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मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना ने सपनों को दिया नया आकार, गौरीगंज की पूनम बनी आत्मविश्वास और मेहनत की मिसाल
पूनम की कहानी यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सही उपयोग करने पर ये आम लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकती हैं. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना ने उन्हें सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया.
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जब इच्छाशक्ति मजबूत हो और सही समय पर सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो साधारण परिस्थितियां भी असाधारण सफलता की कहानी बन जाती हैं. ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है अमेठी जिले के गौरीगंज में रहने वाली पूनम की, जिन्होंने योगी सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ उठाकर अपने सपनों को हकीकत में बदल दिया.
सरकारी योजना से मिला ऋण तो बदली अपनी पहचान
पूनम ने अगस्त 2025 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत आवेदन किया. शुरुआत में उन्हें इस योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन एक मित्र के माध्यम से उन्हें इस योजना का पता चला. उन्होंने हिम्मत दिखाई और आवेदन किया. दिसंबर 2025 में उन्हें ₹2.55 लाख की पहली वित्तीय सहायता मिली, जिसके बाद ₹1.70 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि उन्हें इंडियन बैंक से प्राप्त हुई. शेष पूंजी की व्यवस्था उन्होंने स्वयं की, जो उनके दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास को दर्शाता है.
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आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकान शुरू की
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इस आर्थिक सहयोग के साथ पूनम ने अपने गांव में “मुन्ना कैलाश ज्वेलर्स” नाम से आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकान गौरीगंज में शुरू की. शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. धीरे-धीरे उनका व्यवसाय गति पकड़ने लगा और ग्राहकों का भरोसा बढ़ने लगा. आज उनकी दुकान न केवल उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत बन चुकी है, बल्कि गांव में खास पहचान भी बना चुकी है. इस सफर में उनके पति भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे. अब दोनों मिलकर व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है. यह साझेदारी न केवल आर्थिक मजबूती का प्रतीक है, बल्कि पारिवारिक सहयोग और विश्वास की मिसाल भी है.
योगी सरकार की पहल से सशक्त बनीं पूनम
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पूनम की कहानी यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सही उपयोग करने पर ये आम लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकती हैं. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना ने उन्हें सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया. आज पूनम न केवल अपने परिवार का सहारा हैं, बल्कि अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुकी हैं. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अगर अवसर मिले और उसे सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो हर सपना साकार हो सकता है.