विजय के इस काम पर जनता कर रही सलाम, एक झटके में ब्रिटिश काल का VIP कल्चर किया खत्म!
Vijay: यह बदलाव अचानक हुआ, लेकिन इसलिए और खास है क्योंकि इसमें किसी भव्य घोषणा या प्रचार का इस्तेमाल नहीं किया गया. सीएम विजय ने चुपचाप अपनी कुर्सी से यह सफेद तौलिया हटा दी और यह कदम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया.
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Vijay: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय ने सत्ता संभालते ही एक बड़ा बदलाव कर दिया है. वे अपने फुलफॉर्म में राजनीति और आम लोगों के लिए जो संदेश देना चाहते थे, उसे इस कदम से साफ दिखाया. हाल ही में उन्होंने ब्रिटिश काल से चली आ रही सरकारी वीआईपी कुर्सियों पर तौलिया रखने की परंपरा को खत्म कर दिया.
यह बदलाव अचानक हुआ, लेकिन इसलिए और खास है क्योंकि इसमें किसी भव्य घोषणा या प्रचार का इस्तेमाल नहीं किया गया. सीएम विजय ने चुपचाप अपनी कुर्सी से यह सफेद तौलिया हटा दी और यह कदम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया.
एक्टिविस्ट की अपील और 24 घंटे में कार्रवाई
इस बदलाव की कहानी और भी दिलचस्प है. क्लाइमेट एक्टिविस्ट लिसिप्रिया कंगुजम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर मुख्यमंत्री विजय को टैग करते हुए अपील की थी. उनका कहना था कि यह सफेद तौलिया केवल बड़े मंत्रियों या अधिकारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि छोटे अधिकारियों द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने लिखा था, “हैलो विजय सर, क्या हम भारत में वीआईपी कुर्सियों पर तौलिया संस्कृति को खत्म कर सकते हैं? आप इस बदलाव की शुरुआत कर सकते हैं.” इस अपील के सिर्फ 24 घंटे के भीतर ही थलापति विजय ने कार्रवाई कर दी. यह दिखाता है कि वे आम लोगों की आवाज सुनने और बदलाव लाने में विश्वास रखते हैं.
Hello @TVKVijayHQ Sir,
— Licypriya Kangujam (@LicypriyaK) May 14, 2026
Can we end this towel culture on VIP chairs in India 🇮🇳? People already know that CMs are VIPs in India. This towel culture is being followed by ministers, bureaucrats, and even small officers. You'r a great inspiration, Sir. You can start this change. ❤️🙏 pic.twitter.com/CB5dS8vHfr
चुपचाप हुए बदलाव की खासियत
दिलचस्प बात यह है कि विजय ने इसे किसी बड़े प्रचार का हिस्सा नहीं बनाया. हालिया सरकारी बैठकों की तस्वीरों में बदलाव साफ देखा जा सकता है. पहले जहां सचिवालय में बैठकों में उनके कुर्सी पर सफेद तौलिया रखा जाता था, वहीं शुक्रवार को हुई एक बैठक में यह तौलिया गायब था.
सोशल मीडिया पर लोग इसे भारतीय नौकरशाही और राजनीति से जुड़ी पुरानी वीआईपी संस्कृति से दूरी का प्रतीक मान रहे हैं. एक्टिविस्ट कंगुजम ने भी सीएम विजय का आभार जताया और लिखा कि उनका कदम दिखाता है कि वे आम लोगों की आवाज सुनते हैं.
थलापति विजय ने खत्म किया तमिलनाडु में ब्रिटिश काल का VIP कल्चर
— Radhika Podcast 2.0🎙️ (@RADHIKA_INF) May 16, 2026
नेता बनते ही लोग लालबत्ती और VIP कुर्सियों के पीछे भागते हैं
थलापति विजय ने ब्रिटिश काल की कुर्सी की सफेद तौलिया संस्कृति को खत्म कर दिया
अब सरकारी बाबू का खेल खत्म
UP जैसे राज्यों में क्या यह हो सकता....Read News pic.twitter.com/a77UEFF21W
तौलिया संस्कृति: एक पुरानी परंपरा का इतिहास
भारत में सरकारी अधिकारियों की ऊंची कुर्सियों पर सफेद तौलिया डालने की परंपरा ब्रिटिश राज के समय से चली आ रही है। शुरुआत में यह पूरी तरह व्यावहारिक थी. उस समय अधिकारी अपने बालों में बहुत तेल लगाते थे, और महंगी कुर्सियों पर तेल लगने से बचाने के लिए ‘एंटी-मैकासर’ नामक कपड़े का इस्तेमाल होता था.
समय के साथ यह कपड़ा बड़े सफेद तौलियों में बदल गया. इसका फायदा दोहरा था - पसीना सोखना और कुर्सी से चिपकने से बचना. धीरे-धीरे यह सिर्फ सफाई का साधन नहीं रह गया, बल्कि अधिकार और शक्ति का प्रतीक बन गया.थलापति विजय ने इस पुराने प्रतीक को हटाकर एक साफ संदेश दिया - सत्ता का मतलब केवल अधिकार नहीं, बल्कि आम लोगों की आवाज़ को सुनना और बदलाव लाना भी है.
थलापति विजय का संदेश
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इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदम से विजय ने दिखा दिया कि बदलाव छोटे कदमों से भी शुरू होता है. यह कदम प्रतीकात्मक है, लेकिन इसका असर बड़ा है. यह दर्शाता है कि नई सरकार पारदर्शिता, आम लोगों की बात सुनने और नौकरशाही के पुराने ढर्रे को बदलने के लिए तैयार है.
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