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UGC के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट का ब्रेक, बीजेपी ने फैसले का किया स्वागत, लेकिन विपक्षी कुनबे में फूट

यूजीसी के नए नियमों पर विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रोक (स्टे) लगा दी है. कोर्ट के इस फैसले का बीजेपी नेताओं ने स्वागत किया है, लेकिन विपक्ष में इस मुद्दे पर बंटा हुआ नजर आ रहा है.

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30 Jan 2026
( Updated: 30 Jan 2026
03:51 PM )
UGC के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट का ब्रेक, बीजेपी ने फैसले का किया स्वागत, लेकिन विपक्षी कुनबे में फूट

देश के बड़े कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए यूजीसी ने कुछ नए नियम बनाए थे, जिसके बाद भारी विरोध हुआ. अब सुप्रीम कोर्ट ने इन पर रोक लगा दी है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन नियमों में ‘अस्पष्टता’ है और इनके गलत इस्तेमाल का डर है. कोर्ट ने केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी कर 19 मार्च तक अपनी सफाई देने को कहा है. 

बीजेपी ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया

कोर्ट के इस फैसले पर कई पार्टियों ने प्रतिक्रियाएं दी हैं. बीजेपी ने कोर्ट के फैसले का दिल खोलकर स्वागत किया है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह निर्णय संविधान की गरिमा, समाज में एकता और ‘सनातन मूल्यों’ की रक्षा के लिए बहुत जरूरी था. वहीं, विपक्ष के कई नेताओं ने यूजीसी के बहाने बीजेपी को घेरने की कोशिश की है. चलिए आपको बताते हैं कि किसने क्या कहा है?

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ‘सच्चा न्याय किसी के साथ अन्याय नहीं होता है, माननीय न्यायालय यही सुनिश्चित करता है. कानून की भाषा भी साफ़ होनी चाहिए और भाव भी. बात सिर्फ नियम नहीं, नीयत की भी होती है. न किसी का उत्पीड़न हो, न किसी के साथ अन्याय न किसी पर जुल्म-ज्यादती हो, न किसी के साथ नाइंसाफ़ी’.

मायावती ने क्या कहा?

बसपा प्रमुख मायावती ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए एक्स हैंडल पर लिखा, ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूजीसी द्वारा देश के सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों मे जातिवादी घटनाओं को रोकने के लिए जो नये नियम लागू किये गये है, जिससे सामाजिक तनाव का वातावरण पैदा हो गया है. ऐसे वर्तमान हालात के मद्देनजर रखते हुये माननीय सुप्रीम कोर्ट का यूजीसी के नये नियम पर रोक लगाने का आज का फैसला उचित. जबकि देश में, इस मामले में सामाजिक तनाव आदि का वातावरण पैदा ही नहीं होता अगर यूजीसी नये नियम को लागू करने से पहले सभी पक्ष को विश्वास में ले लेती और जांच कमेटी आदि में भी अपरकास्ट समाज को नेचुरल जस्टिस के अन्तर्गत उचित प्रतिनिधित्व दे देती’

निशिकांत दुबे ने भी दी प्रतिक्रिया’

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्षी दलों पर निशाना साधा. उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा, ‘UGC पर गाली देने वाले सभी ज्ञानी,पिछले 2 दिनों से संसद जा रहा हूँ, किसी राजनीतिक दल के किसी सदस्य ने इसपर चर्चा तक करना मुनासिब नहीं समझा? उल्टा जिस सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में EWS को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर गरीब की सुध ली, उसी को गाली. मैं दुबारा आपसे करबद्ध निवेदन करता हूँ कि मोदी जी पर भरोसा रखिए, संविधान की धारा 14 एवं 15 के तहत ही देश के कानून चलेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने वही किया जो मैंने कहा’. 

 

 

 

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