पप्पू यादव बने पुजारी, राहुल गांधी ने चढ़ाया चंदा, राम मंदिर दान मामले पर संसद के बाहर विपक्ष का गजब ड्रामा!
राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामले में विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान साधु के वेश में नजर आए पप्पू यादव ने नुक्कड़ नाटक किया.
Follow Us:
संसद में पेपर लीक के खिलाफ बिल को लेकर गतिरोध खत्म हुआ तो अब विपक्ष राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर शिफ्ट हो गया. पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव समेत तमाम विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर संसद परिसर में अनोखा प्रदर्शन किया. ऐसा लग रहा था ये संसद के सदस्य नहीं बल्कि गांव की कोई नुक्कड़ मंडली हो.
सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में संसद पहुंचे, जहां उन्होंने नुक्कड़ नाटक जैसा प्रदर्शन किया. इस दौरान वे अपने साथ राम मंदिर के दानपात्र के तौर पर सांकेतिक दानपेटी लेकर पहुंचे. जिस पर ताला लगा हुआ था और एक-एक कर सांसद उसमें चढ़ावा डाल रहे थे. इस दौरान राहुल गांधी ने भी दानपात्र में पैसे डाले. जबकि डिंपल यादव, प्रियंका गांधी समेत कई सांसद खड़ होकर देख रहे थे.
देखिए विपक्ष के अनोखे विरोध प्रदर्शन की झलक
Delhi: Purnia MP Pappu Yadav snatched donation money from SP MP Awadhesh Prasad and other opposition MPs during his protest on the Parliament premises with a donation box over the alleged Ram Temple donation embezzlement case pic.twitter.com/6gkQWeHLwP
— IANS (@ians_india) July 31, 2026
दानपेटी के साथ विपक्षी सांसद बैनर लेकर भी पहुंचे. जिसमें ‘अमित शाह संसद से गायब क्यों’ लिखा हुआ था. ये पूरी ड्रामा मकर द्वार पर हुआ. जिसमें पप्पू यादव पुजारी बन कर आए, दानपेटी में दान लिया और फिर दानपेटी लेकर वहां से भागने लगे, लेकिन अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने उनका गला पकड़ लिया और फांसी की मांग करने लगे.
यह राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष के किसी शॉर्ट प्ले की तरह था. राहुल गांधी के साथ-साथ मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य सांसदों ने भी चंदा दिया.
राम मंदिर चंढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
साधु के वेश में बैठे पप्पू यादव इस दौरान सरकार पर निशाना साधते हुए नारेबाजी करते रहे. उन्होंने कहा, ‘राम राम जपियो रे, सब माल हड़पियो रे.’
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि प्रदर्शन का मकसद उन आरोपों की ओर ध्यान खींचना था कि दान करने वाले भक्तों को रसीदें नहीं दी गईं और मामले से जुड़ा CCTV फुटेज कथित तौर पर डिलीट कर दिया गया था.
सदन में चर्चा की मांग
उन्होंने कहा, ‘यह अयोध्या में जो हुआ है, उसे दिखाने के लिए एक सिंबॉलिक प्रोटेस्ट है. भक्तों ने डोनेशन दिया, लेकिन आरोप हैं कि रसीदें नहीं दी गईं और CCTV फुटेज डिलीट कर दी गई. हम इस मुद्दे पर पार्लियामेंट में चर्चा चाहते हैं.’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर के दान को संभालने में गड़बड़ियां हुई हैं और स्पीकर से इस मामले पर बहस की इजाजत देने की अपील की. विरोध प्रदर्शन कर रहे सांसद एक बैनर भी लिए हुए दिखे, जिस पर लिखा था, ‘अमित शाह संसद से गायब क्यों हैं?’
इससे पहले, 26 जुलाई को, उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर में दिए गए दान और चढ़ावे में गड़बड़ियों के आरोपों की जांच के लिए ऑफिशियली SIT को फिर से गठित किया गया था.
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने सरकार और ट्रस्ट से यह बताने की अपील की कि ‘क्या इस अपॉइंटमेंट से भविष्य में होने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा और इसके लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?’
उन्होंने न्यूज एजेंसी IANS से कहा, ‘चंपत राय के खिलाफ FIR क्यों नहीं की गई, इस बारे में अभी भी सवालों के जवाब नहीं मिले हैं. जब तक सरकार सख्त कार्रवाई नहीं करती, हम मानेंगे कि प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है.’
वहीं, कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा, ‘ट्रस्ट एक पवित्र मकसद के लिए बनाया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि RSS से जुड़े लोगों ने भगवान राम के नाम पर भ्रष्टाचार और चोरी की. राम मंदिर ट्रस्ट को फिर से बनाया जाना चाहिए और शंकराचार्यों सहित संतों के मार्गदर्शन में रखा जाना चाहिए.’
यह भी पढ़ें
उन्होंने आगे कहा, ‘अयोध्या के लोगों को भी ट्रस्ट में शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि उनका भगवान राम के साथ गहरा और ऐतिहासिक जुड़ाव है और उन्होंने पीढ़ियों से उनकी सेवा की है.’