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'देखते ही गोली मार दो...', सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के ऐलान से मचा हड़कप, कहा - उत्पात मचाने वालों की खैर नहीं

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के ऐलान से हड़कंप मच गया है. उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि प्रदेश के धुबरी जिले में दुर्गा पूजा तक शूट-एट-साइट यानी देखते ही गोली मारने का आदेश जारी रहेगा.

'देखते ही गोली मार दो...', सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के ऐलान से मचा हड़कप, कहा - उत्पात मचाने वालों की खैर नहीं
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असम के धुबरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद 13 जून से लागू 'देखते ही गोली मारने' का आदेश दुर्गा पूजा के दौरान भी लागू रहेगा. इस बात की जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दी है. उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर किसी भी तरह का कोई भी दंगाई उत्पात मचाते नजर आया, तो उसे सीधे गोली मार दी जाएगी. इस दौरान उन्होंने कहा कि धुबरी में सनातन धर्म के अल्पसंख्यक लोग हैं. ऐसे में कट्टरपंथियों से उन सभी की रक्षा करना सरकार की पहली प्राथमिकता है. बता दें कि हिमंत बिस्वा सरमा ने 13 जून को धुबरी का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने ऐलान किया था कि बांग्लादेश की सीमा से लगे धुबरी जिले में  'देखते ही गोली मारने' के आदेश लागू होंगे.

'28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाया जाएगा दुर्गा पूजा त्योहार'

इस साल नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर से हो रही है. हिंदुओं के इस पवित्र त्योहार पर प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी असम के धुबरी इलाके में हिंदुओं द्वारा 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा का त्योहार मनाया जाएगा, ऐसे में बांग्लादेश बॉर्डर से सटे इस जिले की सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. बता दें कि यह राज्य का ऐसा इलाका है, जहां हिंदू की आबादी काफी कम है. यही वजह है कि असम के मुख्यमंत्री ने 'शूट-एट-साइट' का आदेश बढ़ा दिया है. 

'देखते ही गोली मारने का आदेश जारी रहेगा'

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26 अगस्त को कोकराझार में एक कार्यक्रम के दौरान असम के सीएम सरमा ने अपने आदेश कहा कि 'धुबरी में कोई अशांति या हिंसा की घटना नहीं हुई है, लेकिन दुर्गा पूजा के दौरान देखते ही गोली मारने के आदेश जारी रहेंगे.' उन्होंने स्पष्ट कहा कि 'धुबरी में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.'

13 जून से अब तक 150 असामाजिक तत्वों की हुई गिरफ्तारी 

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बता दें कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बीते 13 जून को धुबरी का दौरा किया था. उस दौरान उन्होंने ऐलान किया था कि बांग्लादेश की सीमा से लगे धुबरी जिले में देखते ही गोली मारने के आदेश लागू होंगे. सरमा ने कहा था कि यहां एक सांप्रदायिक समूह जिले में गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश कर रहा है, जिसे सरकार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी. वहीं 10 दिन बाद फिर से उन्होंने इस जिले का दौरा किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि 13 जून से अब तक 150 से ज्यादा असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें 11 लोग राज्य के बाहर के हैं.

क्या हुआ था धुबरी में? 

जानकारी के लिए बता दें कि इस साल बकरीद के अगले दिन जिला मुख्यालय में हनुमान मंदिर के सामने एक गाय की खोपड़ी मिली थी, जिसकी वजह से जिले में तनाव फैल गया था. यहां कई असामाजिक तत्वों ने सांप्रदायिक अशांति फैलाने की कोशिश की थी. इन सभी की मंशा हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के बीच दंगे कराने की थी, लेकिन दोनों ही समुदाय के लोगों ने शांति और सद्भाव की अपील की. वहीं इस घटना के अगले दिन ही मंदिर के सामने फिर से एक गाय का सिर रखा मिला और पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं थीं. 

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इस घटना पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने क्या कहा था?  

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इस घटना पर 8 जून को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'बकरीद के त्योहार के दौरान कई जगहों पर कथित तौर पर अवैध रूप से मवेशियों का वध किया गया. असम में कई जगहों पर मांस के कुछ हिस्से फेंके गए. सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने और सभी सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और शांति भंग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.'

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