'आपमें से किसी ने चंदा दिया है तो रसीद ले आओ', राम मंदिर पर हंगामा कर रहे 'विपक्ष' को स्पीकर सतीश महाना की चुनौती
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर चर्चा की मांग को लेकर यूपी विधानसभा में हंगामा हुआ. इस दौरान स्पीकर ने विपक्षी सुहैब अंसारी, उमर अली शाहिद मंजूर को चुनौती दी कि अगर तीनों में से किसी ने राम मंदिर का चंदा दिया है तो रसीद ले आएं...देखें तो कि उनका कौन सा पैसा चोरी हुआ है.
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उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन अयोध्या के रामलला चढ़ावा विवाद पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया. समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सदन के भीतर और बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का सदन में की गई एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है.
इस दौरान सदन में हंगामे के बीच में उन्होंने कहा कि उनका भी एक निवेदन सुन लिया जाए. उन्होंने आगे कहा कि,
कितना अच्छा लग रहा है, संतोष हो रहा है कि सुहैब अंसारी राम मंदिर की बात कर रहे हैं.
उमर अली राम मंदिर की बात कर रहे हैं.
शाहिद मंजूर राम मंदिर की बात कर रहे हैं...?
उन्होंने इस दौरान चुनौती देते हुए कहा कि आपमें से किसी ने भी चंदा दिया हो तो रसीद लेकर आ सदन में जाओ...जरा देखें तो सही कि आपका कौन सा पैसा चोरी हुआ है. आपने शुरू से लेकर अंत तक राम मंदिर के निर्माण का विरोध ही किया है.
इतना ही नहीं सदन में राम मंदिर के निर्माण पर टिप्पणी कर रहे अनिल प्रधान को लेकर भी उन्होंने कहा 'अनिल प्रधान तुम पैदा भी नहीं हुए थे जब मंदिर बना था.'
इसी बीच त्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा पूरे दिन सदन की कार्यवाही पर हावी रहा. समाजवादी पार्टी के विधायकों ने अनुपूरक बजट पर चर्चा से पहले इस मामले पर बहस की मांग को लेकर लगातार हंगामा किया, जबकि सरकार निर्धारित कार्यसूची के अनुसार सदन चलाने पर अड़ी रही.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के दौरान विरोध प्रदर्शन तेज होने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया. विधायक को सदन से बाहर ले जाने के दौरान मार्शलों और विपक्षी सदस्यों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. हंगामे के बीच वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया.
"सुहैब अंसारी, उमर अली, शाहिद मंजूर राम मंदिर की बात कर रहे हैं, कितना अच्छा लग रहा, लेकिन आपमें से किसी ने भी चंदा दिया हो तो रसीद लेकर आ सदन में जाओ...जरा देखें तो सही कि आपका कौन सा पैसा चोरी हुआ है. आपने शुरू से लेकर अंत तक राम मंदिर के निर्माण का विरोध ही किया है..."
-सतीश… pic.twitter.com/KFl5ldjHrL— NMF NEWS (@NMFNewsNational) August 4, 2026Advertisement
सरकार ने विपक्ष के विरोध के बावजूद विधायी कार्य आगे बढ़ाए, जबकि समाजवादी पार्टी राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर तत्काल चर्चा कराने की मांग पर अड़ी रही. दिनभर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होती रही. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग उठाई. अनुमति नहीं मिलने पर समाजवादी पार्टी के सदस्य वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी.
लगातार व्यवधान के चलते कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी. दोपहर में कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अनुपूरक बजट पेश किया. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बजट पर चर्चा का जवाब देने के लिए खड़े हुए तो विपक्ष ने फिर नारेबाजी शुरू कर दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुपूरक बजट पर चर्चा प्रदेश की 25 करोड़ जनता के विकास और जनहित से जुड़े विषयों के लिए निर्धारित थी तथा इसका एजेंडा पहले से तय था. उन्होंने कहा कि सरकार सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने लोकतांत्रिक विमर्श के बजाय व्यवधान का रास्ता चुना.
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के व्यवहार को असंवैधानिक और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताते हुए कहा कि सदन जनता की समस्याओं के समाधान का मंच है, लेकिन विपक्ष उसका बहुमूल्य समय नष्ट कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहा है. मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान फिरोजाबाद की जसराना सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव ने विरोध स्वरूप पोस्टर लहराया.
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इसे सदन की गरिमा के प्रतिकूल बताते हुए पहले उन्हें चेतावनी दी. इसके बाद भी विरोध जारी रहने पर अध्यक्ष ने सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित करने की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति होने पर विशेषाधिकार समिति के माध्यम से सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा.
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विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर मार्शल विधायक को सदन से बाहर ले जाने पहुंचे तो विपक्षी सदस्य उनके समर्थन में आ गए. इस दौरान मार्शलों और कुछ विधायकों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिससे सदन का माहौल और तनावपूर्ण हो गया. स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.