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सरकार के 3 लिखित आश्वासनों के बाद माने सोनम वांगचुक, जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद तोड़ा अनशन; जारी किया वीडियो

नीट पेपर लीक मुद्दे पर 26 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने सरकार के लिखित आश्वासन के बाद केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के पश्चात अपना अनशन समाप्त कर दिया.

सरकार के 3 लिखित आश्वासनों के बाद माने सोनम वांगचुक, जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद तोड़ा अनशन; जारी किया वीडियो
Image Source: X/ @Wangchuk66
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नीट पेपर लीक मुद्दे पर शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ बीते 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है. सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने का फैसला केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद लिया. इसे लेकर सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है. बता दें कि गुरुवार देर रात करीब 11:30 बजे सरकार का संदेश लेकर दोनों मंत्री गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे थे.

दरअसल, सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के समर्थन में 28 जून को अनशन शुरू किया था. इसी बीच तबीयत खराब होने के बाद सोनम को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. छात्रों के लगातार बढ़ते आक्रोश को देखते हुए केंद्र सरकार बीते कुछ दिनों से लगातार उनसे संवाद और मामले के समाधान के लिए लगातार कदम उठा रही है. इसी कड़ी में एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार की देर छात्रों के नाम वीडियो संदेश जारी किया, तो वहीं दूसरी तरफ केंद्र की राजनीति में प्रभाव रखने वाले दो मंत्रियों ने वांगचुक से मुलाकात कर उनका अनशन तुड़वाया.

सोनम वांगचुक ने क्या कहा?

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह तथा लेह-लद्दाख की सर्वोच्च समिति के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में मैंने 26 दिनों के बाद अपना अनशन तोड़ा. इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर मुझसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया था. यह देश में संभावित हिंसा को देखते हुए और विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद किया गया. मैं जल्द ही एक अलग वीडियो में इन शर्तों का विस्तार से वर्णन करूंगा. इस बीच, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें.'

सरकार ने वांगचुक को दिया 3 लिखित आश्वासन 

सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन में तीन प्रमुख बिंदुओं का जिक्र किया गया है. पहला, जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों और 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी. दूसरा, पेपर लीक पर रोक लगाने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए संसद में व्यापक चर्चा कर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. तीसरा, हालिया नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने के मुद्दे पर सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाने का भरोसा दिया है.

PM मोदी ने जारी किया वीडियो संदेश 

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इससे पहले गुरुवार की देर रात पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी करके देश के युवाओं, छात्रों और अभिभावकों से पेपर लीक पर रोक लगाने से जुड़े बड़े कदम उठाने की जानकारी दी थी. पीएम मोदी ने कहा कि इससे जुड़ा एक मसौदा शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में पेश किया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि मैं जानता हूं कि पेपर लीक मामूली विषय नहीं है. लाखों छात्र और उनके अभिभावकों के लिए बहुत ही पीड़ादायक है इसलिए पेपर लीक की घटना से निपटने को लेकर अब तक पिछले ढाई महीने में अनेक कदम उठाए गए. गुनाहगारों को पकड़ा गया है, वे जेल में हैं. हमारा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मा था कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो.

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बहरहाल, 26 दिनों से जारी इस अनशन के खत्म होने के साथ ही सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद की नई शुरुआत हुई है. अब सभी की नजरें सरकार के लिखित आश्वासनों, कैबिनेट के फैसले और संसद में पेपर लीक पर प्रस्तावित कानून को लेकर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं.

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