ड्रैगन के बदले सुर, चीनी राजदूत बोले- ‘भारत के साथ हाथ मिलाने को तैयार चीन’
गलवान विवाद के लंबे समय बाद अब भारत और चीन के रिश्ते सुधरते हुए नजर आ रहे हैं. दोनों देशों के बीच रूकी हुईं सारी सेवाएं फिर से शुरू हो रही हैं.
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भारत और चीन का रिश्ता शुरु से ही तनावपूर्ण रहा है, क्योंकि चीन के विस्तारवादी नीति की वजह से हमेशा टकराव होता रहता है. खासकर गलवान में सैन्य झड़प होने के बाद चीन से रिश्ता और ज्यादा खराब हो गया था. लेकिन अब धीरे-धीरे चीन नरम पड़ने लगा है. भारत के साथ फिर से संबंध अच्छा करना चाहता है. दोनों देशों के बीच व्यापार और सेवाएं धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं, जो गलवान विवाद की वजह से पूरी तरह से बंद हो गई थीं. इस बीच भारत में चीनी राजदूत जू फीहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी दी.
On February 10, 2026, H.E. Ma Zhaoxu, Executive Vice Minister of Foreign Affairs of China held a new round of China-India Strategic Dialogue with H.E. Vikram Misri, Foreign Secretary of India in New Delhi. Both sides had friendly, candid and in-depth communication on the… pic.twitter.com/Jthsjmhrnx
— Xu Feihong (@China_Amb_India) February 10, 2026
ब्रिक्स के लिए शी जिनपिंग का ‘पंच-सूत्रीय’ विजन
चीनी राजदूत जू फीहोंग ने कहा, "9 फरवरी को चीन के ब्रिक्स शेरपा और उपविदेश मंत्री मा झाओक्सू ने नई दिल्ली में पहली ब्रिक्स शेरपा मीटिंग में हिस्सा लिया. मा झाओक्सू ने बताया कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स सहयोग के हाई-क्वालिटी डेवलपमेंट का जरूरी कॉन्सेप्ट और शांति, इनोवेशन, ग्रीन विकास, न्याय और लोगों के बीच करीबी लेन-देन के लिए प्रतिबद्ध ब्रिक्स बनाने के पांच सहयोग वाले लेआउट सामने रखे हैं. इनसे ब्रिक्स मैकेनिज्म के भविष्य के डेवलपमेंट का रास्ता तय हुआ है.”
भारत के साथ काम करने को तैयार चीन
उन्होंने आगे कहा, "चीन इस साल ब्रिक्स के चेयरमैन भारत और ब्रिक्स सदस्यों के साथ-साथ साझेदार देशों के साथ मिलकर ब्रिक्स सहयोग का सही रास्ता अपनाने, व्यवहारिक सहयोग को गहरा करने, काम करने के तरीके को बेहतर बनाने, बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, इंटरनेशनल फेयरनेस और जस्टिस को बनाए रखने और ब्रिक्स सहयोग में और ज्यादा विकास लाने के लिए तैयार है”.
18वें ब्रिक्स समिट की तैयारी शुरू
चीनी राजदूत ने कहा कि मीटिंग में पार्टियों ने ब्रिक्स सहयोग की प्राथमिकता और साल के बड़े इवेंट्स के आयोजन पर अपने विचार साझा किए हैं और 18वें ब्रिक्स समिट की तैयारी शुरू कर दी है. 7 से 9 फरवरी तक चीनी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संवर्धन परिषद (सीसीपीआईटी) के नेतृत्व में चीनी व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में 2026 एपेक व्यापार सलाहकार परिषद की पहली बैठक की मेजबानी की. यह एपेक के 'चीन वर्ष' का पहला प्रमुख व्यावसायिक कार्यक्रम था.
क्षेत्रीय समृद्धि के लिए इंडोनेशिया की एकजुटता
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इस दौरान, इंडोनेशिया के आर्थिक मामलों के समन्वय मंत्री एयरलंगा हार्टार्टी ने एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में व्यापार समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा की और एपेक के 'चीन वर्ष' की पूर्ण सफलता की कामना की. उन्होंने आशा जताई कि विभिन्न पक्षों के साथ मिलकर दक्षिणी चीन के क्वांगतोंग प्रांत के शनचन शहर में आयोजित 2026 एपेक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, हाथ मिलाकर क्षेत्रीय साझा समृद्धि में मजबूत प्रेरित शक्ति का संचार करेंगे.
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