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मज़ाक से शुरू, आंदोलन तक पहुंची भारत की नई कॉकरोच जनता पार्टी, 4 दिन में कई मिलियन फॉलोअर्स की बनाई फौज, मैनिफेस्टो सुनते ही भ्रष्ट नेता-अफसरों में हड़कंप!
Cockroach Janata Party: कॉकरोच जनता पार्टी. लॉन्च होने के सिर्फ 4 -5 दिनों के अंदर इससे 4 मिलियन से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं. पार्टी को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा हो रही है.
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Cockroach Janata Party: जब सिस्टम की सफाई की जगह सड़ांध ले लेती हैं, तो अंधेरी रातों में सुनसान रास्तों पर एक मसीहा निकलता है. लेकिन लोग अब उसे शहंशाह नहीं कहते, बल्कि कॉकरोच! हाँ, कॉकरोच. और यही नाम अब एक नई पार्टी का भी है - वो है कॉकरोच जनता पार्टी. वहीं दावा किया जा रहा है कि लॉन्च होने के सिर्फ 4 -5 दिनों के अंदर इससे 4 मिलियन से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं. पार्टी को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा हो रही है.
कॉकरोच जनता पार्टी किसने बनाई?
16 मई को, जिस दिन सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कॉकरोच वाली टिप्पणी की, उसी दिन अभिजीत डिपके ने X (पहले ट्विटर) पर लोगों से कहा कि चलो मिलकर कॉकरोच जनता पार्टी बनाते हैं.
न्यायाधीश ने बाद में कहा कि उनकी बात फर्जी डिग्री वाले कुछ लोगों के लिए थी, बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं...लेकिन, जैसे ही यह ऑनलाइन आया, युवाओं ने इसे पकड़ लिया और मजाक और गुस्से में पार्टी बन गई.
यानी साफ बात - यह पार्टी चुनाव लड़ने के लिए नहीं है, यह एक मज़ेदार, व्यंग्य वाली राजनीतिक चपेट है, जो युवाओं की आवाज़ उठाती है.
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पार्टी में शामिल होने के नियम
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पार्टी में शामिल होने के लिए कुछ मज़ेदार योग्यता हैं:
बेरोजगार होना - नौकरी की तलाश में हैं? आप फिट हैं.
आलसी होना - आराम करना, लेटना, कभी-कभी कुछ करना.
ऑनलाइन रहने की लत - सोशल मीडिया पर हमेशा एक्टिव.
भड़ास निकालने की कला - गुस्सा दिखाने का प्रोफेशनल अंदाज.
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पार्टी का मकसद और कहानी
Cockroach Janata Party: अभिजीत, जो बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन में मास्टर कर रहे हैं, कहते हैं: “CJI ने युवाओं को कॉकरोच और परजीवी कहा. हम ऐसा नहीं मान सकते. अगर अपनी आवाज़ पहुंचाने के लिए हमें कॉकरोच बनना पड़े, तो हम इसे अपनाएंगे. इसलिए नाम रखा कॉकरोच जनता पार्टी.”
पार्टी का मकसद साफ है - बात पूछना, सवाल उठाना और भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करना.
पार्टी की टैगलाइन है: “आलसी और बेरोजगारों की आवाज़”. यानी वो लोग जिन्हें सिस्टम ने नजरअंदाज किया, उन्हें प्लेटफ़ॉर्म देना.
पांच वादे जो पार्टी करती है
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रिटायर CJI को राज्यसभा भेजने का इनाम नहीं.
अगर किसी का वैध वोट डिलीट हुआ, तो CEC को UAPA में लिया जाएगा.
महिलाओं के लिए 50% आरक्षण, न कि 33%, और सांसदों की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी.
बड़ी कंपनियों के चैनलों के लाइसेंस रद्द होंगे और उनके एंकर्स के बैंक अकाउंट्स की जांच होगी.
जो विधायक या सांसद पार्टी बदलता है, उसे अगले 20 साल तक कोई पद नहीं.
कॉकरोच और युवा
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पार्टी शुरू होने के दो दिन में ही 50 हजार लोग जुड़ चुके थे. लेकिन अब थोड़ी सी जनता मिलियन में बदल गई. अब कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया पर 4 -5 दिनों के अंदर मिलियन लोग उसको फॉलो कर रहे है. अभिजीत कहते हैं:
“हमारी विचारधारा गांधी, आंबेडकर और नेहरू से प्रेरित है. देश को यह समझना होगा कि युवा अब सिस्टम पर भरोसा नहीं करते. वे देख नहीं रहे कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है या उनकी सेवा हो रही है. इसलिए कॉकरोच बनना पड़ा.”
कॉकरोच होने का मतलब है - परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालना. यही फस्ट्रेशन और निराशा का मज़ाकिया और समझदार तरीका है.