धमकियां
दरअसल, फातिमा एक कार्यक्रम में पहुंची थीं, जहां उन्हें बतौर चीफ गेस्ट इन्वाइट किया गया था. इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित करते हुए की. ये मौका था बहरामपुरा के महिला संगठन की ओर से शुरू किए गए रेस्टोरेंट के उद्घाटन कार्यक्रम का. फिर कार्यक्रम के फोटोज वीडियोज वायरल हुए और वह कुछ कट्टर मौलानाओं तक भी पहुंचे. जिसे देख वे भड़क गए और विधायक को लानतों, उलाहनों के साथ धमकियां दी जानें लगीं. फातिमा को कहा गया कि उन्हें इस्लाम से बेदखल कर दिया जाएगा.
केरल के मुस्लिम संगठन जमीयत उल्मा ने फातिमा के दीप प्रज्ज्वलन करने का विरोध जताया. सगंठन ने दीप जलाने को हराम तक बता दिया. संगठन का दावा है कि मुस्लिम अगर गैर मुस्लिमों से जुड़ी ऐसी मान्यताओं का पालन करेंगे जो इस्लाम में बैन है या इस्लामी तालीम के खिलाफ हैं, तो उन्हें इस्लाम से बाहर किया जा सकता है. मुस्लिम संगठन ही नहीं मुस्लिम महिलाओं ने भी फातिमा तहिलिया का विरोध किया.
केरल में महिलाओं के लिए बदलाव का चेहरा कैसे बनीं फातिमा?
फातिमा तहिलिया की जीत केरल में ऐतिहासिक ही नहीं बल्कि बड़े बदलाव का संकेत है. उन्होंने 75 साल पुरानी मुस्लिम लीग की राजनीति में महिला को जगह दिलाई और अपनी जीत से उम्मीदों का दरवाजा खोला, लेकिन इतिहास रचने वाली ये ही नेता एक दीपक जलाने को लेकर कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गई है.
कौन हैं फातिमा तहिलिया?
पेशे से वकील फातिमा लंबे समय से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और जेंडर जस्टिस की मुखर आवाज रही हैं. वे कोझिकोड नगर निगम की पार्षद रह चुकी हैं. IUML में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की मुखर समर्थक रही हैं. मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (MSF) की महिला इकाई ‘हरिता’ की संस्थापक अध्यक्ष रही हैं. इसके साथ-साथ केरल मुस्लिम यूथ लीग की राज्य सचिव भी रह चुकी हैं.
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फातिमा तहिलिया केरल विधानसभा में पहुंचने वाली Indian Union Muslim League (IUML) की 75 साल के इतिहास की पहली महिला विधायक हैं. उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में पेराम्ब्रा सीट से जीत दर्ज की और वरिष्ठ वामपंथी नेता T. P. Ramakrishnan को हराया.
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