बांग्लादेश में राम मूर्ति पर बवाल, धमकियों के बाद बीच में रुका निर्माण, माहौल गरमाया
Ram Statue: यह मामला रंगपुर डिवीजन के पलाशबाड़ी इलाके का बताया जा रहा है, जहां निर्माण कार्य चल रहा था. लेकिन स्थानीय माहौल और मिली धमकियों के चलते मंदिर समिति ने काम आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया..
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Muslims issued threats over the construction of a Ram Statue: बांग्लादेश में एक बार फिर धार्मिक तनाव से जुड़ी खबर सामने आई है, जहां एक मंदिर में भगवान राम की मूर्ति के निर्माण को फिलहाल रोकना पड़ा है. यह मामला रंगपुर डिवीजन के पलाशबाड़ी इलाके का बताया जा रहा है, जहां निर्माण कार्य चल रहा था. लेकिन स्थानीय माहौल और मिली धमकियों के चलते मंदिर समिति ने काम आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया..
धमकियों के बाद लिया गया निर्माण रोकने का फैसला
मंदिर समिति के मुताबिक, कुछ कट्टरपंथी संगठनों की ओर से लगातार धमकियां मिल रही थीं कि अगर मूर्ति का निर्माण जारी रहा तो उसे नुकसान पहुंचाया जाएगा. स्थिति को देखते हुए मंदिर समिति के एक सदस्य मीडिया को बयान जारी कर इस फैसले की जानकारी दी -
बांग्लादेश के "Compromised PM" सरकार ने इस्लामवादी और जिहादी समूहों के विरोध के बाद सनातन परिसर (श्री श्री राधा गोविंदा और काली मंदिर) में देश की सबसे ऊंची भगवान राम की मूर्ति के निर्माण को निलंबित कर दिया है।
— श्रवण बिश्नोई (किसान/ Hindus) (@SKBishnoi29Rule) June 12, 2026
मंदिर के अधिकारियों को लगातार धमकियों के बाद निजी तौर पर वित्त पोषित… pic.twitter.com/yKFI9tFheb
उन्होंने कहा, "हम आपके, समाज और देश के हित को देखते हुए भगवान राम की मूर्ति का निर्माण कार्य फिलहाल स्थगित कर रहे हैं. साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए हमने यह काम रोका है. भविष्य में यदि हमें आवश्यकता महसूस होगी तो हम सभी को बुलाएंगे, उनके सुझाव लेंगे और उसके बाद ही काम को दोबारा शुरू करेंगे."
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सोशल मीडिया बयान से बढ़ा विवाद
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा विवाद तब और बढ़ गया जब एक धार्मिक संगठन से जुड़े व्यक्ति ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इस मूर्ति को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए. उसने कथित तौर पर कहा कि इस निर्माण को रोका जाना चाहिए और इसे हटाया जाना चाहिए. इसके बाद इलाके में माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया और सुरक्षा को देखते हुए मंदिर प्रबंधन को कदम पीछे खींचने पड़े.
स्थानीय माहौल और स्थिति
फिलहाल इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है. प्रशासन और स्थानीय लोग शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि किसी तरह का टकराव या हिंसा न हो. मंदिर समिति ने भी साफ किया है कि वे आगे की योजना सभी पक्षों से बातचीत और सहमति के बाद ही तय करेंगे. अगर भविष्य में माहौल सामान्य रहता है तो निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जा सकता है, लेकिन अभी के लिए इसे रोक दिया गया है.
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