NEET RE-Exam की सख्त तैयारियां, Indian Air Force के जहाजों से सेंटर तक पहुंचेंगे Question Paper!
NEET RE-Exam: NEET-UG दोबारा परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए सरकार भारतीय वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल पर विचार कर रही है. यानी पेपर अब सड़क या सामान्य ट्रांसपोर्ट के बजाय विमान के जरिए भेजे जा सकते हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की बैठक में इस पर चर्चा हुई.
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NEET RE-Exam: नीट -यूजी को लेकर जो पेपर लीक का मामला सामने आया, उसने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में गड़बड़ी की खबरों ने सरकार को भी सतर्क कर दिया हैं. अब कोशिश यह हैं कि 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा किसी भी तरह की लापरवाही या रिस्क के बिना कराई जाए, ताकि छात्रों का भरोसा फिर से लौट सके. इसी वजह से सरकार अब सुरक्षा के ऐसे विकल्पों पर भी विचार कर रही हैं, जो पहले कभी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहे.
क्या पेपर अब आसमान के रास्ते पहुंचेंगे?
सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की हो रही है, वह यह है कि प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है. यानी पेपर अब सड़क या सामान्य ट्रांसपोर्ट के बजाय विमान के जरिए भेजे जा सकते हैं.
इसका मकसद बहुत सीधा है, रास्ते में किसी भी तरह की छेड़छाड़, लीक या चोरी की संभावना को लगभग खत्म करना. हालांकि यह अभी सिर्फ विचार स्तर पर है और इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.
दिल्ली में हुई हाई-लेवल बैठक
इस पूरे मामले पर हाल ही में दिल्ली में एक अहम बैठक हुई, जिसमें सरकार के कई बड़े मंत्री और अधिकारी शामिल हुए. इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद थे.
बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई कि परीक्षा प्रणाली को कैसे और ज्यादा सुरक्षित बनाया जाए. खासतौर पर इस बात पर जोर रहा कि पेपर तैयार होने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने तक हर चरण में निगरानी बेहद सख्त होनी चाहिए.
पीएम मोदी तक पहुंची रिपोर्ट
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी योजना और सुरक्षा प्रस्तावों की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी पहुंचाई जाएगी. फिलहाल कोई भी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन सरकार इस बार कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही है.
लक्ष्य यही है कि परीक्षा को लेकर किसी तरह का शक या विवाद दोबारा न पैदा हो और छात्रों का भरोसा पूरी तरह बहाल किया जा सके.
सिर्फ ट्रांसपोर्ट नहीं, पूरी प्रक्रिया पर नजर
सरकार अब सिर्फ पेपर भेजने के तरीके पर ही नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है. पेपर बनने से लेकर उसकी छपाई, पैकिंग, सुरक्षा, ट्रांसपोर्ट और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की हर स्टेज को दोबारा जांचा जा रहा है.
इस समीक्षा में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं. माना जा रहा है कि इस बार कई नई सुरक्षा परतें जोड़ी जा सकती हैं, ताकि सिस्टम को और मजबूत किया जा सके.
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
यह विवाद तब शुरू हुआ जब इस साल 3 मई को नीट-यूजी परीक्षा देशभर के कई शहरों और कुछ विदेशी केंद्रों पर कराई गई. लाखों छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया, लेकिन परीक्षा के कुछ ही दिनों बाद पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आने लगे.
मामला धीरे-धीरे गंभीर होता गया और जांच एजेंसियों तक पहुंच गया.हालात इतने बिगड़े कि परीक्षा को रद्द करने और दोबारा कराने का फैसला लेना पड़ा.
CBI जांच और अब तक की कार्रवाई
इस पूरे मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है. एजेंसी ने अलग-अलग राज्यों में छापेमारी की है और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.
जांच का दावा है कि पेपर लीक के नेटवर्क की पहचान कर ली गई है, लेकिन पूरी सच्चाई और सभी कड़ियों को जोड़ने की प्रक्रिया अभी जारी है.
छात्रों में चिंता, भरोसा फिर से बनाने की चुनौती
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नीट जैसी परीक्षा सिर्फ एक टेस्ट नहीं होती, बल्कि लाखों छात्रों के डॉक्टर बनने के सपने से जुड़ी होती है. ऐसे में बार-बार सामने आ रहे विवादों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. अब सबकी नजर 21 जून की दोबारा परीक्षा पर है, जिसमें यह देखा जाएगा कि सरकार और सिस्टम मिलकर कितनी पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित कर पाते हैं.